10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मेघालय: CM कॉनराड संगमा ने अल नीनो से निपटने के लिए सभी विभागों को तैयारी तेज करने के निर्देश दिए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मेघालय: CM कॉनराड संगमा ने अल नीनो से निपटने के लिए सभी विभागों को तैयारी तेज करने के निर्देश दिए

सारांश

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने अल नीनो के संभावित खतरे को गंभीरता से लेते हुए जलवायु परिषद की बैठक बुलाई और सभी विभागों को छह से बारह महीनों में ठोस जल संरक्षण व कृषि तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए — संकट आने से पहले कार्रवाई का स्पष्ट संदेश।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री कॉनराड के.
संगमा ने 23 जून 2026 को शिलांग में मेघालय जलवायु परिषद की बैठक की अध्यक्षता की।
सभी सरकारी विभागों को अल नीनो के प्रभावों से निपटने के लिए आकस्मिक योजनाओं को तत्काल कार्रवाई में बदलने के निर्देश दिए गए।
अगले 6 से 12 महीनों में तालाबों का जीर्णोद्धार, जल संचयन संरचनाएँ और भूजल पुनर्भरण पहलों पर ज़ोर।
जल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित; मृदा एवं जल संरक्षण परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन का आह्वान।
कृषि में बीज उपलब्धता, सिंचाई सहायता और जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश।
जलवायु तैयारी को ग्राम संस्थाओं और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से जन आंदोलन बनाने पर बल।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार, 23 जून 2026 को सभी सरकारी विभागों को संभावित अल नीनो घटना के प्रभावों से निपटने के लिए तैयारियों में तेज़ी लाने और आकस्मिक योजनाओं को ठोस कार्रवाई में बदलने के निर्देश दिए। संगमा ने स्पष्ट किया कि संकट की प्रतीक्षा करने के बजाय पूर्व-तैयारी ही जलवायु अनिश्चितताओं से बचाव का सबसे प्रभावी मार्ग है।

मेघालय जलवायु परिषद की बैठक में समीक्षा

शिलांग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में आयोजित मेघालय जलवायु परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री संगमा ने राज्य की तैयारियों और प्रतिक्रिया रणनीति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्यभर में वर्षा के रुझान, भूजल पुनर्भरण, मिट्टी में नमी के स्तर, संवेदनशील कृषि क्षेत्रों और जल उपलब्धता के आकलन पर विचार-विमर्श हुआ।

गौरतलब है कि अल नीनो एक वैश्विक जलवायु घटना है जो प्रायः मानसून के पैटर्न में व्यवधान, कम वर्षा, दीर्घकालिक सूखे और जल संसाधनों तथा कृषि पर अतिरिक्त दबाव से जुड़ी होती है। पूर्वानुमानों के अनुसार आने वाले महीनों में अल नीनो की स्थिति विकसित होने की आशंका है।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश: पहले से तैयारी ज़रूरी

संगमा ने स्वीकार किया कि मेघालय पर अल नीनो के सटीक प्रभाव को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है, परंतु उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिकूल मौसम की स्थिति उत्पन्न होने का इंतज़ार नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, 'हमें पहले से तैयारी करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारियाँ और समयसीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित हों।' मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी क्षेत्रों में समन्वय और निगरानी तंत्र को और मज़बूत करने का निर्देश दिया।

जल सुरक्षा पर विशेष ज़ोर

संगमा ने जल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता वाला क्षेत्र बताते हुए मृदा एवं जल संरक्षण परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन का आह्वान किया। उन्होंने विभागों को अगले छह से बारह महीनों में निम्नलिखित कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए — तालाबों और जलाशयों का गाद निष्कासन एवं जीर्णोद्धार, जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, भूजल पुनर्भरण पहलों का विस्तार, और जलग्रहण क्षेत्र संरक्षण उपाय।

सामुदायिक भागीदारी को जन आंदोलन बनाने की पुकार

मुख्यमंत्री संगमा ने जलवायु तैयारी को केवल सरकारी अभ्यास तक सीमित न रखते हुए इसे एक व्यापक जन आंदोलन में बदलने पर बल दिया। उन्होंने ग्राम संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और नागरिकों से जल संरक्षण तथा पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

कृषि क्षेत्र की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में कृषि क्षेत्र की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। संगमा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीजों और रोपण सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, सिंचाई सहायता को मज़बूत किया जाए और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व भारत के कई राज्य मानसून की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं और कृषि-निर्भर आबादी पर जलवायु जोखिम बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उत्तर-पूर्व में जलवायु तैयारी की असली चुनौती घोषणाओं में नहीं, क्रियान्वयन की गति में है। राज्य में पहले भी जल संरक्षण की योजनाएँ बनी हैं, परंतु ज़मीनी स्तर पर गाद निष्कासन और जलाशय पुनर्निर्माण जैसे काम अक्सर समयसीमा से पीछे रहे हैं। अल नीनो की अनिश्चितता को देखते हुए छह से बारह महीने की समयसीमा उचित है, लेकिन विभागीय जवाबदेही और स्वतंत्र निगरानी के बिना यह भी एक और समीक्षा बैठक बनकर रह सकती है। सामुदायिक भागीदारी की बात सही दिशा में है — असली परीक्षण यह होगा कि ग्राम संस्थाओं को संसाधन और अधिकार दोनों मिलते हैं या केवल जिम्मेदारी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अल नीनो क्या है और मेघालय पर इसका क्या असर हो सकता है?
अल नीनो एक वैश्विक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर की सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि से उत्पन्न होती है। मेघालय जैसे मानसून-निर्भर राज्यों में इससे वर्षा में कमी, लंबे सूखे और कृषि व जल संसाधनों पर गंभीर दबाव पड़ सकता है।
मेघालय सरकार ने अल नीनो से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने 23 जून 2026 को मेघालय जलवायु परिषद की बैठक में सभी विभागों को आकस्मिक योजनाओं को ठोस कार्रवाई में बदलने के निर्देश दिए। अगले 6 से 12 महीनों में जलाशयों का जीर्णोद्धार, जल संचयन संरचनाएँ और भूजल पुनर्भरण पहलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मेघालय में जल सुरक्षा के लिए कौन-से विशेष उपाय निर्देशित किए गए हैं?
सरकार ने तालाबों और जलाशयों के गाद निष्कासन व जीर्णोद्धार, जल संचयन संरचनाओं के निर्माण, भूजल पुनर्भरण पहलों और जलग्रहण क्षेत्र संरक्षण उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। मृदा एवं जल संरक्षण परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया है।
कृषि क्षेत्र पर अल नीनो के असर से बचाव के लिए क्या तैयारी है?
मुख्यमंत्री संगमा ने कृषि विभाग को बीजों और रोपण सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, सिंचाई सहायता को मज़बूत करने और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं।
मेघालय में जलवायु तैयारी में आम नागरिकों की क्या भूमिका होगी?
मुख्यमंत्री संगमा ने जलवायु तैयारी को जन आंदोलन बनाने पर ज़ोर दिया है। ग्राम संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय समुदायों को जल संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण प्रयासों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले