4 अगस्त 2026
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नागेंद्र की कैबिनेट वापसी पर BJP का वार: 'कांग्रेस ने ₹89.62 करोड़ घोटाले से जुड़े नेता को दिया इनाम'

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नागेंद्र की कैबिनेट वापसी पर BJP का वार: 'कांग्रेस ने ₹89.62 करोड़ घोटाले से जुड़े नेता को दिया इनाम'

सारांश

BJP नेता आर. अशोक ने बी. नागेंद्र की कर्नाटक कैबिनेट में वापसी को ₹89.62 करोड़ के कथित आदिवासी कल्याण घोटाले से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उनका सवाल है — क्या कांग्रेस ने जवाबदेही तय की या राजनीतिक मजबूरी में इनाम दिया?

मुख्य बातें

अशोक ने 4 अगस्त को बी.
नागेंद्र की कर्नाटक कैबिनेट में वापसी पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया।
अशोक ने आरोप लगाया कि महर्षि वाल्मीकि एसटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से ₹89.62 करोड़ से अधिक की आदिवासी कल्याण निधि का कथित तौर पर गबन हुआ।
BJP का दावा है कि जाँच रिपोर्ट और चार्जशीट में यह राशि राजनीतिक व चुनावी खर्चों में इस्तेमाल होने का उल्लेख है।
अशोक ने एक दलित अधिकारी की मौत का संदर्भ दिया, जिन्होंने कथित तौर पर घोटाले की अनियमितताओं का जिक्र करने वाला सुसाइड नोट छोड़ा था।
BJP ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह विवादित नेताओं को अस्थायी इस्तीफे के बाद चुपचाप बहाल करती है।

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मंगलवार, 4 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस विधायक बी. नागेंद्र को कर्नाटक कैबिनेट में दोबारा शामिल किए जाने को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 'महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम' के कथित घोटाले से जुड़े एक नेता को पुरस्कृत किया है।

आरोप: आदिवासी कल्याण निधि का कथित दुरुपयोग

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अशोक ने दावा किया कि महर्षि वाल्मीकि एसटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से अनुसूचित जनजाति समुदायों के कल्याण के लिए आवंटित ₹89.62 करोड़ से अधिक की राशि का कथित तौर पर गबन किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जाँच रिपोर्ट और आधिकारिक चार्जशीट से पता चलता है कि यह धनराशि राजनीतिक और चुनावी खर्चों में इस्तेमाल की गई।

अशोक ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने स्वयं विधानसभा में इस घोटाले को स्वीकार किया था — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

दलित अधिकारी की मौत का संदर्भ

BJP नेता ने इस मामले से जुड़े एक दलित अधिकारी की मौत का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, उस अधिकारी ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था जिसमें कथित घोटाले में हुई अनियमितताओं का जिक्र था। यह एक संवेदनशील और गंभीर आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

कांग्रेस पर 'पाखंड' का आरोप

अशोक ने कांग्रेस पर सामाजिक न्याय के मुद्दे पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक सरकार ने पार्टी के 'असली एजेंडे' को उजागर कर दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस विवाद उठने पर नेताओं को इस्तीफा दिलाती है और जब जनता का ध्यान हट जाता है, तो उन्हें चुपचाप बहाल कर देती है।

अशोक ने कहा, 'आप भ्रष्टाचार से लड़ते नहीं हैं, बल्कि उसे संस्थागत बनाते हैं। आप आदिवासी अधिकारों की रक्षा नहीं करते, आप राजनीतिक सत्ता के लिए उनकी बलि देते हैं।'

BJP का सीधा सवाल

अशोक ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए पूछा, 'कर्नाटक एक सीधा सवाल पूछ रहा है — क्या कांग्रेस ने आदिवासियों के कल्याण से जुड़े एक बड़े घोटाले से संबंधित नेता को इसलिए इनाम दिया क्योंकि वह बेगुनाह था, या इसलिए कि वह राजनीतिक रूप से बहुत जरूरी था? देश को जवाब दें।'

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार कई मोर्चों पर विपक्षी दबाव झेल रही है। नागेंद्र की कैबिनेट में वापसी अब राजनीतिक जवाबदेही की बड़ी बहस का केंद्र बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ₹89.62 करोड़ की आदिवासी कल्याण निधि के कथित दुरुपयोग का मामला अदालत और जाँच एजेंसियों के सामने लंबित है — इसलिए इसे महज़ 'आरोप-प्रत्यारोप' तक सीमित करना पर्याप्त नहीं। असली सवाल यह है कि क्या कर्नाटक सरकार ने नागेंद्र को कैबिनेट में वापस लेने से पहले जाँच की स्थिति को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया? अगर नहीं, तो यह पारदर्शिता की कमी है, जो किसी भी दल के लिए असुविधाजनक होनी चाहिए।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बी. नागेंद्र कौन हैं और उन्हें कर्नाटक कैबिनेट में क्यों वापस लिया गया?
बी. नागेंद्र कांग्रेस विधायक हैं जिन्हें महर्षि वाल्मीकि एसटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के कथित घोटाले के बाद कैबिनेट से हटना पड़ा था। हाल ही में उन्हें दोबारा कर्नाटक कैबिनेट में शामिल किया गया है, जिस पर BJP ने तीखी आपत्ति जताई है।
महर्षि वाल्मीकि एसटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाला क्या है?
BJP के अनुसार, इस निगम से अनुसूचित जनजाति समुदायों के कल्याण के लिए आवंटित ₹89.62 करोड़ से अधिक की राशि का कथित तौर पर गबन हुआ और उसे राजनीतिक व चुनावी कार्यों में इस्तेमाल किया गया। यह मामला जाँच एजेंसियों के सामने लंबित बताया जा रहा है।
BJP ने राहुल गांधी को इस मामले में क्यों घेरा?
BJP नेता आर. अशोक ने राहुल गांधी को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय का दावा करती है, लेकिन कथित घोटाले से जुड़े नेता को कैबिनेट में वापस लाकर उसने अपना 'असली एजेंडा' उजागर कर दिया है।
इस मामले में दलित अधिकारी की मौत का क्या संदर्भ है?
BJP नेता अशोक ने दावा किया कि इस कथित घोटाले से जुड़े एक दलित अधिकारी की मौत हुई थी और उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा था जिसमें अनियमितताओं का उल्लेख था। यह एक गंभीर आरोप है जिसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
कांग्रेस की इस मामले में क्या स्थिति है?
स्रोत में कांग्रेस या कर्नाटक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। BJP के सभी आरोप अभी तक एकतरफा हैं और अदालत या जाँच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।
राष्ट्र प्रेस
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