पंजाब में विकास की समीक्षा: मंत्री चीमा ने संगरूर में बैठक की, अधूरे कार्यों पर सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 12 जून 2026 को संगरूर के उपायुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित कर राज्यभर में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में गांवों और शहरों को अनुदान दिए जा रहे हैं और विकास परियोजनाएं पूरे राज्य में सक्रिय रूप से चल रही हैं।
समीक्षा बैठक और निर्देश
मंत्री चीमा ने बताया कि उन्होंने नियमित समीक्षा की एक व्यवस्था तय की है, जिसके तहत अधिकारी हर सप्ताह बैठकें करेंगे, जबकि वे स्वयं पखवाड़े के आधार पर प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर काम अधूरा पाया गया है और इसे जल्द पूरा करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
चीमा ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति
समीक्षा में सामने आया कि विभिन्न परियोजनाओं में काम की प्रगति अलग-अलग है — कुछ स्थानों पर 70 प्रतिशत, कुछ पर 80 प्रतिशत और कुछ पर 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुछ परियोजनाओं की समाप्ति की समयसीमा जुलाई है, जबकि अन्य के लिए अगस्त तय की गई है।
बरनाला नगर निगम और नए मेयर
चीमा ने हसन प्रीत को बरनाला के पहले मेयर के रूप में चुने जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बरनाला पहले काउंसिल था, जो अब नगर निगम में परिवर्तित हो चुका है। हाउस के कुल 50 सदस्यों में से 49 सदस्यों ने हसन प्रीत के पक्ष में मतदान किया। मंत्री ने कहा कि यह नतीजा आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रति जनता के विश्वास का प्रतीक है और इससे विकास कार्यों को और बल मिलेगा।
व्यापारी आयोग और केजरीवाल का दौरा
मंत्री चीमा ने यह भी बताया कि अरविंद केजरीवाल पंजाब के व्यापारियों और कारोबारियों से सीधे संवाद के लिए विभिन्न शहरों का दौरा करेंगे। व्यापार समुदाय की समस्याओं के निराकरण हेतु एक व्यापारी आयोग का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से उनकी प्रमुख चिंताओं का समाधान किया जाएगा।
भाजपा पर निशाना
चीमा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतंत्र के हितों पर लगातार प्रहार कर रही है और राजनीतिक शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए मौजूदा राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान आगामी चुनावी माहौल में राजनीतिक ध्रुवीकरण को दर्शाते हैं।
मंत्री चीमा की यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य सरकार विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की गति को लेकर विपक्ष के सवालों का सामना कर रही है। आगामी हफ्तों में परियोजनाओं की समयसीमा पूरी होने पर ज़मीनी नतीजे सरकार की जवाबदेही की असली परीक्षा होंगे।