3 सितंबर 2026
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सीआईएसएफ संरक्षणिका ने लॉन्च कीं कौशल विकास व शिक्षा सहायता पहलें, 8 केंद्रों पर JSS प्रशिक्षण शुरू

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सीआईएसएफ संरक्षणिका ने लॉन्च कीं कौशल विकास व शिक्षा सहायता पहलें, 8 केंद्रों पर JSS प्रशिक्षण शुरू

सारांश

सीआईएसएफ की संरक्षणिका ने एक साथ तीन बड़ी पहलें शुरू कीं — 8 केंद्रों पर JSS कौशल प्रशिक्षण, दृष्टि IAS के साथ रियायती कोचिंग MOU और दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर। यह अर्धसैनिक परिवारों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को संस्थागत समर्थन देने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

सीआईएसएफ संरक्षणिका ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कौशल विकास, शिक्षा और कल्याण की कई पहलें एक साथ लॉन्च कीं।
8 सीआईएसएफ इकाइयों में JSS के सहयोग से 13 बैचों को NSQF-प्रमाणित व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दृष्टि IAS के साथ MOU के तहत 2026-27 से 2028-29 तक UPSC, PCS व अन्य परीक्षाओं के लिए रियायती कोचिंग मिलेगी।
सेवारत, सेवानिवृत्त कर्मियों के साथ-साथ शहीद कर्मियों के आश्रित भी कोचिंग सुविधा के पात्र होंगे।
दिव्यांग बच्चों वाले सीआईएसएफ परिवारों को गतिशीलता बढ़ाने के लिए व्हीलचेयर वितरित की गईं।
महानिदेशक प्रवीर रंजन ने पहलों की सराहना कर इन्हें बल के सशक्तिकरण प्रयासों का हिस्सा बताया।

सीआईएसएफ पत्नियों के कल्याण संघ, संरक्षणिका ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित सीआईएसएफ मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहलों का एक साथ शुभारंभ किया, जिनका उद्देश्य केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के कर्मियों के परिवारों को कौशल, शिक्षा और गतिशीलता के क्षेत्र में सशक्त बनाना है। इन पहलों में जन शिक्षण संस्थान (JSS) के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम, दृष्टि IAS के साथ रियायती कोचिंग समझौता और दिव्यांग बच्चों के परिवारों को व्हीलचेयर वितरण शामिल है। सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन और बल के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

सक्षम पहल: JSS के साथ कौशल विकास प्रशिक्षण

संरक्षणिका की 'सक्षम' पहल के अंतर्गत, भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की योजना जन शिक्षण संस्थान (JSS) के सहयोग से 8 सीआईएसएफ इकाइयों में व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 13 बैचों ने प्रशिक्षण के लिए नामांकन किया है।

इस व्यवस्था के तहत JSS प्रशिक्षक, उपकरण और औजार उपलब्ध कराएगा, जबकि संबंधित सीआईएसएफ इकाइयाँ प्रशिक्षण स्थल प्रदान करेंगी। प्रतिभागियों को राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे। यह पहल सीआईएसएफ कर्मियों के परिजनों में स्वरोजगार और उद्यमिता की संभावनाएँ बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

दृष्टि IAS के साथ MOU: प्रतियोगी परीक्षाओं में रियायती कोचिंग

संरक्षणिका ने दृष्टि IAS के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत सेवारत और सेवानिवृत्त सीआईएसएफ कर्मियों, शहीदों तथा कर्तव्य के दौरान शहीद हुए कर्मियों के जीवनसाथियों और आश्रितों को सिविल सेवा (UPSC), न्यायपालिका, राज्य PCS, शिक्षण परीक्षाओं और CUET के लिए रियायती कोचिंग प्रदान की जाएगी।

यह सुविधा शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक के नए नामांकनों पर लागू होगी। दृष्टि IAS के संस्थापक डॉ. विकास दिव्याकीर्ति ने कहा कि यह साझेदारी सीआईएसएफ परिवारों की शैक्षिक आकांक्षाओं को पूरा करने में सहायक होगी, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक बेहतर पहुँच प्राप्त होगी।

