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राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय को क्लीन चिट पर रेणुका चौधरी का तीखा हमला

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राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय को क्लीन चिट पर रेणुका चौधरी का तीखा हमला

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी ने चंपत राय को क्लीन चिट दी, और कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने इसे 'पहले से तय' बताते हुए कहा कि छोटों को बलि चढ़ाकर बड़ों को बचाया जा रहा है। उनके 'मंदिर चोरी के लिए बन रहे हैं' वाले बयान ने नया राजनीतिक तूफ़ान खड़ा कर दिया है।

मुख्य बातें

एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को चढ़ावा अनियमितता मामले में क्लीन चिट दी।
दोनों ने 27 जून को दान प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोपों के बाद अपने पदों से इस्तीफा दिया था।
कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने कहा — 'छोटे-मोटों को कुर्बान कर चंपत राय को बचा लिया।' रेणुका चौधरी ने विवादास्पद बयान दिया कि 'सारे मंदिर इसलिए बनाए जा रहे हैं ताकि चोरी की जा सके।' उन्होंने वंदे मातरम विवाद पर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य रेणुका चौधरी ने 19 अगस्त को नई दिल्ली में राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जाँच और एसआईटी द्वारा चंपत राय को दी गई क्लीन चिट पर केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि ताकतवर लोगों को बचाने के लिए छोटे कार्यकर्ताओं को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

एसआईटी की क्लीन चिट पर कांग्रेस का विरोध

मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले की जाँच कर रही विशेष जाँच टीम (एसआईटी) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दे दी। गौरतलब है कि मंदिर में दान प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद दोनों ने 27 जून को अपने-अपने पदों से इस्तीफा दिया था, और एसआईटी ने दोनों से विस्तृत पूछताछ भी की थी।

इस घटनाक्रम पर रेणुका चौधरी ने कहा, "ये तो होना ही था। हमें पहले से पता था कि यही होने वाला है। छोटे-मोटों को कुर्बान कर देंगे और चंपत राय को बचा लेंगे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके अनुसार यह परिणाम पहले से तय था।

मंदिर निर्माण पर विवादास्पद बयान

रेणुका चौधरी ने आगे कहा, "सारे मंदिर अभी इसलिए बनाए जा रहे हैं ताकि चोरी की जा सके। ये भूल गए कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादा से खिलवाड़ करेंगे तो ये बच जाएंगे। उनका श्राप इनको लगा है।" यह बयान तत्काल राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया, क्योंकि इसमें धार्मिक स्थलों के निर्माण को भ्रष्टाचार से सीधे जोड़ा गया।

वंदे मातरम विवाद पर रुख

वंदे मातरम के पूरे गीत को हिंदू-मुस्लिम राजनीति से जोड़कर देखे जाने के सवाल पर रेणुका चौधरी ने कहा, "उस समय जो माहौल था, उस कारण से फैसला हुआ था। आज ये लोग किस कारण से कर रहे हैं, वो जानें और भगवान जाने। वैसे तो भगवान राम भी इनसे हटकर बैठे हैं।" उनका यह बयान संविधान सभा के उस ऐतिहासिक निर्णय के संदर्भ में था जिसमें वंदे मातरम को आंशिक रूप से राष्ट्रगीत का दर्जा दिया गया था।

'कॉकरोच जनता पार्टी' और लोकतंत्र पर टिप्पणी

हाल ही में चर्चा में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' के भविष्य पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "एक लोकतंत्र में हम कोई हाथ-ज्योतिषी बनकर नहीं कह सकते। किसी ने सोचा था कि कोर्ट की एक टिप्पणी पर एक 'कॉकरोच पार्टी' बन जाएगी? यही खासियत है इस लोकतंत्र की। कब क्या होगा, जब तक लोकतंत्र जिंदा रहेगा कोई कुछ नहीं कह सकता।" उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की आवाज़ बुलंद रहनी चाहिए।

आगे क्या होगा

एसआईटी की क्लीन चिट के बाद राम मंदिर चढ़ावा मामले में जाँच का दायरा और दिशा क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। विपक्षी दलों ने इस मामले में उच्च स्तरीय स्वतंत्र जाँच की माँग तेज़ करने के संकेत दिए हैं। रेणुका चौधरी के बयानों ने इस विवाद को एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह असली सवाल से ध्यान हटाने का जोखिम भी उठाता है — वह सवाल यह है कि एसआईटी जाँच में प्रक्रियागत पारदर्शिता कितनी रही। चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वयं इस बात का संकेत था कि ट्रस्ट के भीतर कुछ असामान्य था; क्लीन चिट उस प्रश्न का उत्तर नहीं देती। विपक्ष की आलोचना तब अधिक विश्वसनीय होती जब वह विशिष्ट प्रक्रियागत खामियों पर केंद्रित होती, न कि व्यापक धार्मिक आरोपों पर। फिलहाल यह मामला जाँच की गुणवत्ता से ज़्यादा राजनीतिक बयानबाज़ी का अखाड़ा बनता दिख रहा है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी ने किसे क्लीन चिट दी?
एसआईटी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी। दोनों ने 27 जून को दान प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोपों के बाद अपने पदों से इस्तीफा दिया था।
रेणुका चौधरी ने राम मंदिर पर क्या विवादास्पद बयान दिया?
रेणुका चौधरी ने कहा कि 'सारे मंदिर अभी इसलिए बनाए जा रहे हैं ताकि चोरी की जा सके।' उन्होंने यह भी कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादा से खिलवाड़ का श्राप सत्ताधारियों को लगा है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया था?
अयोध्या के राम मंदिर में दान के प्रबंधन और संग्रह में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद दोनों ने 27 जून को अपने-अपने पदों से इस्तीफा दिया था। इसके बाद एसआईटी ने दोनों से पूछताछ की।
कांग्रेस की एसआईटी जाँच पर क्या आपत्ति है?
कांग्रेस का आरोप है कि जाँच में ताकतवर लोगों को बचाने के लिए छोटे स्तर के लोगों को बलि का बकरा बनाया गया। रेणुका चौधरी के अनुसार, यह परिणाम पहले से तय था और उच्च स्तरीय जवाबदेही से बचा गया।
वंदे मातरम विवाद पर रेणुका चौधरी का क्या कहना है?
रेणुका चौधरी ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर जो ऐतिहासिक निर्णय हुआ था वह तत्कालीन परिस्थितियों के आधार पर था। उन्होंने सवाल उठाया कि आज इसे हिंदू-मुस्लिम राजनीति से जोड़ने के पीछे क्या मंशा है।
राष्ट्र प्रेस
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