एल नीनो से न घबराएं किसान: चंद्रबाबू नायडू की एरुवाका पूर्णिमा पर अपील, खरीफ तैयारियां पूरी
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 29 जून 2026 को एरुवाका पूर्णिमा के अवसर पर राज्य के किसानों से एल नीनो जनित जलवायु चुनौतियों का साहस और संकल्प के साथ सामना करने का आह्वान किया। एल नीनो एक वैश्विक जलवायु घटना है जो मानसून के सामान्य वर्षा चक्र को बाधित करती है और कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी किसानों को शुभकामनाएं दीं।
एरुवाका पूर्णिमा: परंपरा और कृषि का संगम
एरुवाका पूर्णिमा आंध्र प्रदेश में नए कृषि सीजन की शुरुआत का प्रतीक पर्व है, जो ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस अवसर पर किसान भूमि और पशुधन की पूजा-अर्चना करते हैं और स्वयं को प्रकृति के साथ जोड़ते हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, 'मैं प्रार्थना करता हूं कि किसानों के घर भरपूर फसल की खुशियों से रोशन हों। हम उस भूमि में जन्मे हैं, जहां प्रकृति की पूजा की जाती है और हम उन परंपराओं का सम्मान करते हैं। आइए, प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी भूमि और स्वास्थ्य को विषैले तत्वों से सुरक्षित रखें।'
सरकार की प्रतिक्रिया और किसान समर्थन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर सक्रिय रहेगी। अन्नदाता सुखीभव योजना के अंतर्गत सरकार ने पीएम किसान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कर आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि किसान एल नीनो और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेंगे, बशर्ते वे सरकार की सलाह और दिशा-निर्देशों का पालन करें।
खरीफ सीजन की तैयारियां
कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने विजयवाड़ा स्थित कनक दुर्गा मंदिर में राज्य के किसानों की समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरक और बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा किसानों को इनकी उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि खरीफ खेती के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
उपमुख्यमंत्री का संदेश
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी एरुवाका पूर्णिमा पर किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व मानव और प्रकृति के अटूट संबंध का उत्सव है तथा धरती माता और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में मानसून की अनिश्चितता को लेकर किसानों में चिंता है।
आगे की राह
गौरतलब है कि एल नीनो के प्रभाव से इस वर्ष दक्षिण भारत में वर्षा के असमान वितरण की आशंका जताई जा रही है। सरकार ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और कृषि विशेषज्ञों के परामर्श का पालन करने की अपील की है। कृषि मंत्री अच्चन्नायडू ने दोहराया कि किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।