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इंडोनेशिया में PM मोदी को सर्वोच्च सम्मान: मौलाना साजिद रशीदी बोले — भारतीय मुसलमानों के लिए भी गर्व

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इंडोनेशिया में PM मोदी को सर्वोच्च सम्मान: मौलाना साजिद रशीदी बोले — भारतीय मुसलमानों के लिए भी गर्व

सारांश

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने इंडोनेशिया में PM मोदी को मिले सर्वोच्च नागरिक सम्मान को भारतीय मुसलमानों के लिए भी गर्व का विषय बताया — साथ ही चंपत राय के इस्तीफे पर पारदर्शिता और देश में समावेशी वातावरण की माँग भी रखी।

मुख्य बातें

मौलाना साजिद रशीदी ने इंडोनेशिया द्वारा PM मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने को भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और भारतीय मुसलमानों के लिए गर्व का विषय बताया।
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर उन्होंने पारदर्शिता की माँग करते हुए कहा कि इससे जुड़े तथ्य सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
आतंकवाद के मुद्दे पर उन्होंने माना कि बीते वर्षों में सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत हुई है और PM मोदी से 'अखंड भारत' की दिशा में प्रयास जारी रखने की अपील की।
विदेश नीति पर उन्होंने व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाते हुए संतुलित संबंध बनाए रखने पर ज़ोर दिया।
योगी आदित्यनाथ की 'गिरगिट' टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि सभी दल अपने-अपने वोट बैंक के अनुसार मुद्दे चुनते हैं — यह चुनावी राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा है।

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को कई अहम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय रखी — जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़े जाने, राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे और देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तृत प्रतिक्रियाएँ शामिल थीं। उन्होंने इंडोनेशिया द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिए गए सम्मान को भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण बताया।

इंडोनेशिया सम्मान पर प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर मौलाना रशीदी ने इसे पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा, 'कई देशों द्वारा प्रधानमंत्री को सर्वोच्च सम्मान दिया जाना भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है।' उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि एक मुस्लिम बहुल देश द्वारा यह सम्मान दिया जाना भारतीय मुसलमानों के लिए भी गर्व की बात है। साथ ही उन्होंने यह अपेक्षा भी जताई कि देश के भीतर सभी नागरिकों को समान अधिकार और विश्वास का वातावरण मिलना चाहिए।

राम मंदिर ट्रस्ट और चंपत राय के इस्तीफे पर सवाल

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे और कथित चढ़ावा अनियमितता मामले पर मौलाना रशीदी ने पारदर्शिता की माँग की। उन्होंने कहा, 'यदि इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस्तीफे से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।' गौरतलब है कि यह मामला पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक चर्चा में बना हुआ है।

आतंकवाद और विदेश नीति पर विचार

इंडोनेशिया दौरे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना रशीदी ने कहा कि बीते वर्षों में आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई है और देश के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में मज़बूत हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि 'अखंड भारत की दिशा में भी प्रयास जारी रहने चाहिए।' विदेश नीति पर उन्होंने कहा कि व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाते हुए भारत को सभी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने चाहिए।

राजनीतिक बयानबाज़ी पर संतुलित नज़रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर राम मंदिर के मुद्दे पर 'गिरगिट की तरह रंग बदलने' की टिप्पणी पर मौलाना रशीदी ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में इस प्रकार के बयान सामान्य हैं — सभी दल अपने-अपने वोट बैंक के अनुसार मुद्दों को प्रमुखता देते हैं। उनके अनुसार जहाँ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दे उठाती हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) राम मंदिर को केंद्रीय राजनीतिक विषय बनाती है।

आगे की राह

मौलाना रशीदी के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब भारत की विदेश नीति और घरेलू राजनीति दोनों मोर्चों पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। उनकी टिप्पणियाँ यह संकेत देती हैं कि अल्पसंख्यक नेतृत्व का एक वर्ग भारत की बढ़ती वैश्विक साख को सकारात्मक दृष्टि से देखता है, बशर्ते घरेलू स्तर पर समावेशी वातावरण भी सुनिश्चित हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक स्वतंत्र आवाज़ के रूप में खुद को स्थापित कर रहे हैं — जो मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना साजिद रशीदी ने इंडोनेशिया में PM मोदी को मिले सम्मान पर क्या कहा?
मौलाना साजिद रशीदी ने इसे भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया और कहा कि एक मुस्लिम बहुल देश द्वारा भारत के प्रधानमंत्री का सम्मान किया जाना भारतीय मुसलमानों के लिए भी गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के भीतर सभी नागरिकों को समान और विश्वास का वातावरण मिलना चाहिए।
चंपत राय के इस्तीफे पर मौलाना रशीदी का क्या रुख है?
मौलाना रशीदी ने माँग की कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनके अनुसार पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस्तीफे से जुड़े तथ्यों को सामने लाना ज़रूरी है।
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष ने आतंकवाद के मुद्दे पर क्या कहा?
मौलाना रशीदी ने कहा कि बीते वर्षों में आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई है और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में मज़बूत हुई है। उन्होंने PM मोदी से अपील की कि अखंड भारत की दिशा में भी प्रयास जारी रहने चाहिए।
योगी आदित्यनाथ की 'गिरगिट' टिप्पणी पर मौलाना रशीदी ने क्या कहा?
मौलाना रशीदी ने इस पर संतुलित रुख अपनाया और कहा कि चुनावी राजनीति में ऐसे बयान सामान्य हैं। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक के अनुसार मुद्दों को प्रमुखता देते हैं — BJP राम मंदिर को, तो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों को।
मौलाना रशीदी ने भारत की विदेश नीति पर क्या राय दी?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विदेशी दौरा भारत की कूटनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा होता है। उनके अनुसार व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाते हुए भारत को सभी देशों के साथ मज़बूत और संतुलित संबंध बनाए रखने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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