9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीन के 70 करोड़ कैमरे विदेशी नागरिकों पर रख रहे रीयल-टाइम नज़र, लीक डेटाबेस से हुआ खुलासा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीन के 70 करोड़ कैमरे विदेशी नागरिकों पर रख रहे रीयल-टाइम नज़र, लीक डेटाबेस से हुआ खुलासा

सारांश

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर आरोप है कि उसने 70 करोड़ से अधिक कैमरों और फेशियल रिकग्निशन तकनीक से लैस एक विशाल निगरानी तंत्र बनाया है जो विदेशी नागरिकों की हर गतिविधि ब्लॉक स्तर तक ट्रैक करता है। लीक डेटाबेस में एक ब्रिटिश पत्रकार ने अपनी प्रोफाइल भी खोज निकाली।

मुख्य बातें

साइबर सुरक्षा संगठन नेटअस्करी के विश्लेषण के अनुसार, चीन का 'डायनमिक कंट्रोल प्लेटफॉर्म फॉर ओवरसीज पर्सनल' विदेशी नागरिकों की रीयल-टाइम लोकेशन और सामाजिक संबंध ट्रैक करता है।
कथित डेटाबेस में पासपोर्ट नंबर, जन्मतिथि, राष्ट्रीयता, नियोक्ता, चीनी मोबाइल नंबर और फ़ोटो शामिल हैं।
चीन में 70 करोड़ से अधिक निगरानी कैमरे हैं — प्रत्येक दो नागरिकों पर एक निगरानी उपकरण।
प्रणाली विशेष रूप से 'फाइव आइज़' गठबंधन (ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, यूके, अमेरिका) के नागरिकों पर केंद्रित बताई गई है।
चीन में 116 मीडिया पेशेवर जेल में हैं; वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन तीसरे सबसे खराब स्थान पर।
ट्रंप के दौरे को कवर करने गए कई अमेरिकी पत्रकारों को वीज़ा देने से इनकार किया गया।

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) ने एक अत्यंत परिष्कृत निगरानी प्रणाली विकसित की है, जो देश में मौजूद विदेशी नागरिकों की रीयल-टाइम लोकेशन, दैनिक गतिविधियों और सामाजिक संबंधों को निरंतर ट्रैक करती है — यह दावा साइबर सुरक्षा शोध संगठन नेटअस्करी के एक विश्लेषण में किया गया है, जिसे न्यू टैंग डायनेस्टी (NTD) टेलीविजन ने उद्धृत किया। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रणाली का नाम 'डायनमिक कंट्रोल प्लेटफॉर्म फॉर ओवरसीज पर्सनल' है और यह 70 करोड़ से अधिक निगरानी कैमरों वाले नेटवर्क का हिस्सा है।

निगरानी प्रणाली कैसे काम करती है

नेटअस्करी के विश्लेषण के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म सुरक्षा कैमरों, चेहरा पहचान तकनीक, वीज़ा रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा को एकीकृत कर विदेशी नागरिकों का व्यापक डोज़ियर तैयार करता है। कथित तौर पर इस डेटाबेस में पासपोर्ट नंबर, जन्मतिथि, राष्ट्रीयता, नियोक्ता का नाम, चीनी मोबाइल नंबर और फ़ोटो जैसी संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी संग्रहीत की जाती है।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि सिस्टम लोगों के सामाजिक संबंध और मूवमेंट पैटर्न भी दर्ज करता है — यानी कौन किससे मिलता है, कौन किसका सहकर्मी है, और क्या दो लोगों को एक ही कैमरे में एक साथ देखा गया है।

पत्रकार भी निशाने पर

NTD की लेखिका मैरी मैन ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से 'फाइव आइज़' गठबंधन — अर्थात ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका — के नागरिकों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, 'यह सिस्टम खास चीनी शहरों में, पड़ोस के ब्लॉक स्तर तक इन नागरिकों के सटीक वितरण पर नज़र रखता है।'

ब्रिटेन के एक प्रमुख दैनिक की रिपोर्टर सोफिया यान ने कथित तौर पर इस डेटाबेस में अपनी व्यक्तिगत प्रोफाइल खोज निकाली। मैरी मैन के अनुसार, यान ने कहा: 'आप देख सकते हैं कि कौन एक-दूसरे को जानता है, कौन क्लासमेट है, कौन कलीग है, क्या वे एक ही मोहल्ले में रहते हैं, क्या उन्हें कैमरे में एक साथ देखा गया है।'

विदेशी पत्रकारों को विशेष निगरानी सूची में रखे जाने का भी दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के दौरे को कवर करने गए कई अमेरिकी पत्रकारों को सीसीपी ने वीज़ा देने से इनकार कर दिया — इनमें द एपोक टाइम्स के व्हाइट हाउस रिपोर्टर ट्रैविस गिलमोर, NTD टेलीविजन रिपोर्टर मारी ओत्सु और फोटो जर्नलिस्ट लेई चेन शामिल थे।

प्रेस स्वतंत्रता की स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, चीन में इस समय 116 मीडिया पेशेवर जेल में बंद हैं, जिसके चलते वह दुनिया में पत्रकारों को सबसे अधिक कैद करने वाला देश बना हुआ है। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन को उत्तर कोरिया और इरिट्रिया के ठीक ऊपर तीसरे सबसे खराब देश के रूप में स्थान दिया गया है। गौरतलब है कि चीन में अब प्रत्येक दो नागरिकों पर एक निगरानी उपकरण मौजूद होने का अनुमान है।

आगे क्या

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब पश्चिमी देश चीन की तकनीकी निगरानी क्षमताओं को लेकर पहले से सतर्क हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये दावे सत्यापित होते हैं, तो यह राजनयिक और नागरिक स्वतंत्रता दोनों स्तरों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। फिलहाल चीनी सरकार की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जिस पर ठोस कार्रवाई अब तक सीमित रही है। असली सवाल यह है कि 'फाइव आइज़' देशों के नागरिकों को ब्लॉक स्तर तक ट्रैक करने वाली प्रणाली के सार्वजनिक होने के बाद भी इन देशों की सरकारें अपने नागरिकों को सूचित करने में कितनी पारदर्शी रहेंगी। मुख्यधारा की कवरेज तकनीकी विवरण पर अटकी रह जाती है, जबकि असली मुद्दा यह है कि अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता और कूटनीति पर इस निगरानी का व्यावहारिक असर क्या है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन का 'डायनमिक कंट्रोल प्लेटफॉर्म फॉर ओवरसीज पर्सनल' क्या है?
यह कथित तौर पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा विकसित एक निगरानी प्रणाली है जो सुरक्षा कैमरों, फेशियल रिकग्निशन, वीज़ा रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा को जोड़कर विदेशी नागरिकों की रीयल-टाइम लोकेशन और सामाजिक संबंध ट्रैक करती है। यह जानकारी साइबर सुरक्षा संगठन नेटअस्करी के विश्लेषण पर आधारित है।
चीन में कितने निगरानी कैमरे हैं?
रिपोर्ट के अनुसार चीन में 70 करोड़ से अधिक निगरानी कैमरे हैं, जो प्रत्येक दो नागरिकों पर एक उपकरण का अनुपात बनाते हैं। यह नेटवर्क पड़ोस के ब्लॉक स्तर तक लोगों की गतिविधियों को ट्रैक करने में सक्षम बताया गया है।
क्या विदेशी पत्रकारों को विशेष रूप से निशाना बनाया जाता है?
रिपोर्ट के अनुसार विदेशी पत्रकारों और कुछ 'संवेदनशील व्यक्तियों' को विशेष निगरानी सूची में रखा जाता है। ट्रंप के दौरे को कवर करने गए कई अमेरिकी पत्रकारों — जिनमें ट्रैविस गिलमोर, मारी ओत्सु और लेई चेन शामिल थे — को वीज़ा देने से इनकार किया गया।
वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन की रैंकिंग क्या है?
वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन को उत्तर कोरिया और इरिट्रिया के ठीक ऊपर तीसरे सबसे खराब देश के रूप में स्थान दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार चीन में 116 मीडिया पेशेवर जेल में बंद हैं।
'फाइव आइज़' देशों के नागरिकों पर इस निगरानी का क्या असर है?
रिपोर्ट के अनुसार यह प्रणाली विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के नागरिकों पर केंद्रित है और उनके सटीक ठिकाने ब्लॉक स्तर तक दर्ज किए जाते हैं। ब्रिटेन की पत्रकार सोफिया यान ने कथित तौर पर इस डेटाबेस में अपनी व्यक्तिगत प्रोफाइल खोज निकाली।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले