CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'सार्वजनिक महाभियोग': मीरा कुमार करेंगी अध्यक्षता, रामलीला मैदान में होगा कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'सार्वजनिक महाभियोग' कार्यक्रम की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने 29 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि यह महाभियोग-शैली का कार्यक्रम नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित किया जाएगा और इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी।
कार्यक्रम की संरचना और प्रक्रिया
ब्रिटास ने बताया कि इस आयोजन में एक औपचारिक महाभियोग-शैली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। राज्यसभा में विपक्ष के नेता प्रस्ताव पेश करेंगे, जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता चर्चा का समापन करेंगे। विभिन्न दलों के प्रतिनिधि और नागरिक समाज के नुमाइंदे भी इसमें भाग लेंगे।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि विशेष पहचान रजिस्टर (SIR) से प्रभावित नागरिक अपने साक्ष्य इस मंच पर प्रस्तुत करेंगे। ब्रिटास के अनुसार, 'यह जनता की आकांक्षाओं को दर्शाएगा।'
इंडिया गठबंधन की बैठक में हुई चर्चा
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माजी ने बताया कि गठबंधन दलों की बैठक में गुरुवार के कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, 'सभी दलों ने अपने विचार और राय रखी। रामलीला मैदान में होने वाला यह कार्यक्रम काफी ऐतिहासिक होगा।'
माजी ने युवाओं की बेरोज़गारी का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, 2 करोड़ युवाओं को रोज़गार देने का वादा पूरा नहीं हुआ, सेना की नौकरियाँ अग्निवीर योजना के तहत घटाकर तीन साल कर दी गई हैं, और ऑनलाइन शॉपिंग के विस्तार ने छोटे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित की है। उन्होंने कहा, 'रोज़गार खत्म हो रहे हैं, नौकरियाँ गायब हो रही हैं और हम एआई के युग में हैं।'
कांग्रेस का बयान और तैयारियों का दावा
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि कार्यक्रम की तैयारियाँ बहुत अच्छी हैं। उन्होंने बताया, 'कौन क्या बोलेगा, हर बिंदु पर हमने बात की। इंडिया गठबंधन के ज़्यादातर नेता वहाँ मौजूद थे।'
खेड़ा ने विधान परिषद (MLC) चुनाव परिणामों के संदर्भ में आरोप लगाया कि तेलंगाना सहित कई राज्यों में ट्रेनें रद्द की गईं, बसें रोकी गईं और प्रमुख कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कथित तौर पर परेशान किया।
रैली की तुलना और दोहरे मापदंड का आरोप
खेड़ा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ' रैली पर निशाना साधते हुए कहा कि BJP ने अपनी रैली बुधवार को निकाली — जब बाज़ार खुले थे — जबकि कांग्रेस और विपक्ष की रैली रविवार को है, जब बाज़ार बंद होते हैं। उन्होंने सवाल किया, 'बंद बाज़ार में रैली पर आपत्ति है, लेकिन खुले बाज़ार में रैली करने पर नहीं — यह दोहरे मापदंड पूरे देश ने देखे हैं।'
आगे क्या होगा
गठरबंधन के सूत्रों के अनुसार, रामलीला मैदान का कार्यक्रम बृहस्पतिवार को निर्धारित है। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों और कई नागरिक समाज संगठनों में असंतोष बढ़ रहा है। गौरतलब है कि यह औपचारिक महाभियोग नहीं है — संवैधानिक रूप से CEC को केवल संसद की प्रक्रिया के ज़रिये हटाया जा सकता है — परंतु इंडिया गठबंधन इसे जनमत की अभिव्यक्ति के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।