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बसपा भाजपा की 'बी टीम' बनकर रह गई, यूपी में जनाधार खत्म: सपा विधायक रविदास मल्होत्रा

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बसपा भाजपा की 'बी टीम' बनकर रह गई, यूपी में जनाधार खत्म: सपा विधायक रविदास मल्होत्रा

सारांश

सपा विधायक रविदास मल्होत्रा ने बसपा को सीधे BJP की 'बी टीम' करार दिया और दावा किया कि बसपा का दलित वोट बैंक अब सपा के साथ है। आकाश आनंद प्रकरण को उन्होंने बसपा की अंदरूनी कमज़ोरी का प्रमाण बताया। यूपी 2027 से पहले यह बयान इंडिया गठबंधन की रणनीति और बसपा के भविष्य दोनों पर बड़े सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

सपा विधायक रविदास मल्होत्रा ने 3 सितंबर को लखनऊ में बसपा को BJP की 'बी टीम' बताया।
मल्होत्रा का दावा — बसपा का पारंपरिक दलित वोट बैंक अब समाजवादी पार्टी के साथ आ चुका है।
आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी न देने के मायावती के फैसले को BJP-विरोधी आवाज़ दबाने की कोशिश बताया।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ जितेंद्र मिश्रा से कथित संपत्ति अनियमितताओं की न्यायिक निगरानी में जांच की मांग।
सपा-कांग्रेस सीट बंटवारे का अंतिम निर्णय अखिलेश यादव , मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी करेंगे।

समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मल्होत्रा ने 3 सितंबर को लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि बसपा भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'बी टीम' की भूमिका निभा रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बसपा का जनाधार पूरी तरह समाप्त हो चुका है और आगामी विधानसभा चुनाव में सपा अकेले दम पर सरकार बनाने में सक्षम है।

आकाश आनंद विवाद पर मल्होत्रा का निशाना

बसपा प्रमुख मायावती ने हाल ही में कहा था कि उनके भतीजे आकाश आनंद को फिलहाल पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी और उन्हें राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की आवश्यकता है। इस बयान पर मल्होत्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि बसपा में जो भी नेता BJP के विरुद्ध मुखर होता है, उसका कद घटा दिया जाता है या उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाता है। उनके अनुसार, आकाश आनंद लगातार BJP के खिलाफ बोलते रहे, इसीलिए उन्हें 'अपरिपक्व' करार दिया जा रहा है।

बसपा का दलित वोट बैंक सपा के साथ: मल्होत्रा

मायावती के यूपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने के ऐलान पर मल्होत्रा ने कहा कि बसपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भी इसी प्रकार के दावे किए थे, परंतु परिणाम सबके सामने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा का पारंपरिक दलित वोट बैंक अब सपा के पाले में आ चुका है और प्रदेश में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में जनमत बन रहा है।

राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ पर सवाल

राम मंदिर ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर मल्होत्रा ने कहा कि नए सीईओ की पहली प्राथमिकता मंदिर से जुड़े चंदे और कथित संपत्ति संबंधी अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मंदिर के चढ़ावे, आभूषण और अन्य कीमती सामान से जुड़े मामलों की जांच उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।

इंडिया गठबंधन और सीट बंटवारे पर रुख

कांग्रेस नेताओं इमरान मसूद और राजेंद्र पाल गौतम की सम्मानजनक एवं बराबरी के आधार पर सीट बंटवारे की मांग पर मल्होत्रा ने कहा कि सपा यूपी में अकेले सरकार बनाने में सक्षम है, लेकिन गैर-BJP वोटों के विभाजन को रोकने के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे का अंतिम निर्णय अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मिलकर करेंगे। मल्होत्रा ने पार्टी नेताओं को सलाह दी कि सीट शेयरिंग जैसे संवेदनशील विषय पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचा जाए।

मल्होत्रा ने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मिली सफलता में सपा गठबंधन की निर्णायक भूमिका रही थी। सपा और कांग्रेस के मिलकर चुनाव लड़ने से गैर-BJP वोटों का विभाजन रोका जा सकता है और इंडिया गठबंधन की सरकार का रास्ता साफ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने इस आरोप को कुछ तथ्यात्मक आधार दिया। लेकिन आलोचकों का कहना है कि सपा स्वयं जाति-केंद्रित राजनीति से मुक्त नहीं है — इसलिए बसपा पर 'बी टीम' का ठप्पा लगाना सुविधाजनक तो है, पर पूरी तस्वीर नहीं। राम मंदिर ट्रस्ट की जांच की मांग इस बयान को एक नया आयाम देती है, जो दर्शाता है कि विपक्ष अब धार्मिक संस्थाओं की जवाबदेही को भी चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रविदास मल्होत्रा ने बसपा को BJP की 'बी टीम' क्यों कहा?
सपा विधायक रविदास मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि बसपा में जो नेता BJP के विरुद्ध बोलते हैं, उनका कद घटाया जाता है या उन्हें पार्टी से निकाला जाता है। आकाश आनंद के मामले को उन्होंने इसी प्रवृत्ति का उदाहरण बताया।
आकाश आनंद और मायावती के बीच क्या विवाद है?
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि आकाश आनंद को अभी पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी और उन्हें राजनीतिक परिपक्वता की ज़रूरत है। मल्होत्रा के अनुसार, यह फैसला इसलिए आया क्योंकि आकाश आनंद लगातार BJP के खिलाफ बोलते रहे हैं।
यूपी 2027 चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन होगा?
मल्होत्रा ने कहा कि सपा अकेले सरकार बनाने में सक्षम है, लेकिन गैर-BJP वोटों के विभाजन को रोकने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन पर विचार हो सकता है। सीट बंटवारे का अंतिम फैसला अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मिलकर करेंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ जितेंद्र मिश्रा से क्या मांग की गई है?
मल्होत्रा ने मांग की कि नए सीईओ जितेंद्र मिश्रा मंदिर के चंदे और कथित संपत्ति अनियमितताओं की जांच उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई संपत्ति गायब हुई है तो उसे बरामद किया जाए।
क्या बसपा का दलित वोट बैंक वाकई कमज़ोर हुआ है?
मल्होत्रा के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा के खराब प्रदर्शन से स्पष्ट है कि उसका पारंपरिक दलित वोट बैंक सपा के साथ चला गया है। हालांकि, यह सपा का दावा है — बसपा का पक्ष इससे अलग है।
राष्ट्र प्रेस
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