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गौरव वल्लभ का वार: कांग्रेस की राजनीति परिवार केंद्रित, अखंड भारत कभी एजेंडा नहीं रहा

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गौरव वल्लभ का वार: कांग्रेस की राजनीति परिवार केंद्रित, अखंड भारत कभी एजेंडा नहीं रहा

सारांश

BJP प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने एक साथ कई मोर्चों पर कांग्रेस को घेरा — भारत-EU ट्रेड डील को ऐतिहासिक बताया, कर्नाटक के आंतरिक विवाद को सत्ता-लालच का प्रमाण कहा, और आरोप लगाया कि कांग्रेस का एजेंडा कभी अखंड भारत नहीं, बल्कि एक परिवार की सत्ता बनाए रखना रहा है।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने 21 जून को भारत-EU व्यापार समझौते को देश की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील बताया।
समझौते का प्रभाव दुनिया की 200 करोड़ आबादी पर और वैश्विक जीडीपी के 25% हिस्से पर पड़ेगा; भारत-EU की संयुक्त अर्थव्यवस्था 27 ट्रिलियन डॉलर की है।
वल्लभ ने कांग्रेस को 'तीन होल्डिंग कंपनियों' — कांग्रेस मम्मी, कांग्रेस प्रियंका, कांग्रेस राहुल — और उनकी 'सब्सिडियरी' कांग्रेस खड़गे के रूप में व्यंग्यात्मक ढंग से वर्णित किया।
BJP नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का एजेंडा कभी अखंड भारत नहीं रहा और देश विभाजन पर उनकी सहमति इसका प्रमाण है।
पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच मोदी-ट्रंप मुलाकात पर हुई सोशल मीडिया बहस को वल्लभ ने कांग्रेस की आंतरिक अव्यवस्था का संकेत बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने 21 जून को नई दिल्ली में भारत-यूरोपीय संघ (EU) व्यापार समझौते, कर्नाटक कांग्रेस के आंतरिक विवाद, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कांग्रेस पर की गई टिप्पणियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का एकमात्र उद्देश्य नेहरू-गांधी परिवार की सत्ता बनाए रखना रहा है और अखंड भारत उनके एजेंडे में कभी नहीं रहा।

भारत-EU व्यापार समझौता: वल्लभ ने बताई ऐतिहासिक डील

गौरव वल्लभ ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते को देश की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील करार दिया। उनके अनुसार इस समझौते का असर दुनिया की लगभग 200 करोड़ आबादी पर पड़ेगा और वैश्विक जीडीपी के करीब 25 प्रतिशत हिस्से पर भारत और EU का प्रभाव रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत और EU की संयुक्त अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 27 ट्रिलियन डॉलर है।

वल्लभ ने दावा किया कि जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल, इंजीनियरिंग और हेवी इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को इस समझौते से बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही, यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत का 140 करोड़ उपभोक्ताओं का विशाल बाजार खुलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष से भारतीय अर्थव्यवस्था को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना शुरू होगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

कांग्रेस नीत यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए वल्लभ ने कहा कि यह समझौता उसी कार्यकाल में हो जाना चाहिए था, लेकिन 'लटकाने, भटकाने और अटकाने की संस्कृति' के कारण यह संभव नहीं हो पाया।

कर्नाटक कांग्रेस विवाद: आंतरिक संघर्ष उजागर

कर्नाटक में मुख्यमंत्री के समर्थन में लगे राजनीतिक नारों को लेकर कांग्रेस संगठन के भीतर उपजे विवाद पर वल्लभ ने कहा कि यह पार्टी के आंतरिक सत्ता-संघर्ष को उजागर करता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि किसी राजनीतिक दल का अध्यक्ष अपने ही मुख्यमंत्री के समर्थन में लगाए जा रहे नारों से नाराज हो जाए — यह कल्पना से परे है। उनके अनुसार यह इसलिए हो रहा है क्योंकि पार्टी अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री पद की आकांक्षा रखते हैं।

वल्लभ ने कांग्रेस की आंतरिक संरचना पर व्यंग्य करते हुए कहा कि आज पार्टी में तीन 'होल्डिंग कंपनियाँ' हैं — 'कांग्रेस एम' (कांग्रेस मम्मी), 'कांग्रेस पी' (कांग्रेस प्रियंका) और 'कांग्रेस आर' (कांग्रेस राहुल) — और इन तीनों की एक 'सब्सिडियरी' 'कांग्रेस के' यानी 'कांग्रेस खड़गे' है।

