छत्तीसगढ़ के वनांचल में PM आवास योजना से बदली ज़िंदगी, मोहला-मानपुर के लाभार्थियों ने बताया 12 साल का अनुभव
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर ज़िले के वनांचल क्षेत्र में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उन परिवारों की तस्वीर बदल दी है, जो कभी मिट्टी और खपरैल के कच्चे मकानों में बारिश की रातें जागकर गुज़ारते थे। 26 मई 2026 को लाभार्थियों ने बताया कि पक्के घर के साथ-साथ उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और महतारी योजना जैसी कल्याणकारी पहलों ने उनके जीवन स्तर में ठोस सुधार किया है।
मुख्य घटनाक्रम
मोहला-मानपुर के वनांचल गाँवों में दर्जनों परिवार ऐसे हैं जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान मिले हैं। लाभार्थियों के अनुसार, पहले बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था और रात भर जागकर बिताना पड़ता था। अब पक्के मकान में परिवार सुरक्षित और खुशहाल है। गौरतलब है कि मोहला-मानपुर जैसे दूरदराज़ वनांचल ज़िलों में बुनियादी सुविधाओं की पहुँच ऐतिहासिक रूप से सीमित रही है।
लाभार्थियों की आवाज़
एक लाभार्थी महिला ने बताया, 'पहले मेरा घर जर्जर था। पीएम आवास योजना का लाभ मिलने से अब मकान पक्का बन गया है। पहले योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं हो पाती थी, लेकिन अब घर बैठे सब काम हो जा रहा है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वह गरीबों के साथी बने हैं।
पीएम आवास योजना के एक अन्य लाभार्थी प्रमोद यादव ने कहा कि पहले कच्चे घर में रहते थे और बारिश में पानी टपकता था। उन्होंने बताया, 'केंद्र सरकार की योजना से पक्का मकान मिला है — यह बहुत अच्छी योजना है। पीएम आवास योजना, महतारी योजना, उज्ज्वला योजना और शौचालय निर्माण जैसी कल्याणकारी योजनाओं से गरीब लोगों को बहुत लाभ मिल रहा है।'
योजनाओं का समग्र असर
ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन मिला, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बना और आवास योजना से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला। लाभार्थियों का कहना है कि सरकार की योजनाएँ सीधे ज़रूरतमंदों तक पहुँच रही हैं, जिससे वनांचल क्षेत्रों में भी विकास दिखाई दे रहा है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दूरदराज़ के आदिवासी और वन-क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की अंतिम-मील डिलीवरी एक बड़ी चुनौती मानी जाती रही है।
आम जनता पर असर
मोहला-मानपुर जैसे वनांचल ज़िलों में जहाँ कभी बुनियादी ढाँचे का अभाव था, वहाँ पक्के मकान, रसोई गैस और स्वच्छता सुविधाएँ मिलने से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात लाभार्थी बता रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी रेखांकित किया कि अब योजनाओं की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में सुलभ हुई है।
आगे की राह
लाभार्थियों और ग्रामीणों की प्रतिक्रियाएँ संकेत देती हैं कि वनांचल क्षेत्रों में केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ी है। आने वाले समय में इन योजनाओं की निरंतरता और नए लाभार्थियों तक पहुँच पर ध्यान केंद्रित रहेगा, ताकि छत्तीसगढ़ के शेष वंचित क्षेत्रों में भी यही बदलाव दिखे।