बृजभूषण शरण सिंह का रामदेव पर हमला: 'नकली खाद्य पदार्थ के सम्राट आंदोलन कर रहे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 22 अगस्त को बलिया में मीडिया से बातचीत के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव की आंदोलन की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रामदेव को 'नकली खाद्य पदार्थ का सम्राट' बताते हुए उनके व्यावसायिक तौर-तरीकों और न्यायपालिका की टिप्पणियों का हवाला दिया।
बृजभूषण का सीधा हमला
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'रामदेव केवल बाबा नहीं, बल्कि बहुत बड़े उद्योगपति भी हैं। केवल उनका भेष बाबा वाला है।' उन्होंने आगे कहा कि जिस व्यक्ति के बारे में रोज़ सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय टिप्पणी करते हों, वह आंदोलन खड़ा कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'वह नकली खाद्य पदार्थ के सम्राट हैं। उनके रोज़ नमूने फेल होते हैं और सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय टिप्पणी करते हैं।' बृजभूषण के अनुसार रामदेव को आंदोलन नकली खाद्य पदार्थों के विरुद्ध करना चाहिए, न कि किसी और मुद्दे पर।
अन्ना हजारे आंदोलन का संदर्भ
बृजभूषण शरण सिंह ने अन्ना हजारे के आंदोलन का उल्लेख करते हुए रामदेव पर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि उस आंदोलन में रामदेव अचानक महिला के भेष में आ गए और फिर भाग गए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि रामदेव इस बार आंदोलन करें तो 'दमदारी से करें' और अपनी बात पर दृढ़ रहें।
उनका कहना था, 'इस बार सलवार पहनकर औरतों का भेष बनाकर रात में न भागें — बाबा वाले भेष में आंदोलन करें।' यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से रामदेव के उस प्रकरण की ओर इशारा थी जब वे 2011 के रामलीला मैदान प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर महिला वेश में निकले थे।
नकली खाद्य पदार्थ और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर चिंता
बृजभूषण ने दावा किया कि रामदेव के उत्पादों से जुड़े नकली खाद्य पदार्थों के कारण 'गाँव-गाँव में 5-10 लोग कैंसर के मरीज हैं।' हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'वह अकेले इसके जिम्मेदार नहीं हैं।'
नकली खाद्य पदार्थों की व्यापक समस्या पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सारी जिम्मेदारी सरकार पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने उदाहरण दिया कि देश में इतना दूध ही नहीं है कि सबको एक-एक गिलास असली दूध मिल सके, इसलिए अधिकतर दूध नकली है। उनके अनुसार, 'अगर सरकार सारा काम कर ही देती तो आज ये हालत क्यों होती?'
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि
बृजभूषण शरण सिंह बलिया में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर उनके परिवार को सांत्वना देने पहुँचे थे। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह उनसे उम्र में छोटे थे और 10 वर्ष से उनसे मित्रता थी।
उन्होंने उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे तीन बार लगातार भारी मतों से विधायक बने और बेहद मिलनसार स्वभाव के थे। बृजभूषण ने कहा, 'दूसरे उमाशंकर सिंह पैदा नहीं होंगे — रोज़-रोज़ ऐसे व्यक्तित्व नहीं मिलते।'
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बाबा रामदेव ने एक नए आंदोलन की घोषणा की है और उनकी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद पहले से ही भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की जाँच के दायरे में है। बृजभूषण शरण सिंह स्वयं कुश्ती महासंघ से जुड़े विवाद के बाद सुर्खियों में रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों ही BJP के करीबी माने जाते रहे हैं।