सीजेआई सूर्यकांत ने चंडीगढ़ जिला अदालत में मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया, HC में रिक्त पदों को भरने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 19 जुलाई 2025 को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में बहुप्रतीक्षित मल्टीलेवल पार्किंग सुविधा का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल अधिवक्ताओं तक सीमित नहीं, बल्कि अदालत परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की एक बुनियादी आवश्यकता है।
उद्घाटन और पार्किंग संकट का समाधान
मीडिया से बातचीत में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि सेक्टर-43 जिला न्यायालय में पार्किंग की समस्या लंबे समय से वकीलों और वादियों दोनों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी। नई मल्टीलेवल पार्किंग इस समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी पार्किंग की गहरी समस्या बनी हुई है, जहाँ फिलहाल एक खुले स्थान को अस्थायी पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी अगली यात्रा तक इस समस्या का भी समाधान हो जाएगा।
उच्च न्यायालय में रिक्त पदों पर अपील
सीजेआई ने पंजाब और हरियाणा दोनों राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि वे उच्च न्यायालय में खाली पड़े न्यायिक पदों को शीघ्र भरें। उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।' रिक्त पदों की संख्या अधिक होने से न्यायालयों पर कार्यभार बढ़ता है और लंबित मामलों की संख्या में वृद्धि होती है।
लंबित मामलों पर नया नज़रिया
न्यायालयों में 5 करोड़ लंबित मामलों के आँकड़े पर सीजेआई ने कहा कि यह एक 'नैरेटिव' है। उनके अनुसार, इनमें से लगभग 2 करोड़ मामले ऐसे हैं जो एक सतत प्रक्रिया-चक्र में हैं और तकनीकी रूप से 'लंबित' की श्रेणी में नहीं आते। उन्होंने कहा कि जल्द निर्णय देने के मोर्चे पर उच्च न्यायालयों और जिला न्यायालयों दोनों में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, और जहाँ कोताही पाई गई, वहाँ कार्रवाई भी की गई है।
तकनीक और एआई का न्यायतंत्र में उपयोग
सीजेआई सूर्यकांत ने दावा किया कि तकनीक के उपयोग के मामले में भारतीय न्यायतंत्र विश्व में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने बताया कि अब गाँव और दूरदराज के क्षेत्रों से बैठकर मुकदमा दायर किया जा सकता है और स्थानीय अधिवक्ता वहीं से बहस कर सकते हैं — जिससे गरीब और वंचित तबके को सीधा लाभ मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विनियमन पर उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर AI रेगुलेशन फ्रेमवर्क पहले ही अपलोड किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायतंत्र AI का उपयोग करेगा — और कर भी रहा है — परंतु एक विनियमित और नियंत्रित तरीके से।
हिंदी बनाम अंग्रेजी का प्रश्न
उच्च न्यायालयों में अंग्रेजी की जगह हिंदी में कामकाज के सवाल पर सीजेआई ने कहा कि यह विषय संबंधित उच्च न्यायालय और राज्य सरकार के बीच का मामला है। उन्होंने इस पर कोई केंद्रीय निर्देश देने से परहेज़ किया। आने वाले समय में न्यायिक बुनियादी ढाँचे को और मज़बूत करने और तकनीकी समाधानों को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।