19 अगस्त 2026
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चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट: महंत राजू दास बोले — 'कालनेमियों के मुंह पर तमाचा'

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चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट: महंत राजू दास बोले — 'कालनेमियों के मुंह पर तमाचा'

सारांश

राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय विवाद में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिलने पर महंत राजू दास ने इसे सनातन विरोधियों के मुंह पर तमाचा बताया। साथ ही उन्होंने ज्ञानवापी में सोमवार को जलाभिषेक की अनुमति की मांग उठाई। कांग्रेस ने क्लीन चिट को 'बचाने की कोशिश' करार दिया।

मुख्य बातें

चंपत राय और अनिल मिश्रा को राम मंदिर वित्तीय अनियमितता मामले में क्लीन चिट दी गई है।
मामले में नामित छह अन्य आरोपी जेल में हैं और उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज है।
महंत राजू दास ने क्लीन चिट का स्वागत किया और इसे सनातन को बदनाम करने की साजिश की विफलता बताया।
महंत राजू दास ने ज्ञानवापी परिसर में नागपंचमी पर सोमवार को भोलेनाथ के जलाभिषेक की अनुमति माँगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने क्लीन चिट को 'आरोपियों को बचाने की कोशिश' बताया।

अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को वित्तीय अनियमितता मामले में मिली क्लीन चिट का खुलकर स्वागत किया है। उन्होंने इसे उन लोगों के मुंह पर 'करारा तमाचा' बताया जो, उनके अनुसार, राम मंदिर के नाम पर सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश में लगे थे। महंत राजू दास ने यह प्रतिक्रिया 19 अगस्त 2026 को दी।

महंत राजू दास की प्रतिक्रिया

महंत राजू दास ने कहा, 'उन घड़ियाली आंसू बहाने वाले कालनेमियों को मुंह पर करारा तमाचा लगा है, जो राम मंदिर के नाम पर आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।' उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक और ट्रस्ट के कुछ कर्मचारियों की वित्तीय गड़बड़ी को आधार बनाकर सनातनियों को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश की गई। उनके अनुसार, चंपत राय ने राम मंदिर निर्माण के लिए निरंतर अथक परिश्रम किया और उन्हें क्लीन चिट मिलना न्यायसंगत था।

ज्ञानवापी में जलाभिषेक की मांग

इसी अवसर पर महंत राजू दास ने नागपंचमी के उपलक्ष्य में ज्ञानवापी परिसर में सोमवार को भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक की अनुमति देने की मांग भी उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध करते हुए कहा, 'जब ज्ञानवापी में पाँच वक्त नमाज पढ़ी जा सकती है, तो साधुजन को कम से कम एक दिन — सोमवार को — भोले बाबा का जलाभिषेक करने की अनुमति मिलनी चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि जो शिवलिंग वहाँ मिला है, उसका जलाभिषेक होना धार्मिक आस्था का मूलभूत अधिकार है।

उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने स्पष्ट किया कि क्लीन चिट केवल अनिल मिश्रा और चंपत राय को दी गई है। उन्होंने बताया, 'जिन छह अन्य लोगों के नाम इस मामले में हैं, उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। वे लोग जेल में हैं और पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार भी कर ली है।'

कांग्रेस का विरोध

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस क्लीन चिट पर तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया, 'सरकार ने पूरी तरह से उन्हें बचाने का काम किया है, और ये सभी लोग चढ़ावे की चोरी में शामिल हैं।' आलोचकों का कहना है कि बिना पारदर्शी जाँच के दी गई क्लीन चिट जनता के विश्वास को कमज़ोर करती है।

आगे क्या होगा

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर राजनीतिक और धार्मिक दोनों हलकों में बहस तेज है। छह आरोपियों के विरुद्ध चल रही न्यायिक प्रक्रिया और ज्ञानवापी में जलाभिषेक की मांग — दोनों मुद्दे आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मामला यहीं नहीं रुकता — छह अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी स्वीकारोक्ति यह बताती है कि ट्रस्ट की आंतरिक निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियाँ थीं। धार्मिक ट्रस्टों में वित्तीय पारदर्शिता का अभाव कोई नई बात नहीं, लेकिन राम मंदिर जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान में यह विफलता अधिक चिंताजनक है। महंत राजू दास की ज्ञानवापी में जलाभिषेक की मांग को इस पूरे प्रकरण से अलग करके देखना ज़रूरी है — यह एक स्वतंत्र धार्मिक-कानूनी प्रश्न है जिसका उत्तर न्यायालय को देना है, न राजनीतिक बयानबाजी को।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट क्यों मिली?
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय अनियमितता मामले की जाँच में चंपत राय और अनिल मिश्रा के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, जिसके चलते उन्हें क्लीन चिट दी गई। हालाँकि, मामले में नामित छह अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज है और वे जेल में हैं।
महंत राजू दास ने इस क्लीन चिट पर क्या कहा?
हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने क्लीन चिट का स्वागत करते हुए इसे उन लोगों के मुंह पर 'करारा तमाचा' बताया जो राम मंदिर के नाम पर सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने राम मंदिर निर्माण के लिए बहुत मेहनत की है।
महंत राजू दास ने ज्ञानवापी में जलाभिषेक की मांग क्यों उठाई?
नागपंचमी के अवसर पर ज्ञानवापी परिसर का दर्शन करने के बाद महंत राजू दास ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि साधुओं को कम से कम सोमवार को वहाँ भोलेनाथ का जलाभिषेक करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने तर्क दिया कि जब परिसर में नमाज की अनुमति है, तो हिंदू पूजा का अधिकार भी मिलना चाहिए।
कांग्रेस ने इस क्लीन चिट पर क्या रुख अपनाया?
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि सरकार ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि ये सभी लोग चढ़ावे की चोरी में शामिल हैं।
राम मंदिर वित्तीय अनियमितता मामले में अब तक क्या हुआ है?
इस मामले में कुल छह लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है और वे जेल में हैं। पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को जाँच में क्लीन चिट दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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