29 जून 2026
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एल नीनो से न घबराएं किसान: चंद्रबाबू नायडू की एरुवाका पूर्णिमा पर अपील, खरीफ तैयारियां पूरी

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एल नीनो से न घबराएं किसान: चंद्रबाबू नायडू की एरुवाका पूर्णिमा पर अपील, खरीफ तैयारियां पूरी

सारांश

एरुवाका पूर्णिमा पर चंद्रबाबू नायडू का किसानों को संदेश सिर्फ शुभकामना नहीं था — यह एल नीनो की परछाईं में खड़े कृषि सीजन के लिए सरकारी आश्वासन था। उर्वरक-बीज की उपलब्धता से लेकर पीएम किसान राशि तक, सरकार ने तैयारी का दावा किया; अब परीक्षा मानसून की है।

मुख्य बातें

चंद्रबाबू नायडू ने 29 जून 2026 को एरुवाका पूर्णिमा पर किसानों से एल नीनो चुनौती का साहसपूर्वक सामना करने की अपील की।
अन्नदाता सुखीभव योजना के तहत पीएम किसान की राशि किसानों के खातों में सीधे जमा की गई।
अच्चन्नायडू ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए उर्वरक और बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी एरुवाका पूर्णिमा पर किसानों को शुभकामनाएं दीं।
सरकार ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और कृषि विशेषज्ञों के दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 29 जून 2026 को एरुवाका पूर्णिमा के अवसर पर राज्य के किसानों से एल नीनो जनित जलवायु चुनौतियों का साहस और संकल्प के साथ सामना करने का आह्वान किया। एल नीनो एक वैश्विक जलवायु घटना है जो मानसून के सामान्य वर्षा चक्र को बाधित करती है और कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी किसानों को शुभकामनाएं दीं।

एरुवाका पूर्णिमा: परंपरा और कृषि का संगम

एरुवाका पूर्णिमा आंध्र प्रदेश में नए कृषि सीजन की शुरुआत का प्रतीक पर्व है, जो ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस अवसर पर किसान भूमि और पशुधन की पूजा-अर्चना करते हैं और स्वयं को प्रकृति के साथ जोड़ते हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, 'मैं प्रार्थना करता हूं कि किसानों के घर भरपूर फसल की खुशियों से रोशन हों। हम उस भूमि में जन्मे हैं, जहां प्रकृति की पूजा की जाती है और हम उन परंपराओं का सम्मान करते हैं। आइए, प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी भूमि और स्वास्थ्य को विषैले तत्वों से सुरक्षित रखें।'

सरकार की प्रतिक्रिया और किसान समर्थन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर सक्रिय रहेगी। अन्नदाता सुखीभव योजना के अंतर्गत सरकार ने पीएम किसान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कर आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि किसान एल नीनो और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेंगे, बशर्ते वे सरकार की सलाह और दिशा-निर्देशों का पालन करें।

खरीफ सीजन की तैयारियां

कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने विजयवाड़ा स्थित कनक दुर्गा मंदिर में राज्य के किसानों की समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरक और बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा किसानों को इनकी उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि खरीफ खेती के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

उपमुख्यमंत्री का संदेश

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी एरुवाका पूर्णिमा पर किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व मानव और प्रकृति के अटूट संबंध का उत्सव है तथा धरती माता और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में मानसून की अनिश्चितता को लेकर किसानों में चिंता है।

आगे की राह

गौरतलब है कि एल नीनो के प्रभाव से इस वर्ष दक्षिण भारत में वर्षा के असमान वितरण की आशंका जताई जा रही है। सरकार ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और कृषि विशेषज्ञों के परामर्श का पालन करने की अपील की है। कृषि मंत्री अच्चन्नायडू ने दोहराया कि किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'साहस से सामना करो' की अपील तब तक अधूरी है जब तक राज्य सरकार एल नीनो के लिए ठोस फसल बीमा विस्तार और सूखा-प्रतिरोधी बीज वितरण का खाका सार्वजनिक न करे। अन्नदाता सुखीभव योजना के तहत पीएम किसान राशि का हस्तांतरण स्वागत योग्य है, परंतु यह केंद्र की योजना का राज्य-स्तरीय क्रियान्वयन है, न कि स्वतंत्र राज्य पहल। असली परीक्षा यह होगी कि यदि मानसून वास्तव में कमज़ोर रहा, तो राज्य सरकार के पास किसानों के लिए कितना अतिरिक्त वित्तीय कवच तैयार है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एल नीनो का आंध्र प्रदेश की खेती पर क्या असर पड़ सकता है?
एल नीनो एक जलवायु घटना है जो मानसून के सामान्य वर्षा चक्र को बाधित करती है, जिससे दक्षिण भारत में वर्षा असमान या कम हो सकती है। इससे खरीफ फसलों जैसे धान, मक्का और दलहन के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
एरुवाका पूर्णिमा क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
एरुवाका पूर्णिमा आंध्र प्रदेश का एक पारंपरिक कृषि पर्व है जो ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है और नए कृषि सीजन की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन किसान भूमि, पशुधन की पूजा कर प्रकृति के साथ अपना संबंध नवीनीकृत करते हैं।
अन्नदाता सुखीभव योजना क्या है?
अन्नदाता सुखीभव योजना आंध्र प्रदेश सरकार की किसान-समर्थन योजना है, जिसके तहत पीएम किसान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाती है। इसका उद्देश्य किसानों को त्वरित आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
खरीफ सीजन 2026 के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने क्या तैयारियां की हैं?
कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू के अनुसार, खरीफ सीजन के लिए उर्वरक और बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। किसानों को उर्वरक या बीज की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं बताई गई है।
चंद्रबाबू नायडू ने किसानों को क्या सलाह दी?
मुख्यमंत्री नायडू ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने, सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करने और एल नीनो व अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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