28 अक्टूबर 2026
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कैबिनेट के दो बड़े फैसले: ₹10,000 करोड़ की कंटेनर विनिर्माण योजना और PM विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी

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कैबिनेट के दो बड़े फैसले: ₹10,000 करोड़ की कंटेनर विनिर्माण योजना और PM विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी

सारांश

28 अक्टूबर को मोदी कैबिनेट ने दो बड़े दांव खेले — ₹10,000 करोड़ की CMPS से कंटेनर उत्पादन क्षमता दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य और ₹7,395 करोड़ की PM-VGSY से गाँवों में स्थानीय शासन को मज़बूती देने की कोशिश। गडकरी और चौहान ने एक्स पर फैसलों का विस्तार साझा किया।

मुख्य बातें

कैबिनेट ने 28 अक्टूबर 2026 को कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) को ₹10,000 करोड़ के बजट के साथ मंजूरी दी, जो वित्त वर्ष 2039-40 तक लागू रहेगी।
CMPS का लक्ष्य वार्षिक कंटेनर उत्पादन क्षमता को लगभग दस गुना बढ़ाकर 7.5 लाख TEU करना है।
इस योजना से 3,000 प्रत्यक्ष और 50,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है।
PM विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM-VGSY) को ₹7,395.55 करोड़ के परिव्यय के साथ स्वीकृति दी गई; इसका उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण शासन को सशक्त करना है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट कर दोनों योजनाओं की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर 2026 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दो महत्त्वपूर्ण योजनाओं को हरी झंडी दी गई — कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) और प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM-VGSY)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए इन निर्णयों की जानकारी साझा की।

कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) — क्या है और क्यों ज़रूरी है

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि कैबिनेट ने भारत में विश्व-स्तरीय प्रतिस्पर्धी कंटेनर निर्माण इकोसिस्टम स्थापित करने के लिए कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) को मंजूरी दी है। इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2039-40 तक ₹10,000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

गडकरी के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित यह योजना ब्याज पर सब्सिडी, परिचालन व्यय में सहायता, और टेस्टिंग तथा सर्टिफिकेशन के माध्यम से नई विनिर्माण इकाइयों और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को प्रोत्साहित करेगी। इसका लक्ष्य वार्षिक घरेलू विनिर्माण क्षमता को लगभग दस गुना बढ़ाकर 7.5 लाख TEU (बीस-फुट समतुल्य इकाई) तक पहुँचाना है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत कंटेनर उत्पादन में आयात पर भारी निर्भर रहा है और वैश्विक लॉजिस्टिक्स व्यवधानों ने देश की समुद्री आपूर्ति श्रृंखला की कमज़ोरियाँ उजागर की थीं। इस पहल से 3,000 प्रत्यक्ष और 50,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।

PM विकसित ग्राम स्वराज योजना — ग्रामीण शासन को नई दिशा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि कैबिनेट ने ₹7,395.55 करोड़ के परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM-VGSY) को भी स्वीकृति दी है। चौहान के अनुसार यह योजना स्थानीय स्तर पर प्रशासन को मज़बूत करने और गाँवों के समग्र विकास को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गौरतलब है कि ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह केंद्र सरकार का एक और कदम है। पंचायती राज संस्थाओं को अधिक स्वायत्तता देने की माँग लंबे समय से विभिन्न राज्यों और विशेषज्ञों की ओर से उठती रही है।

समुद्री और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर असर

CMPS के तहत सरकार का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक कंटेनर निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना है। आयात पर निर्भरता घटाने और समुद्री तथा लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने के लक्ष्य के साथ, यह योजना 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की रणनीति का विस्तार मानी जा रही है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक कंटेनर बाज़ार में चीन का दबदबा तोड़ने के लिए भारत को दीर्घकालिक नीतिगत निरंतरता की ज़रूरत होगी।

आगे क्या होगा

दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा संबंधित मंत्रालयों द्वारा शीघ्र जारी किए जाने की उम्मीद है। CMPS के तहत पात्र विनिर्माण इकाइयों के लिए आवेदन प्रक्रिया और PM-VGSY के अंतर्गत लाभान्वित ग्राम पंचायतों के चयन मानदंड पर स्पष्टता अभी बाकी है। इन फैसलों पर उद्योग जगत और ग्रामीण विकास क्षेत्र की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में सामने आएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह योजना उसी अंतर को भरने की कोशिश है। लेकिन 'दस गुना क्षमता वृद्धि' का लक्ष्य महत्त्वाकांक्षी है — वैश्विक बाज़ार में चीन की प्रभुता को चुनौती देना केवल सब्सिडी से नहीं, बल्कि तकनीकी कौशल और दीर्घकालिक माँग की गारंटी से होगा। PM-VGSY पंचायती राज की पुरानी माँग को संबोधित करती है, परंतु ₹7,395 करोड़ के वास्तविक वितरण और स्थानीय निकायों की जवाबदेही के तंत्र का खुलासा अभी बाकी है — इन्हीं बिंदुओं पर योजना की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) क्या है?
CMPS भारत में विश्व-स्तरीय कंटेनर निर्माण इकोसिस्टम विकसित करने के लिए 28 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई योजना है, जिसके लिए वित्त वर्ष 2039-40 तक ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह योजना केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित की गई थी।
CMPS से कितने रोज़गार पैदा होंगे?
सरकार के अनुसार इस पहल से 3,000 प्रत्यक्ष और 50,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है। योजना के तहत नई और मौजूदा विनिर्माण इकाइयों दोनों को ब्याज सब्सिडी एवं परिचालन सहायता मिलेगी।
PM विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM-VGSY) का उद्देश्य क्या है?
PM-VGSY का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ग्रामीण प्रशासन को सशक्त करना और गाँवों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इसे ₹7,395.55 करोड़ के परिव्यय के साथ कैबिनेट ने 28 अक्टूबर 2026 को मंजूरी दी है।
CMPS से भारत की कंटेनर क्षमता कितनी बढ़ेगी?
योजना के अनुसार वार्षिक घरेलू कंटेनर विनिर्माण क्षमता को लगभग दस गुना बढ़ाकर 7.5 लाख TEU (बीस-फुट समतुल्य इकाई) तक पहुँचाने का लक्ष्य है। इससे आयात पर निर्भरता घटाने और भारत को वैश्विक कंटेनर निर्यात केंद्र बनाने की कोशिश की जाएगी।
इन कैबिनेट फैसलों की जानकारी किसने दी?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने CMPS और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने PM-VGSY की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर साझा की। दोनों ने योजनाओं के उद्देश्यों और वित्तीय आवंटन का विस्तार से उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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