केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह: माओवादी और नक्सली हिंसा का अंत नजदीक है
सारांश
Key Takeaways
- माओवादी और नक्सली हिंसा का अंत नजदीक है।
- 2014 के बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य जारी हैं।
- 596 मजबूत पुलिस स्टेशन स्थापित किए गए हैं।
- नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में कमी आई है।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त करने पर चल रही चर्चाओं में सरकार का पक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज मैं इस मंच से देशवासियों को यह बताने आया हूं कि माओवादी और नक्सली हिंसा करने वालों के दिन अब समाप्त हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि 5 जुलाई 2011 को नंदिनी सुंदर और अन्य ने सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाली पीठ ने नक्सलियों के खिलाफ राज्य की कार्रवाई को अवैध करार दिया और उन्हें हथियार लौटाने का आदेश दिया। इसके बाद, नक्सलियों ने सलवा जुडूम से जुड़े लोगों को लक्षित कर उनकी हत्या कर दी। बाद में, उन्हीं न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष ने उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित किया था।
उन्होंने उल्लेख किया कि 2014 के बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की शुरुआत हुई। सड़कें, अस्पताल, बैंक शाखाएं, एटीएम, मोबाइल नेटवर्क, डाकघर, एकलव्य आदर्श विद्यालय, आईटीआई और अन्य अवसंरचनात्मक विकास कार्य प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए हैं।
उन्होंने कहा कि 2014 से इस क्षेत्र में 17,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण अनुमोदित किया गया, जिनमें से 12,000 किलोमीटर का निर्माण पहले ही संपन्न हो चुका है। यह प्रगति नक्सली गतिविधियों में आई उल्लेखनीय कमी के कारण संभव हो पाई है, जो पहले सड़कों को नष्ट करने के लिए आईईडी का उपयोग करते थे। इन परियोजनाओं में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इसके अलावा, लगभग 6,000 करोड़ रुपये की लागत से 5,000 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं, जिससे इस क्षेत्र को अन्य भागों से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद, मैं वहां गया था। भाजपा की सरकार ने समर्थन देने का पूरा विश्वास दिलाया, साझा रणनीति बनाई गई और 24 अगस्त 2024 को मैंने घोषणा की थी कि मार्च 2026 तक हम नक्सलवाद को देश से समाप्त कर देंगे। इसके बाद सुरक्षा घेरे में वृद्धि की गई। पीएम मोदी के 11 वर्षों के शासन में 596 मजबूत पुलिस स्टेशन स्थापित किए गए। नक्सल प्रभावित जिले जो 2014 में 126 थे, अब सिर्फ दो रह गए हैं। सबसे प्रभावित जिले 2014 में 35 थे, अब शून्य हैं। ये सभी सफलताएँ हमें प्राप्त हुई हैं।