21 जुलाई 2026
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कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रवक्ता विजेता दहिया को हटाया, बर्गर वाला वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई

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कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रवक्ता विजेता दहिया को हटाया, बर्गर वाला वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई

सारांश

जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज के दौरान बर्गर खाने का वीडियो वायरल होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को तत्काल हटा दिया। दहिया ने सफाई दी, पर पार्टी ने इसे 'गंभीर निर्णयहीनता' करार दिया। आंदोलन जारी है।

मुख्य बातें

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 21 जुलाई को प्रवक्ता विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के दौरान दहिया का बर्गर खाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
पार्टी ने इस आचरण को 'अत्यंत असंवेदनशील' और 'आंदोलन के मूल सिद्धांतों के विपरीत' बताया।
विजेता दहिया ने कहा कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद भूख लगने पर बर्गर खाया, इसमें कोई गलती नहीं।
सीजेपी का आंदोलन जंतर-मंतर पर जारी; पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराई।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 21 जुलाई को अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। यह फैसला उस वीडियो के वायरल होने के बाद आया, जिसमें दहिया 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और कथित पुलिस लाठीचार्ज के दौरान बर्गर खाते नज़र आ रहे हैं। पार्टी ने इस आचरण को 'अत्यंत असंवेदनशील' करार देते हुए उन्हें सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से भी मुक्त कर दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

20 जुलाई को बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने की कोशिश में थे। इस दौरान पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज किया। इसी समय विजेता दहिया का बर्गर खाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया, जिसके बाद पार्टी के भीतर और बाहर तीखी प्रतिक्रिया देखी गई।

सीजेपी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया की अत्यंत असंवेदनशील हरकतों की कड़ी निंदा करते हैं। ऐसे समय में, जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस हिंसा का सामना कर रही थी, उनका व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य था। यह गंभीर निर्णयहीनता को दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।'

दहिया का पक्ष

विजेता दहिया ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वे प्रदर्शन समाप्त होने के बाद फ्रेश होने के लिए घर गए थे और भूख लगने पर बर्गर खाया। उनके अनुसार इसमें कोई गलत बात नहीं है। दहिया ने यह भी तर्क दिया कि इस विवाद को प्रदर्शन में शामिल लोग नहीं, बल्कि वे लोग हवा दे रहे हैं जो इस मार्च में कभी शामिल ही नहीं हुए।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर दो अलग-अलग आख्यान सामने हैं — पार्टी इसे कर्तव्य से पलायन मान रही है, जबकि दहिया इसे सामान्य व्यक्तिगत ज़रूरत बता रहे हैं।

पार्टी की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

सीजेपी ने स्पष्ट किया कि 21 जुलाई को भी जंतर-मंतर और उसके आसपास भारी भीड़ जमा है और आंदोलन जारी है। पार्टी ने कहा कि वे प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सा सहायता मुहैया करा रहे हैं। पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराई और संकल्प जताया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक माँगें पूरी नहीं होतीं।

आम जनता और सोशल मीडिया पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब छात्र आंदोलनों की विश्वसनीयता और नेतृत्व की जवाबदेही पर सार्वजनिक बहस तेज़ हो रही है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि संकट के क्षणों में आंदोलन के नेताओं से क्या अपेक्षाएँ होती हैं। आलोचकों का कहना है कि नेतृत्व का प्रतीकात्मक आचरण भी आंदोलन की साख पर असर डालता है।

क्या होगा आगे

सीजेपी ने अभी नए प्रवक्ता के नाम की घोषणा नहीं की है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और पार्टी ने संकेत दिया है कि आंदोलन की गति बनाए रखने के लिए नेतृत्व ढाँचे में जल्द बदलाव किए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली छवि अब किसी भी आंतरिक जाँच-प्रक्रिया से पहले फैसला तय कर देती है। दहिया का तर्क — कि आलोचक वे हैं जो मार्च में थे ही नहीं — अपने आप में एक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाता है: क्या सार्वजनिक जवाबदेही केवल उन्हीं की है जो मैदान में थे? पार्टी के लिए असली परीक्षा यह है कि क्या यह कार्रवाई आंदोलन को मज़बूत करती है या नेतृत्व में अनिश्चितता पैदा करती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से क्यों हटाया गया?
कॉकरोच जनता पार्टी ने विजेता दहिया को इसलिए हटाया क्योंकि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के दौरान उनका बर्गर खाते हुए वीडियो वायरल हुआ। पार्टी ने इसे 'अत्यंत असंवेदनशील आचरण' और आंदोलन के मूल सिद्धांतों के विपरीत बताया।
विजेता दहिया ने वायरल वीडियो पर क्या सफाई दी?
दहिया ने कहा कि वे प्रदर्शन समाप्त होने के बाद फ्रेश होने घर गए थे और भूख लगने पर बर्गर खाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस विवाद को वे लोग भड़का रहे हैं जो मार्च में कभी शामिल नहीं हुए।
कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किस बारे में है?
सीजेपी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रही है। 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिस दौरान पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज किया।
क्या सीजेपी का आंदोलन 21 जुलाई को भी जारी रहा?
हाँ, पार्टी ने पुष्टि की कि 21 जुलाई को भी जंतर-मंतर और उसके आसपास भारी भीड़ जमा रही। सीजेपी ने कहा कि वे प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सा सहायता दे रहे हैं और आंदोलन जारी रहेगा।
विजेता दहिया के बाद सीजेपी का नया प्रवक्ता कौन होगा?
पार्टी ने अभी तक नए प्रवक्ता के नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दहिया को सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों और दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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