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सीआईएसएफ के 4 शहीद जवानों के परिजनों को मिली ₹1.6 करोड़ की वित्तीय सहायता, एसबीआई ने सौंपे चेक

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सीआईएसएफ के 4 शहीद जवानों के परिजनों को मिली ₹1.6 करोड़ की वित्तीय सहायता, एसबीआई ने सौंपे चेक

सारांश

सीआईएसएफ और एसबीआई ने मिलकर यूनिट एसएचईपी सेवा-II में 29 सितंबर को शहीद हुए चार जवानों — अंकित कुमार पांडे, लछमन सिंह, मो. रफीक और संजीव कुमार — के परिजनों को ₹1.6 करोड़ प्रति परिवार की वित्तीय सहायता देने के लिए नई दिल्ली में विशेष समारोह आयोजित किया।

मुख्य बातें

सीआईएसएफ और एसबीआई ने 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में समारोह आयोजित कर 4 शहीद जवानों के परिजनों को वित्तीय सहायता के चेक सौंपे।
प्रत्येक परिवार को कुल ₹1.6 करोड़ की सहायता — पीएआई से ₹1 करोड़ , जीटीएलआई से ₹10 लाख , सीआईएसएफ रिस्क फंड से ₹20 लाख (परिजन) और ₹5 लाख (माता-पिता), अंत्येष्टि हेतु ₹35,000 तथा एमएचए अनुग्रह राशि ₹25 लाख ।
मृतक कर्मी: असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे , एसआई लछमन सिंह , कांस्टेबल मो.
रफीक और कांस्टेबल संजीव कुमार ; सभी 29 सितंबर को शहीद हुए।
चारों के पेंशन मामले पे एंड अकाउंट्स ऑफिस (पीएओ) , नई दिल्ली को प्रोसेसिंग के लिए भेजे गए।
पात्र आश्रितों को नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति देने पर भी विचार किया जाएगा।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने मिलकर सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित सीआईएसएफ मुख्यालय में एक विशेष समारोह आयोजित किया, जिसमें 29 सितंबर को सीआईएसएफ यूनिट एसएचईपी सेवा-II में तैनाती के दौरान जान गंवाने वाले चार कर्मियों के परिवारों को वित्तीय सहायता के चेक सौंपे गए। प्रत्येक परिवार को कुल ₹1.6 करोड़ की सहायता दी गई, जिसमें गृह मंत्रालय से मिलने वाली अनुग्रह राशि भी शामिल है।

मृतक कर्मियों का विवरण

जिन चार कर्मियों के परिजनों को यह सहायता प्रदान की गई, उनमें असिस्टेंट कमांडेंट/एग्जीक्यूटिव अंकित कुमार पांडे, एसआई/एग्जीक्यूटिव लछमन सिंह, कांस्टेबल/जीडी मो. रफीक और कांस्टेबल/जीडी संजीव कुमार शामिल थे। ये सभी कर्मी 29 सितंबर को यूनिट एसएचईपी सेवा-II में अपनी ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे।

वित्तीय सहायता का ब्यौरा

प्रत्येक परिवार को दी गई वित्तीय सहायता में पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस (पीएआई) के तहत ₹1 करोड़, ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस (जीटीएलआई) के तहत ₹10 लाख और सीआईएसएफ रिस्क फंड से परिजनों को ₹20 लाख की राशि शामिल है।

इसके अतिरिक्त, माता-पिता के लिए सीआईएसएफ रिस्क फंड से ₹5 लाख, अंतिम संस्कार व्यय के लिए ₹35,000 और गृह मंत्रालय (एमएचए) की ओर से अनुग्रह राशि के रूप में ₹25 लाख प्रदान किए जाने की व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि एमएचए की अनुग्रह राशि अभी जारी होनी बाकी है।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस समारोह में सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन, एडीजी (मुख्यालय) विजय प्रकाश और एडीजी (एयरपोर्ट सेक्टर) बिनीता ठाकुर मौजूद रहे। एसबीआई की ओर से सलाहकार हरिनाथ मिश्रा, महाप्रबंधक अजीत पोद्दार और उप महाप्रबंधक सुचित्रा जैन ने भाग लिया।

दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शोकाकुल परिवारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और सभी देय लाभ शीघ्र दिलाने का भरोसा दिलाया।

पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया

चारों कर्मियों के पेंशन मामले नई दिल्ली स्थित पे एंड अकाउंट्स ऑफिस (पीएओ) को प्रोसेसिंग के लिए भेज दिए गए हैं। सीआईएसएफ ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार, पात्र आश्रितों को 'अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति' देने पर भी विचार किया जा सकता है।

सीआईएसएफ-एसबीआई सहयोग की अहमियत

यह आयोजन सीआईएसएफ और एसबीआई के बीच संस्थागत सहयोग की एक महत्वपूर्ण मिसाल है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में अर्धसैनिक बलों के कर्मियों के कल्याण को लेकर नीतिगत चर्चा तेज हो रही है। इस पहल का उद्देश्य मृतक कर्मियों के परिवारों को बीमा दावों और अन्य कल्याणकारी लाभों की प्रक्रिया सरल और तीव्र बनाकर उपलब्ध कराना है, ताकि शोकसंतप्त परिवारों को लंबी नौकरशाही प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े।

संपादकीय दृष्टिकोण

गृह मंत्रालय की ₹25 लाख की अनुग्रह राशि अभी भी लंबित है, जो यह दर्शाता है कि प्रक्रियागत देरी अभी भी पूरी तरह दूर नहीं हुई है। पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति जैसे दीर्घकालिक लाभों की प्रक्रिया 'विचाराधीन' रहना उन परिवारों के लिए अनिश्चितता का स्रोत बना रहता है जो पहले से आघात में हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह तालमेल एक बार का आयोजन है या एक टिकाऊ संस्थागत व्यवस्था जो भविष्य में हर शहीद के परिवार को समय पर न्याय दिलाए।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआईएसएफ के शहीद जवानों के परिजनों को कितनी वित्तीय सहायता मिली?
प्रत्येक परिवार को कुल ₹1.6 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई, जिसमें पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस से ₹1 करोड़, ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस से ₹10 लाख, सीआईएसएफ रिस्क फंड से ₹25 लाख, अंत्येष्टि खर्च के लिए ₹35,000 और गृह मंत्रालय की अनुग्रह राशि ₹25 लाख शामिल है।
कौन से चार सीआईएसएफ जवान शहीद हुए थे?
29 सितंबर को सीआईएसएफ यूनिट एसएचईपी सेवा-II में तैनाती के दौरान असिस्टेंट कमांडेंट/एग्जीक्यूटिव अंकित कुमार पांडे, एसआई/एग्जीक्यूटिव लछमन सिंह, कांस्टेबल/जीडी मो. रफीक और कांस्टेबल/जीडी संजीव कुमार शहीद हुए थे।
शहीद जवानों के परिवारों की पेंशन का क्या होगा?
चारों कर्मियों के पेंशन मामले नई दिल्ली स्थित पे एंड अकाउंट्स ऑफिस (पीएओ) को प्रोसेसिंग के लिए भेज दिए गए हैं। इसके अलावा, पात्र आश्रितों को नियमानुसार अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने पर भी विचार किया जा सकता है।
इस समारोह में एसबीआई की क्या भूमिका रही?
एसबीआई ने सीआईएसएफ के साथ मिलकर बीमा दावों और कल्याणकारी लाभों की प्रक्रिया को सरल बनाया और परिवारों को चेक सौंपे। एसबीआई के सलाहकार हरिनाथ मिश्रा, महाप्रबंधक अजीत पोद्दार और उप महाप्रबंधक सुचित्रा जैन इस समारोह में उपस्थित रहे।
गृह मंत्रालय की अनुग्रह राशि कब मिलेगी?
गृह मंत्रालय की ओर से देय ₹25 लाख की अनुग्रह राशि अभी जारी होनी बाकी है। अधिकारियों ने परिवारों को सभी लंबित वित्तीय लाभ जल्द से जल्द दिलाने का भरोसा दिलाया है।
राष्ट्र प्रेस
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