सीबीआई कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी घोटाले में आठ अधिकारियों को सुनाई सजा

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सीबीआई कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी घोटाले में आठ अधिकारियों को सुनाई सजा

सारांश

उत्तराखंड के देहरादून में सीबीआई कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी घोटाले में कई अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई। जानें पूरी कहानी और इसके असर पर।

Key Takeaways

  • पीडब्ल्यूडी घोटाला ₹55 लाख का है।
  • कोर्ट ने आठ अधिकारियों को दोषी ठहराया।
  • उन्हें दो साल की कठोर सजा मिली।
  • यह मामला 2001-2002 का है।
  • सीबीआई ने 2003 में मुकदमा दर्ज किया।

देहरादून, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के देहरादून में स्थित सीबीआई कोर्ट ने 55 लाख रुपए के पीडब्ल्यूडी घोटाले से जुड़े मामले में कई अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। केंद्रीय एजेंसी ने इस संबंध में जानकारी दी।

सीबीआई द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि कोर्ट ने हरिद्वार के पीडब्ल्यूडी विभाग के एलडीसी दीपक कुमार वर्मा, मदान पाल (मेट), मणि राम (बेलदार), सुरेंद्र कुमार कौशिक (ड्राइवर), कासिम (रिटायर्ड बेलदार), रूड़की के यूडीसी सुखपाल सिंह, रोलर ड्राइवर चतर सिंह और हरिद्वार के सहायक कोषाधिकारी पालू दास को घोटाले में दोषी पाया गया। उन्हें दो साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है, साथ ही 2.85 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

इस मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 7 मई 2003 को एक आदेश जारी किया था, जिसके आधार पर 9 अगस्त 2003 को सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया।

आरोप था कि 2001–2002 के दौरान हरिद्वार पीडब्ल्यूडी के कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच मिलीभगत से फर्जी और बिना अनुमति के चेक जारी कर सरकारी धन की अवैध निकासी की गई, जिसकी कुल राशि 55,10,511 थी।

जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 15 जून 2005 को 12 सरकारी कर्मचारियों और 08 प्राइवेट लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की। ट्रायल के दौरान 4 आरोपियों, यानी रवींद्र श्रीवास्तव, सुखचंद त्यागी, धर्मेंद्र कुमार भटनागर और इलमचन की मृत्यु हो गई।

अंत में, कोर्ट ने बाकी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि एक निजी व्यक्ति प्रदीप कुमार वर्मा को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।

Point of View

जिसमें सरकारी धन की अवैध निकासी के आरोप हैं। सीबीआई की कार्रवाई ने यह साबित किया है कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

पीडब्ल्यूडी घोटाले का मुख्य आरोप क्या था?
इस घोटाले में अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से फर्जी चेक जारी कर सरकारी धन की अवैध निकासी की गई थी।
सीबीआई कोर्ट ने कितने अधिकारियों को दोषी ठहराया?
सीबीआई कोर्ट ने कुल आठ अधिकारियों को दोषी ठहराया है।
इन अधिकारियों को कितनी सजा सुनाई गई?
इन अधिकारियों को दो साल के कठोर कारावास और 2.85 लाख रुपए का जुर्माना सुनाया गया।
इस मामले में कब मुकदमा दर्ज हुआ?
सीबीआई ने 9 अगस्त 2003 को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया।
क्या इस मामले में किसी की मौत हुई?
हाँ, ट्रायल के दौरान चार आरोपियों की मृत्यु हो गई।
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