दिव्यांग बच्चों के परिवारों को व्हीलचेयर वितरण

अपनी कल्याणकारी प्रतिबद्धता के तहत संरक्षणिका ने दिव्यांग बच्चों वाले सीआईएसएफ कर्मियों के परिवारों को व्हीलचेयर वितरित कीं। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। यह कदम बल के उन परिवारों के लिए विशेष रूप से राहतकारी है जो रोज़मर्रा की देखभाल में चुनौतियों का सामना करते हैं।

महानिदेशक की प्रतिक्रिया

सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि संरक्षणिका द्वारा कौशल विकास, शैक्षिक अवसरों और परिवार कल्याण को मज़बूत करने के ये प्रयास बल के सदस्यों के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी इसी तरह की कल्याणकारी पहलें जारी रहनी चाहिए।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब अर्धसैनिक बलों के परिवारों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा पर नीति-निर्माताओं का ध्यान बढ़ रहा है। NSQF-प्रमाणित प्रशिक्षण और UPSC कोचिंग तक रियायती पहुँच मिलकर एक ऐसा ढाँचा तैयार करती हैं जो सीआईएसएफ परिवारों को दीर्घकालिक आर्थिक स्वतंत्रता की ओर ले जा सकता है। इन कार्यक्रमों की सफलता आने वाले बैचों के नामांकन और प्रमाणन दर पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — 8 केंद्रों पर 13 बैच एक शुरुआत है, न कि पैमाना। दृष्टि IAS के साथ MOU में 'रियायती' की परिभाषा और छूट का प्रतिशत सार्वजनिक नहीं किया गया, जो पारदर्शिता की दृष्टि से एक कमी है। अर्धसैनिक बलों के परिवार अक्सर बार-बार तबादलों के कारण शैक्षिक निरंतरता से वंचित रहते हैं — ऑनलाइन कोचिंग पहुँच इस अंतर को पाट सकती है, बशर्ते कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो। व्हीलचेयर वितरण सहानुभूतिपूर्ण है, पर दिव्यांग बच्चों की संख्या और कवरेज का कोई आँकड़ा सामने नहीं आया — जवाबदेही के लिए यह ज़रूरी है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआईएसएफ संरक्षणिका क्या है और इसने कौन-सी पहलें शुरू की हैं?
संरक्षणिका, सीआईएसएफ पत्नियों का कल्याण संघ है, जो बल के परिवारों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए काम करता है। 3 सितंबर 2026 को इसने JSS कौशल प्रशिक्षण, दृष्टि IAS के साथ MOU और दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर वितरण सहित कई पहलें एक साथ लॉन्च कीं।
JSS कौशल विकास कार्यक्रम में कितने केंद्र और बैच शामिल हैं?
यह कार्यक्रम 8 सीआईएसएफ इकाइयों में चलाया जाएगा, जिनमें कुल 13 बैचों ने नामांकन किया है। JSS प्रशिक्षक और उपकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि सीआईएसएफ इकाइयाँ प्रशिक्षण स्थल देंगी और प्रतिभागियों को NSQF-प्रमाणित प्रमाण-पत्र मिलेगा।
दृष्टि IAS के साथ MOU से सीआईएसएफ परिवारों को क्या लाभ मिलेगा?
इस MOU के तहत सेवारत, सेवानिवृत्त और शहीद सीआईएसएफ कर्मियों के जीवनसाथियों व आश्रितों को UPSC सिविल सेवा, न्यायपालिका, राज्य PCS, शिक्षण परीक्षाओं और CUET के लिए रियायती कोचिंग मिलेगी। यह सुविधा शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक के नए नामांकनों पर लागू होगी।
व्हीलचेयर वितरण पहल का उद्देश्य क्या है?
यह पहल दिव्यांग बच्चों वाले सीआईएसएफ कर्मियों के परिवारों को गतिशीलता और आत्मनिर्भरता में सहायता देने के लिए शुरू की गई है। संरक्षणिका ने इसे अपनी व्यापक कल्याण योजना के अंतर्गत लागू किया है।
इन पहलों की देखरेख कौन कर रहा है और इनका क्रियान्वयन कब से होगा?
इन पहलों की अगुआई संरक्षणिका कर रही है और सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने इन्हें बल के समग्र सशक्तिकरण प्रयासों का हिस्सा बताया है। JSS प्रशिक्षण तत्काल प्रभाव से शुरू हो गया है, जबकि कोचिंग MOU शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लागू होगा।
राष्ट्र प्रेस
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