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क्या बिहार के रोपवे टूटने की घटना पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की?

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क्या बिहार के रोपवे टूटने की घटना पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की?

सारांश

बिहार के रोहतास में निर्माणाधीन रोपवे के परीक्षण के दौरान हुई घटना पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। दोषी इंजीनियरों को सस्पेंड किया गया है और निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जानिए पूरी जानकारी इस गंभीर घटना के बारे में।

मुख्य बातें

बिहार में रोपवे परीक्षण के दौरान गंभीर हादसा हुआ।
सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और दोषियों के खिलाफ कदम उठाए।
रोपवे का कार्य लापरवाही के कारण प्रभावित हुआ।
भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए योजना की आवश्यकता है।
निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू।

पटना, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के रोहतास में निर्माणाधीन 13 करोड़ रुपए की रोपवे का परीक्षण के दौरान धराशाई होने की घटना पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। बिहार पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने जांच में दोषी पाए गए इंजीनियरों और ठेकेदार के खिलाफ कठोर कदम उठाने का आश्वासन दिया है。

मंत्री ने मंगलवार को कहा कि रोपवे का परीक्षण उस समय हुआ जब वह टूट गया और यह स्पष्ट रूप से लापरवाही का परिणाम है, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। घटना के बाद, सरकार ने त्वरित जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में निर्माण कंपनी और पथ निर्माण विभाग के इंजीनियरों की गंभीर लापरवाही का खुलासा हुआ। रिपोर्ट में तकनीकी त्रुटियों और परीक्षण के दौरान सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का जिक्र किया गया है।

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर प्रोजेक्ट इंजीनियरों को सस्पेंड करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, जिस निर्माण कंपनी ने इस रोपवे का काम किया था, उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि जिस डिज़ाइन के तहत इसे बनाया जा रहा था, उसमें भी खामियाँ थीं, जिनकी जांच की जा रही है।

ज्ञातव्य है कि रोहतास में निर्माणाधीन 13 करोड़ रुपए का एक रोपवे परीक्षण के दौरान धराशाई हो गया। इस घटना में रोपवे का पिलर और ट्रॉली अचानक गिर गए। यह रोपवे रोहतास प्रखंड मुख्यालय से ऐतिहासिक चौरासन मंदिर तक के दुर्गम मार्ग को सुगम बनाने के लिए बनाया जा रहा था। इसे नए साल में पर्यटकों के लिए खोलने की योजना थी।

परीक्षण के दौरान रोपवे का पिलर भार सहन नहीं कर सका और ट्रॉली सहित नीचे गिर गया। राहत की बात यह रही कि उस समय ट्रॉली में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि टल गई।

यह रोपवे रोहतास प्रखंड मुख्यालय से ऐतिहासिक चौरासन मंदिर तक के दुर्गम रास्ते को सुगम बनाने के लिए बनाया जा रहा था, और इसे नए साल में पर्यटकों के लिए खोलने की योजना थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमें यह भी बताती है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा और योजना की कितनी अहमियत है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे हादसे भविष्य में न हों, ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोपवे का निर्माण क्यों हुआ था?
रोपवे का निर्माण रोहतास प्रखंड मुख्यालय से ऐतिहासिक चौरासन मंदिर तक के दुर्गम मार्ग को सुगम बनाने के लिए किया जा रहा था।
इस घटना के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए?
सरकार ने जांच में दोषी पाए गए इंजीनियरों को सस्पेंड करने और निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया।
क्या हादसे में किसी को चोट आई?
राहत की बात यह रही कि ट्रॉय में कोई व्यक्ति सवार नहीं था, जिससे जनहानि टल गई।
राष्ट्र प्रेस
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