रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह का विवाद समाप्त, दिल्ली प्रेस कॉन्फ्रेंस में गलतफहमी दूर
सारांश
मुख्य बातें
योग गुरु स्वामी रामदेव और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच हाल के दिनों में उभरा विवाद 23 सितंबर 2026 को समाप्त हो गया, जब दोनों ने नई दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुलाकात कर बातचीत के बाद सभी गलतफहमियाँ दूर होने की घोषणा की। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उनके बीच कोई विवाद शेष नहीं है।
विवाद की पृष्ठभूमि
कुछ दिन पूर्व बृजभूषण शरण सिंह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में स्वामी रामदेव, पतंजलि के उत्पादों और उसके ब्रांड को लेकर कुछ टिप्पणियाँ की थीं, जिसके बाद दोनों के बीच मतभेद की चर्चाएँ तेज़ हो गई थीं। गौरतलब है कि बृजभूषण शरण सिंह कुश्ती महासंघ विवाद के बाद से सुर्खियों में रहे हैं और राजनीतिक-सामाजिक हलकों में उनकी सक्रियता बनी हुई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या हुआ
स्वामी रामदेव ने बुधवार को कहा कि बृजभूषण शरण सिंह को कुछ गलतफहमी हो गई थी, लेकिन लंबी बातचीत के बाद पूरे मामले की सच्चाई उनके सामने आ गई। रामदेव ने कहा, 'आज उन्होंने भी पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया। हम उनका तहेदिल से धन्यवाद करते हैं। किसी भी कारण से विवाद पैदा हो जाए तो उसे वहीं समाप्त कर देना चाहिए।'
रामदेव ने आगे कहा कि बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वह संतों, सनातन और देश के लिए काम करने वाले लोगों का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, 'हम साधु हैं, किसी बात को बढ़ाना नहीं चाहते। हमारा लक्ष्य केवल सेवा है।'
स्वास्थ्य अफवाहों का खंडन
उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी रामदेव ने अपने स्वास्थ्य को लेकर फैलाई जा रही खबरों का भी खंडन किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों में उनके हार्ट, हर्निया, घुटने और दाँत के ऑपरेशन जैसी झूठी बातें प्रसारित की जा रही हैं, जबकि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
पतंजलि उत्पादों पर आरोपों का जवाब
पतंजलि के गाय के घी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए रामदेव ने कहा, 'न तो पतंजलि का गाय का घी नकली है, न हमारी दवाइयाँ और न ही स्वामी रामदेव नकली हैं।' उन्होंने मीडिया को सुझाव दिया कि घी के दो ढक्कन ले जाएँ — एक खाने के लिए और दूसरा लैब में जाँच के लिए — ताकि वैज्ञानिक परीक्षण से सच्चाई सामने आ सके।
रामदेव ने यह भी दावा किया कि पतंजलि और स्वदेशी अभियान को विदेशी कंपनियों को चुनौती देने के उद्देश्य से आरंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और देशी नस्ल की गायों के संरक्षण तथा दुग्ध उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए पतंजलि निरंतर काम कर रही है।
आयुर्वेद पर रामदेव का दावा
रामदेव ने आयुर्वेद को लेकर कहा कि पिछले करीब 30 वर्षों में हज़ारों शोधपत्रों और 10,000 से अधिक रिसर्च के आधार पर आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ आगे बढ़ाया गया है। उनके अनुसार, आयुर्वेद ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लाखों लोगों की मदद की है। यह विवाद-समाधान ऐसे समय में आया है जब पतंजलि पहले से ही भ्रामक विज्ञापन मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की निगाहों में रही है, और कंपनी की साख को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की दिशा और स्वरूप स्पष्ट होगा।