19 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ई20 पेट्रोल पर भूटान के इनकार की रिपोर्ट्स केंद्र ने नकारीं, पेट्रोलियम मंत्रालय बोला — कोई प्रस्ताव ही नहीं था

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ई20 पेट्रोल पर भूटान के इनकार की रिपोर्ट्स केंद्र ने नकारीं, पेट्रोलियम मंत्रालय बोला — कोई प्रस्ताव ही नहीं था

सारांश

भूटान ने भारत का ई20 पेट्रोल ठुकराया — यह दावा झूठा निकला। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा: OMC ने ऐसा कोई प्रस्ताव दिया ही नहीं था। साथ ही ई20 के वाहन और पर्यावरण विरोधी होने के सोशल मीडिया दावों को भी मंत्रालय ने वैज्ञानिक आधार से खारिज किया।

मुख्य बातें

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 5 जुलाई 2026 को भूटान के ई20 पेट्रोल इनकार की रिपोर्ट्स को गलत करार दिया।
मंत्रालय के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) ने भूटान को ई20 पेट्रोल का कोई प्रस्ताव नहीं दिया था।
ई20 पेट्रोल में 80% पेट्रोल और 20% एथेनॉल का मिश्रण होता है।
मंत्रालय ने ई20 के इंजन खराब करने, प्रदूषण बढ़ाने और पानी की अत्यधिक खपत जैसे दावों को वैज्ञानिक आधार से रहित बताया।
ई20 के उपयोग से वाहनों का कार्बन उत्सर्जन घटता है, क्योंकि एथेनॉल का कार्बन जैविक स्रोत से आता है।

केंद्र सरकार ने 5 जुलाई 2026 को उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि भूटान ने भारत से ई20 पेट्रोल आयात करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) की ओर से भूटान को ऐसा कोई प्रस्ताव दिया ही नहीं गया था, इसलिए इनकार का सवाल ही नहीं उठता।

मंत्रालय का स्पष्टीकरण

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आधिकारिक पोस्ट के ज़रिये कहा, 'ये दावे गलत हैं कि भूटान ने भारत से ई20 पेट्रोल आयात करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया।' मंत्रालय ने आगे जोड़ा कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से ऐसा कोई ऑफर नहीं दिया गया है और भूटान को ई20 पेट्रोल निर्यात करने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है। जनता से अपील की गई कि सही जानकारी के लिए केवल मंत्रालय और तेल वितरक कंपनियों की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

रिपोर्ट्स में क्या दावा किया गया था

शनिवार को कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पड़ोसी देश भूटान ने भारतीय OMC से ई20 पेट्रोल — जिसमें 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल का मिश्रण होता है — आयात करने से मना कर दिया है। रिपोर्ट्स में इनकार की वजह भूटान की स्टोरेज संबंधी चुनौतियाँ बताई गई थीं। मंत्रालय ने इन दावों को तथ्यहीन करार दिया।

ई20 पर फैली भ्रामक जानकारी का खंडन

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ई20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर प्रचारित दावों को भी पूरी तरह भ्रामक और वैज्ञानिक तथ्यों से परे बताया। मंत्रालय के अनुसार, ई20 पेट्रोल के वाहनों के लिए नुकसानदायक होने, प्रदूषण बढ़ाने, इंजन खराब करने या एथेनॉल उत्पादन में अत्यधिक पानी की खपत जैसे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि इन दावों का प्रमुख ऑटोमोटिव अनुसंधान संस्थानों द्वारा किए गए व्यापक तकनीकी अध्ययनों से कोई मेल नहीं है।

ई20 के पर्यावरणीय फायदे

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ई20 पेट्रोल के उपयोग से वाहनों से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। एथेनॉल में मौजूद कार्बन जैविक स्रोत का होता है, जिससे वातावरण में शुद्ध कार्बन उत्सर्जन नहीं बढ़ता। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत अपने एथेनॉल सम्मिश्रण लक्ष्यों को तेज़ी से पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।

आगे क्या

मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि ई20 या किसी भी ईंधन नीति से जुड़ी जानकारी के लिए केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। गौरतलब है कि भारत सरकार 2025 तक 20 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, और इस बीच गलत सूचनाओं का प्रसार नीति कार्यान्वयन में बाधा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रदूषण वृद्धि, पानी की बर्बादी — उन व्यावसायिक हितों के अनुकूल है जो पारंपरिक पेट्रोल की माँग बनाए रखना चाहते हैं। मंत्रालय का खंडन ज़रूरी था, लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार इन दावों की उत्पत्ति की जाँच भी करेगी। एथेनॉल सम्मिश्रण भारत की ऊर्जा सुरक्षा और किसान आय दोनों से जुड़ा है — इस पर गलत सूचनाओं को बिना जवाबदेही के छोड़ना नीतिगत कमज़ोरी का संकेत देता है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भूटान ने सच में भारत का ई20 पेट्रोल लेने से इनकार किया?
नहीं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से भूटान को ई20 पेट्रोल का कोई प्रस्ताव दिया ही नहीं गया था, इसलिए इनकार का दावा तथ्यहीन है।
ई20 पेट्रोल क्या होता है?
ई20 पेट्रोल में 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल का मिश्रण होता है। भारत सरकार 2025 तक देशभर में 20 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।
क्या ई20 पेट्रोल वाहनों के इंजन को नुकसान पहुँचाता है?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, यह दावा वैज्ञानिक तथ्यों से परे है। प्रमुख ऑटोमोटिव अनुसंधान संस्थानों के व्यापक तकनीकी अध्ययनों में ई20 से इंजन को नुकसान, प्रदूषण वृद्धि या अत्यधिक पानी की खपत जैसी कोई समस्या सिद्ध नहीं हुई है।
ई20 पेट्रोल पर्यावरण के लिए कैसा है?
मंत्रालय के अनुसार, ई20 के उपयोग से वाहनों का कार्बन उत्सर्जन घटता है। एथेनॉल में मौजूद कार्बन जैविक स्रोत का होता है, जिससे वातावरण में शुद्ध कार्बन उत्सर्जन नहीं बढ़ता।
ई20 पेट्रोल से जुड़ी सही जानकारी कहाँ से मिलेगी?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि ई20 या किसी भी ईंधन नीति से जुड़ी जानकारी के लिए केवल मंत्रालय और सरकारी तेल वितरक कंपनियों की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले