रायलसीमा पर अल नीनो की मार: आंध्र प्रदेश के 11 जिलों में गंभीर वर्षा की कमी, मंत्री अनीता ने की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र इस मानसून सीजन में अल नीनो के प्रभाव से बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके चलते राज्य के 11 जिलों में मध्यम से लेकर अत्यधिक वर्षा की कमी दर्ज की गई है। 7 जुलाई 2026 को अमरावती में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह स्थिति सामने आई, जिसे राज्य की गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वांगलापुड़ी अनीता ने संबोधित किया।
कौन-से जिले सर्वाधिक प्रभावित
समीक्षा बैठक में पाया गया कि श्री सत्य साई, अनंतपुर और अन्नामय्या जिलों में अत्यधिक वर्षा की कमी देखी गई है। वहीं कुरनूल, नंदीयाल, चित्तूर, कडपा, प्रकाशम, मार्कपुरम, नेल्लोर और तिरुपति जिलों में मध्यम वर्षा की कमी दर्ज की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून पर देशभर में किसानों की निर्भरता चरम पर होती है। रायलसीमा ऐतिहासिक रूप से सूखे के प्रति संवेदनशील रहा है, और अल नीनो वर्षों में इस क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर दोहरी मार पड़ती है।
बैठक में क्या निर्णय हुए
यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के ताडेपल्ली स्थित मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक में राज्य पुलिस, अग्निशमन सेवाएं, सेना, नौसेना, वायु सेना, NDRF, SDRF, कृषि, बागवानी, पशुपालन, ग्रामीण जल आपूर्ति, नगर प्रशासन, पंचायत राज, जल संसाधन, बिजली, सड़क एवं भवन और नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन भी इस बैठक में उपस्थित रहे।
मंत्री अनीता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूखाग्रस्त मंडलों में किसानों को वैकल्पिक फसलों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि कृषि नुकसान को कम किया जा सके।
आम जनता पर असर और राहत तैयारियाँ
मंत्री ने पेयजल की उपलब्धता, सूखा राहत उपायों और आपदा प्रबंधन तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीने के पानी और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाढ़ की चपेट में आने वाले निचले इलाकों से निवासियों को निकालने की योजना पहले से तैयार रखी जाए। पुनर्वास केंद्रों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए।
नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन तैयारी
मंत्री अनीता ने जोर देकर कहा कि राज्य और जिला स्तर पर चौबीसों घंटे काम करने वाले विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाने चाहिए। पुलिस, अग्निशमन विभाग, NDRF और APSDRF टीमों को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का प्राथमिक लक्ष्य आपदाओं के कारण होने वाली किसी भी जानमाल की हानि को रोकना है और इसके लिए प्रभावी उपाय तत्काल लागू किए जाएं। आने वाले हफ्तों में मानसून की प्रगति और अल नीनो के असर पर राज्य सरकार की नज़र बनी रहेगी।