14 सितंबर 2026
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भाजपा में शामिल हुए प्रकाश सिंह बादल के करीबी मेजर भूपिंदर ढिल्लों, AAP-अकाली नेता भी पार्टी में

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भाजपा में शामिल हुए प्रकाश सिंह बादल के करीबी मेजर भूपिंदर ढिल्लों, AAP-अकाली नेता भी पार्टी में

सारांश

बादल परिवार के करीबी और पूर्व अकाली मंत्री मेजर भूपिंदर ढिल्लों का भाजपा में प्रवेश पंजाब की राजनीति में एक संकेत है। 1971 युद्ध के वयोवृद्ध और 25 वर्षों तक बादल के सचिव रहे ढिल्लों के साथ AAP और अकाली दल के कई नेता भी भाजपा में शामिल हुए।

मुख्य बातें

मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों (सेवानिवृत्त) , दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के करीबी रिश्तेदार, 14 सितंबर 2026 को भाजपा में शामिल हुए।
ढिल्लों 25 वर्षों तक बादल के राजनीतिक सचिव रहे और 1997-2002 तक अकाली सरकार में मंत्री पद पर रहे।
वे 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के अनुभवी हैं और 1988 तक सेना में कार्यरत रहे।
AAP के अनुसूचित जाति विंग के राज्य सचिव और सनौर नगर समिति के अध्यक्ष प्रदीप जोश ने भी समर्थकों समेत भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
शिरोमणि अकाली दल के मालवा जोन के अनुसूचित जाति विंग अध्यक्ष स्वर्ण सिंह सहित दर्जनों नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हुए।
भाजपा राज्य अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

चंडीगढ़ में 14 सितंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पंजाब में संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक अहम कदम उठाया, जब दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के करीबी रिश्तेदार और पूर्व राजनीतिक सचिव मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों (सेवानिवृत्त) ने राज्य पार्टी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित रहे।

मेजर ढिल्लों का राजनीतिक और सैन्य परिचय

मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों ने 25 वर्षों तक प्रकाश सिंह बादल के राजनीतिक सचिव के रूप में सेवाएँ दीं और 1997 से 2002 तक अकाली सरकार में मंत्री पद पर रहे। वे भारतीय सेना में भी सेवारत रहे और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने 1988 तक सैन्य सेवा जारी रखी।

उनके पिता दिवंगत गुरराज सिंह ढिल्लों शिरोमणि अकाली दल के प्रतिनिधि के रूप में 1952 से 1958 तक राज्यसभा सांसद रहे और उन्होंने बादल के प्रारंभिक राजनीतिक सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 1994 से चुनावी प्रचारों से जुड़े रहे मेजर ढिल्लों का लम्बा विधानसभा क्षेत्र और उसके मतदाताओं से गहरा जनाधार रहा है।

सनौर में AAP और अकाली दल को झटका

सनौर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को एक और उल्लेखनीय सफलता मिली, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के अनुसूचित जाति विंग के राज्य सचिव और सनौर नगर समिति के अध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी प्रदीप जोश ने अपने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

प्रदीप जोश के साथ सनौर के कई प्रमुख राजनीतिक नेता, पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल हुए। शिरोमणि अकाली दल के मालवा जोन के अनुसूचित जाति विंग के अध्यक्ष स्वर्ण सिंह, रजत बटिश, नरोत्तम भटनागर, बरिंदर बटिश, रोहित वालिया, आशीष गौर, मानव, संजीव कुमार, दिनेश शर्मा, कमल वालिया, याह कुमार, विजय कुमार भारद्वाज और परमिंदर भारद्वाज उनमें शामिल रहे।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी समर्थन

सनौर समाज कल्याण क्लब से जुड़े कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता भी इस अवसर पर भाजपा में शामिल हुए। इनमें वरिंदर सिंह, हरमिंदर सिंह, जगदीप सिंह, गुरबीर सिंह, मनदीप सिंह, दविंदर सिंह, गुरवीर बट्टू और गुरविंदर सिंह का नाम उल्लेखनीय है।

भाजपा का मालवा में विस्तार का संकेत

राज्य पार्टी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भाजपा में शामिल होना पार्टी की नीतियों और नेतृत्व में जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने पंजाब के विकास और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भाजपा पंजाब में, विशेषकर मालवा क्षेत्र में, अपना संगठनात्मक आधार विस्तृत करने में जुटी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बादल परिवार के करीबी की भाजपा में एंट्री अकाली दल के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध की आशंका उत्पन्न करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों कौन हैं और उनका प्रकाश सिंह बादल से क्या संबंध था?
मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों (सेवानिवृत्त) दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के करीबी रिश्तेदार हैं जिन्होंने 25 वर्षों तक बादल के राजनीतिक सचिव के रूप में सेवाएँ दीं। वे 1997 से 2002 तक अकाली सरकार में मंत्री पद पर भी रहे।
मेजर ढिल्लों का भाजपा में शामिल होना पंजाब की राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है?
बादल परिवार के करीबी और पूर्व अकाली मंत्री के भाजपा में आने से पार्टी को मालवा क्षेत्र में संगठनात्मक और प्रतीकात्मक लाभ मिलने की उम्मीद है। यह अकाली दल के पारंपरिक वोट बैंक में भाजपा की पैठ बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सनौर में प्रदीप जोश का भाजपा में जाना क्या संकेत देता है?
प्रदीप जोश AAP के अनुसूचित जाति विंग के राज्य सचिव और सनौर नगर समिति के अध्यक्ष थे। उनका बड़ी संख्या में समर्थकों समेत भाजपा में शामिल होना सनौर विधानसभा क्षेत्र में AAP के संगठनात्मक कमज़ोर होने का संकेत है।
मेजर ढिल्लों की सैन्य पृष्ठभूमि क्या है?
मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों ने भारतीय सेना में सेवा की और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने 1988 तक अपनी सैन्य सेवा जारी रखी।
इस भाजपा प्रवेश कार्यक्रम में कौन-कौन प्रमुख नेता उपस्थित थे?
इस अवसर पर भाजपा के पंजाब राज्य अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उपस्थित रहे। शिरोमणि अकाली दल के मालवा जोन के SC विंग अध्यक्ष स्वर्ण सिंह सहित दर्जनों नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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