अखंड भारत और परिवार केंद्रित राजनीति पर हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस का एजेंडा कभी अखंड भारत नहीं रहा। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कांग्रेस की ऐसी सोच होती तो देश के विभाजन जैसी परिस्थितियों में वह उन निर्णयों पर सहमति नहीं देती। BJP नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को भारत की संस्कृति, सभ्यता और आम जनता से कोई विशेष सरोकार नहीं है — उसकी प्राथमिकता केवल सत्ता की चाबी नेहरू-गांधी परिवार के पास बनाए रखना रही है।

वल्लभ ने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने अपने कई योग्य नेताओं को लगातार हाशिए पर रखा और पार्टी को केवल एक राजनीतिक उपकरण की तरह इस्तेमाल किया गया।

मोदी-ट्रंप मुलाकात पर खेड़ा-थरूर विवाद

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच सोशल मीडिया पर हुई बहस पर वल्लभ ने कहा कि खेड़ा विदेश नीति जैसे गंभीर विषय पर थरूर जैसे अनुभवी नेता पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के कुछ नेताओं को थरूर के विचारों से आपत्ति है तो उन्हें गांधी परिवार से सवाल पूछना चाहिए, क्योंकि गांधी परिवार इस मुद्दे पर मौन है।

वल्लभ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि विदेश नीति की गहरी समझ न रखने वाले नेताओं को इस विषय पर बोलने से पहले थरूर से 'कोचिंग' लेनी चाहिए। BJP की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस के भीतर कई मुद्दों पर एकमत की कमी सार्वजनिक रूप से उजागर हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पार्टी आंतरिक कलह, ऐतिहासिक राष्ट्रवाद और विपक्ष की विदेश नीति समझ। ध्यान देने योग्य यह है कि भारत-EU डील पर वल्लभ के दावे एकतरफा हैं और UPA कार्यकाल की विफलता का आरोप बिना संदर्भ के लगाया गया है। कर्नाटक विवाद पर BJP का ध्यान केंद्रित करना दर्शाता है कि वह दक्षिण भारत में कांग्रेस की कमजोरियों को राष्ट्रीय स्तर पर उछालने में रुचि रखती है। 'अखंड भारत' का मुद्दा BJP के दीर्घकालिक वैचारिक एजेंडे का हिस्सा है, और इसे ऐतिहासिक तथ्यों की जाँच के बिना स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौरव वल्लभ ने भारत-EU व्यापार समझौते के बारे में क्या कहा?
गौरव वल्लभ ने भारत-EU व्यापार समझौते को देश की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील बताया। उनके अनुसार इसका प्रभाव 200 करोड़ लोगों पर पड़ेगा और भारत-EU की संयुक्त अर्थव्यवस्था 27 ट्रिलियन डॉलर की है।
कर्नाटक कांग्रेस विवाद पर BJP का क्या रुख है?
BJP प्रवक्ता वल्लभ ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री के समर्थन में लगे नारों पर कांग्रेस अध्यक्ष की नाराजगी को पार्टी के आंतरिक सत्ता-संघर्ष का प्रमाण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री पद की आकांक्षा रखते हैं, इसीलिए यह टकराव सामने आया।
गौरव वल्लभ ने कांग्रेस को 'परिवार केंद्रित' क्यों कहा?
वल्लभ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य नेहरू-गांधी परिवार की सत्ता बनाए रखना रहा है और अखंड भारत कभी उनका एजेंडा नहीं था। उन्होंने पार्टी को व्यंग्यात्मक रूप से तीन 'होल्डिंग कंपनियों' — कांग्रेस मम्मी, कांग्रेस प्रियंका और कांग्रेस राहुल — के रूप में वर्णित किया।
पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच किस बात पर विवाद हुआ?
पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच सोशल मीडिया पर बहस हुई। वल्लभ ने इसे कांग्रेस की आंतरिक अव्यवस्था बताते हुए कहा कि गांधी परिवार की इस मुद्दे पर चुप्पी थरूर के विचारों की स्वीकृति का संकेत है।
भारत-EU डील से किन क्षेत्रों को फायदा मिलेगा?
गौरव वल्लभ के अनुसार जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल, इंजीनियरिंग और हेवी इंजीनियरिंग क्षेत्रों को इस समझौते से सबसे अधिक लाभ मिलेगा। साथ ही यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत का 140 करोड़ उपभोक्ताओं का बाजार खुलेगा और अगले वर्ष से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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