3 अगस्त 2026
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भारत-खाड़ी देश डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन की रिपोर्ट्स झूठी: पेट्रोलियम मंत्रालय का खंडन

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भारत-खाड़ी देश डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन की रिपोर्ट्स झूठी: पेट्रोलियम मंत्रालय का खंडन

सारांश

केंद्र सरकार ने गुजरात को ओमान से जोड़ने वाली डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन (MEIDP) की मीडिया रिपोर्ट्स को झूठा बताया। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा — न कोई प्रस्ताव, न कोई बातचीत। यह खंडन तब आया जब ओमान तट पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर है।

मुख्य बातें

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 16 जून को MEIDP डीपवॉटर पाइपलाइन की सभी मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया।
मंत्रालय ने कहा — ओमान या किसी अन्य खाड़ी देश के साथ इस परियोजना पर कोई सक्रिय वार्ता नहीं हो रही।
एलएनजी कैरियर 'दिशा' 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर 18 जून को गुजरात के दहेज पहुँचने की उम्मीद।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने अगले आदेश तक मध्य पूर्व के संघर्ष क्षेत्रों में भारतीय नाविकों की तैनाती न करने की सलाह दी।
ओमान तट पर 'एमटी सेटेबेलो' पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद यह घटनाक्रम सामने आया।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार, 16 जून को उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि केंद्र सरकार गुजरात को ओमान और अन्य खाड़ी देशों से जोड़ने वाली एक गहरे समुद्र की एनर्जी पाइपलाइन — 'मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन' (MEIDP) — विकसित करने पर तेज़ी से काम कर रही है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई प्रस्ताव फ़िलहाल विचाराधीन नहीं है और न ही किसी खाड़ी देश के साथ इस विषय पर कोई सक्रिय वार्ता हो रही है।

मंत्रालय का आधिकारिक खंडन

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय साफ तौर पर यह स्पष्ट करना चाहता है कि इस समय मंत्रालय के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।' बयान में आगे जोड़ा गया कि इस परियोजना को लेकर ओमान या किसी अन्य खाड़ी देश के साथ मंत्रालय के किसी भी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा या बातचीत नहीं हो रही है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह स्पष्टीकरण इस मामले से जुड़ी सभी अटकलों को खत्म करने के लिए जारी किया गया है।

एलएनजी आपूर्ति सामान्य, 'दिशा' जहाज़ रवाना

इसी बीच, भारत मध्य पूर्व से ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटा है। माल्टा के झंडे वाला एलएनजी कैरियर 'दिशा' सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरा। यह जहाज़ 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर गुजरात के दहेज की ओर रवाना है और 18 जून को भारत पहुँचने की उम्मीद है। इस जहाज़ का प्रबंधन शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाला एक समूह कर रहा है।

नाविकों की सुरक्षा और बंदरगाहों की स्थिति

सरकार ने बताया कि वह भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ निरंतर संपर्क में है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य बना हुआ है।

डीजीएस की नाविकों को तैनाती न करने की सलाह

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज़ 'एमटी सेटेबेलो' पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इस घटना के कुछ ही दिनों बाद, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने शिपिंग कंपनियों और समुद्री भर्ती व प्लेसमेंट एजेंसियों को सलाह दी है कि वे अगले आदेश तक मध्य पूर्व के संघर्ष वाले इलाकों में भारतीय नाविकों की तैनाती न करें। गौरतलब है कि यह सलाह क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत की समुद्री सुरक्षा नीति की स्पष्ट प्राथमिकता को दर्शाती है।

आने वाले दिनों में सरकार की ऊर्जा आपूर्ति रणनीति और नाविकों की सुरक्षा से जुड़े कदमों पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन (MEIDP) क्या है?
MEIDP उस कथित परियोजना का नाम है जिसके बारे में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत सरकार गुजरात को ओमान और अन्य खाड़ी देशों से जोड़ने के लिए एक गहरे समुद्र की एनर्जी पाइपलाइन बना रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 16 जून को इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
केंद्र सरकार ने पाइपलाइन रिपोर्ट्स को क्यों खारिज किया?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी परियोजना पर न कोई प्रस्ताव है और न ही ओमान या किसी अन्य खाड़ी देश के साथ कोई सक्रिय वार्ता हो रही है। मंत्रालय ने कहा कि यह खंडन इस विषय पर फैल रही सभी अटकलों को समाप्त करने के लिए जारी किया गया है।
एलएनजी जहाज़ 'दिशा' भारत कब पहुँचेगा?
'दिशा' जहाज़ 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर 18 जून को गुजरात के दहेज पहुँचने की उम्मीद है। यह जहाज़ सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरा और इसका प्रबंधन शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाला समूह कर रहा है।
DGS ने भारतीय नाविकों को मध्य पूर्व में तैनात न करने की सलाह क्यों दी?
ओमान के तट पर वाणिज्यिक जहाज़ 'एमटी सेटेबेलो' पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने यह एहतियाती कदम उठाया। DGS ने शिपिंग कंपनियों और समुद्री भर्ती एजेंसियों को अगले आदेश तक मध्य पूर्व के संघर्ष क्षेत्रों में भारतीय नाविकों की तैनाती से बचने को कहा है।
क्या मध्य पूर्व से भारत की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है?
सरकार के अनुसार फ़िलहाल ऊर्जा आपूर्ति सामान्य है और पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज बाधित नहीं हुआ है। 'दिशा' जहाज़ का होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरना इसका प्रमाण है, हालाँकि क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए सरकार सतर्कता बरत रही है।
राष्ट्र प्रेस
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