अयोध्या में चंद्रशेखर आजाद का योगी सरकार पर हमला: बम से हत्या, आरोपी अब तक फरार
सारांश
मुख्य बातें
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 20 सितंबर 2026 को अयोध्या में राम लगन मौर्य के परिजनों से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। राम लगन मौर्य और उनकी माँ की बीते दिनों गोलीबारी और बमबाजी की घटना में मौत हो चुकी है, और चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले में अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने को लेकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मुख्य घटनाक्रम
सांसद चंद्रशेखर आजाद रविवार को अयोध्या सर्किट हाउस से थाना पूरा कलंदर क्षेत्र में मृतक राम लगन मौर्य के परिजनों से मिलने पहुँचे। राम लगन मौर्य की बमबाजी और गोलीबारी की घटना में मौत हुई थी, और उनकी माँ भी इस हमले में गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं — करीब 15 दिन बाद उनकी भी मृत्यु हो गई।
चंद्रशेखर आजाद ने घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए कहा, 'राम लगन जी के साथ जो हुआ, वह बहुत दर्दनाक है। हमने पिक्चरों में देखते थे या बंगाल या दूसरे देशों में यह सुनाई देता था कि बम का प्रयोग होता है, सरेआम हत्या कर दी जाती है — लेकिन यह हमने अपनी आँखों से यहाँ अयोध्या, जिसे साकेत भी कहा जाता है और पूरी दुनिया में जिसकी पहचान है, वहाँ सरेआम बम से हत्या हो रही है, कई-कई बम दागे जा रहे हैं।'
कानून-व्यवस्था पर सवाल
सांसद ने कहा कि आरोपियों की अब तक पूरी गिरफ्तारी न होना प्रदेश की पुलिस और सरकार की विफलता को उजागर करता है। उन्होंने कहा, 'एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरी भी यह जिम्मेदारी है — उस परिवार का दुख बाँटना, उनके विश्वास को कानून के प्रति, संविधान के प्रति मजबूत करना, यह जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने परिवार से मामले को मीडिया के माध्यम से देश के सामने रखने का वादा किया है।
यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या राम मंदिर के उद्घाटन के बाद वैश्विक पहचान का केंद्र बन चुकी है, और इस शहर में इस प्रकार की हिंसक घटना ने व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दिया है।
सरकारी भर्ती और बेरोजगारी पर हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण और नई भर्तियों की घोषणाओं पर भी चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, 'अब नियुक्ति पत्र भी बटेंगे, नई वैकेंसी की घोषणाएं भी होंगी — लेकिन सच यह है कि पिछले साढ़े नौ साल में कितने नियुक्ति पत्र दिए हैं, यह सब जानते हैं।'
उन्होंने 68,500 और 69,000 शिक्षक भर्ती के साथ पंचायत सहायकों, रोजगार सेवकों, आशा, आंगनबाड़ी, भोजन माताओं, पीआरडी जवानों और पुलिस भर्ती से जुड़े मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीएड और बीटीसी अभ्यर्थियों के बीच रोजगार को लेकर गहरा असंतोष है और प्रदेश में बड़ी संख्या में पदों का बैकलॉग बना हुआ है।
पलायन, बाढ़ और आधारभूत संरचना
चंद्रशेखर आजाद ने बेरोजगारी को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का पढ़ा-लिखा युवा डिग्री लेकर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहा है। उन्होंने प्रयागराज में विभिन्न वर्गों के युवाओं के आंदोलनों का भी जिक्र किया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनके अनुसार हर वर्ष बाढ़ के बाद सरकारी दौरे होते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते। बस्ती में बिजली, पानी और सड़कों की समस्याओं के साथ-साथ क्षेत्र में लगी एथेनॉल फैक्ट्री से लोगों को हो रही परेशानियों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
2027 चुनाव को लेकर चेतावनी
चंद्रशेखर आजाद ने नियुक्ति पत्र वितरण और नई भर्तियों की घोषणाओं को 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि यह मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा, 'यह सब जो है, चुनाव में वोट अपने फेवर में प्रभावित करने का तरीका है — जनता सब जानती है।' उन्होंने कहा कि 2027 में जनता की अदालत लगेगी और सरकार को अपने कामकाज का हिसाब देना होगा।