कॉइनबेस फिशिंग स्कैम: ईडी ने PMLA के तहत 8 आरोपियों के खिलाफ द्वारका कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, ₹64.55 करोड़ जब्त
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हेडक्वार्टर यूनिट ने कॉइनबेस फिशिंग स्कैम मामले में 15 जून 2026 को द्वारका डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, नई दिल्ली की स्पेशल कोर्ट में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत अभियोजन शिकायत दायर की। इस शिकायत में चिराग तोमर, पंकज तोमर, कुशाग्र शाक्य, आकाश वैश, राहुल आनंद, केतन लूथरा, तोमर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और एक्साहोम्स रियल्टर्स को आरोपी बनाया गया है। ईडी ने अब तक इस मामले में ₹64.55 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने यह जांच एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर शुरू की थी, जिसमें बताया गया था कि भारतीय नागरिक चिराग तोमर को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप था कि उसने अमेरिका स्थित क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज 'कॉइनबेस' की हूबहू नकल करने वाली फर्जी वेबसाइटें बनाकर 2 करोड़ डॉलर (लगभग $20 मिलियन) से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी चुराई। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने 20 दिसंबर 2023 को चिराग तोमर को अटलांटा एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया था।
धोखाधड़ी का तरीका
जांच में सामने आया कि चिराग तोमर और उसके साथियों ने असली कॉइनबेस प्लेटफॉर्म जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइटें तैयार कीं। इन फर्जी साइटों के जरिए पीड़ितों के लॉगिन क्रेडेंशियल, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) कोड और अन्य एक्सेस विवरण हासिल किए गए। एक बार खातों तक पहुँच मिलने के बाद, पीड़ितों की क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स को आरोपियों के नियंत्रण वाले वॉलेट में स्थानांतरित कर दिया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग का जाल
चोरी की गई क्रिप्टोकरेंसी को अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स में बदला गया और कई वॉलेट्स के जरिए घुमाया गया। इसके बाद पीयर-टू-पीयर (P2P) क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के माध्यम से इसे भारतीय रुपये में परिवर्तित किया गया। यह रकम चिराग तोमर, उसके परिवार के सदस्यों, तोमर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, एक्साहोम्स रियल्टर्स, आकाश वैश, राहुल आनंद और अन्य सहयोगियों के बैंक खातों में जमा की गई। इस धन से चल-अचल संपत्तियाँ खरीदी गईं, जिससे अपराध की आय को वैध संपत्ति के रूप में दर्शाया गया।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कानूनी कार्रवाई
ईडी ने म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) चैनलों के जरिए अमेरिकी अधिकारियों से आपराधिक कार्रवाई और साक्ष्य संबंधी जानकारी हासिल की। अमेरिकी अदालत ने चिराग तोमर को 60 महीने की कैद की सजा सुनाई है, जिसके बाद दो वर्ष की सुपरवाइज्ड रिलीज का प्रावधान है। वह फिलहाल अमेरिका में हिरासत में है।
नागरिकों के लिए ईडी की चेतावनी
ईडी ने इस मामले के साथ-साथ आम नागरिकों को फिशिंग स्कैम से सावधान रहने की अपील की है। एजेंसी ने सलाह दी है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी के साथ OTP, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल की सत्यता पहले जाँचें। इस मामले में आगे की जांच जारी है और भविष्य में और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।