16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चारबाग रेलवे स्टेशन टिन शेड हादसा: ठेकेदार पर ₹50 लाख जुर्माना, साइट इंजीनियर निलंबित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चारबाग रेलवे स्टेशन टिन शेड हादसा: ठेकेदार पर ₹50 लाख जुर्माना, साइट इंजीनियर निलंबित

सारांश

चारबाग स्टेशन पर निर्माण लापरवाही की कीमत चुकाई ठेकेदार ने — ₹50 लाख जुर्माना, साइट इंजीनियर निलंबित और पीएमसी टीम बर्खास्त। दो यात्री घायल, एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर के बाद उत्तरी रेलवे ने कड़ा संदेश दिया।

मुख्य बातें

चारबाग रेलवे स्टेशन पर निर्माण के दौरान प्लेटफॉर्म शेड (सीओपी) का हिस्सा गिरा; दो यात्री मामूली घायल , एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर ।
ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया गया।
प्रोजेक्ट साइट इंजीनियर निलंबित ; पीएमसी के प्रभारी अधिकारी सहित कई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त ।
पुनर्विकास परियोजना रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) द्वारा संचालित है।
उत्तरी रेलवे महाप्रबंधक राजेश पांडे ने यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए भविष्य में अतिरिक्त सतर्कता का आश्वासन दिया।

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य के दौरान प्लेटफॉर्म शेड (सीओपी) का एक हिस्सा गिरने की घटना में उत्तरी रेलवे प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया है। उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडे ने बताया कि इस हादसे में दो यात्री मामूली रूप से घायल हुए, जबकि एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर आया। घटना की जांच पूरी होते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की।

मुख्य घटनाक्रम

चारबाग स्टेशन पर इस समय बड़े पैमाने पर पुनर्विकास कार्य जारी है। यह परियोजना उत्तरी रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन इसका क्रियान्वयन रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) द्वारा किया जा रहा है — वही संस्था जो इससे पहले गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी है।

महाप्रबंधक पांडे के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान कुछ तकनीकी कमियाँ सामने आईं, जिसके कारण प्लेटफॉर्म शेड का एक छोटा हिस्सा नीचे आ गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए।

की गई कार्रवाई

आरएलडीए की ओर से पुष्टि की गई कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदार पर ₹50 लाख का भारी जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रोजेक्ट साइट इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट) के कर्मचारियों — जिनमें प्रभारी अधिकारी भी शामिल हैं — की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

रेलवे की प्रतिक्रिया

महाप्रबंधक राजेश पांडे ने स्पष्ट किया कि रेलवे इस घटना को एक गंभीर चेतावनी के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता के मामले में किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है। आगे के निर्माण कार्य में हर स्तर पर अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की रफ्तार तेज हुई है और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की पालना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि चारबाग जैसे व्यस्त स्टेशनों पर निर्माण और यात्री संचालन एक साथ चलाना जोखिम को स्वाभाविक रूप से बढ़ाता है। रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या यह भविष्य में निर्माण एजेंसियों के लिए पर्याप्त निवारक है। देशभर में रेलवे स्टेशन पुनर्विकास की आड़ में जिस तेज़ी से काम हो रहा है, उसमें यात्री-क्षेत्र के भीतर सक्रिय निर्माण स्थल एक संरचनात्मक जोखिम बने हुए हैं। आरएलडीए जैसी संस्थाओं पर जवाबदेही तय करने का तंत्र अभी भी प्रतिक्रियात्मक है — घटना के बाद कार्रवाई, घटना से पहले निगरानी नहीं। जब तक तीसरे पक्ष की स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य नहीं किया जाता, ऐसे हादसे महज़ प्रशासनिक खानापूर्ति बनकर रह जाएंगे।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चारबाग रेलवे स्टेशन पर टिन शेड गिरने की घटना क्या है?
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर जारी पुनर्विकास कार्य के दौरान प्लेटफॉर्म शेड (सीओपी) का एक हिस्सा गिर गया। इस हादसे में दो यात्री मामूली रूप से घायल हुए और एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर आया।
ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की गई है?
जांच के बाद ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा प्रोजेक्ट साइट इंजीनियर को निलंबित किया गया और पीएमसी के प्रभारी अधिकारी सहित कई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
चारबाग स्टेशन का पुनर्विकास कौन करा रहा है?
यह परियोजना उत्तरी रेलवे के अंतर्गत है, लेकिन इसे रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) द्वारा संचालित किया जा रहा है। आरएलडीए इससे पहले गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य भी कर चुकी है।
उत्तरी रेलवे ने भविष्य में सुरक्षा के लिए क्या कहा?
उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडे ने कहा कि यह घटना एक चेतावनी है और आगे निर्माण कार्य में हर स्तर पर अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
शेड गिरने का कारण क्या बताया गया?
महाप्रबंधक राजेश पांडे के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान कुछ तकनीकी कमियाँ सामने आईं, जिसके कारण प्लेटफॉर्म शेड का एक छोटा हिस्सा गिरा। मामले की विस्तृत जांच की गई, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले