कांग्रेस के DNA में परिवारवाद, जनता ने इसीलिए नकारा: भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महाराष्ट्र इकाई के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने 6 जून 2026 को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें राउत ने महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में ₹150 करोड़ खर्च किए जाने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही बन ने कांग्रेस पर वंशवाद की राजनीति थोपने का आरोप लगाते हुए कहा कि यही कारण है कि जनता ने पार्टी को बार-बार नकारा है।
संजय राउत के आरोपों पर पलटवार
बन ने कहा, संजय राउत बार-बार झूठे बयान देते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राउत नासिक गए थे तब उन्होंने वहाँ अपना नामांकन तक दाखिल नहीं किया, तो उन पर लगाए गए ₹150 करोड़ के आरोप की विश्वसनीयता क्या है। बन ने कहा, 'लोगों को जीतने के लिए पैसे की नहीं, प्यार की ज़रूरत है। संजय राउत और उनकी पार्टी जनता से मिलती तक नहीं।'
बन ने यह भी आरोप लगाया कि जब उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब मातोश्री का दरवाज़ा न केवल आम जनता के लिए, बल्कि विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के लिए भी बंद रहता था। उन्होंने कहा कि पैसों वाली राजनीति कभी सफल नहीं होती और महाराष्ट्र की जनता ने यह विधानसभा चुनाव में साबित कर दिखाया है।
PM मोदी का नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ना
बन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ते हुए सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड की ओर बढ़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, '140 करोड़ की जनता के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह उपलब्धि हासिल कर रहे हैं।' बन ने मोदी के कार्यकाल में अनुच्छेद 370 की समाप्ति और राम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक उपलब्धियाँ बताया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि 2029 में भी नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री चुने जाएँगे और देश की सेवा जारी रखेंगे।
कांग्रेस और परिवारवाद का आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर परिवारवाद के आरोपों के संदर्भ में बन ने कहा कि कांग्रेस में यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ही परिवार की सत्ता पर पकड़ कांग्रेस के DNA में है।
बन के अनुसार, 'कांग्रेस की स्थापना के बाद से एक ही परिवार के लोग राज करते आए हैं, इसीलिए जनता ने पार्टी को नकार दिया है।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में BJP के नेतृत्व वाली महायुति सरकार विपक्ष के साथ लगातार वाकयुद्ध में उलझी हुई है।
राजनीतिक संदर्भ
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों को लेकर सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस दोनों ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि BJP ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज किया है। आने वाले दिनों में यह वाकयुद्ध और तेज़ होने की संभावना है।