राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: कांग्रेस के सुंदरकांड पाठ पर जदयू विधायक प्रमोद सिंह का तीखा तंज
सारांश
मुख्य बातें
औरंगाबाद में 12 अगस्त को राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कांग्रेस द्वारा आयोजित सुंदरकांड पाठ और हवन को लेकर तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि जिस दल ने वर्षों तक सनातन परंपरा से दूरी बनाए रखी, उसे अब इसकी शक्ति का 'एहसास' हुआ है।
क्यों हुआ सुंदरकांड पाठ का आयोजन
औरंगाबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार, 12 अगस्त को पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष आनंद शंकर सिंह के आवासीय परिसर स्थित कांग्रेस कार्यालय में सुंदरकांड पाठ और हवन का आयोजन किया। कांग्रेस के अनुसार यह हवन राम मंदिर से जुड़ी कथित चढ़ावा चोरी की घटना में कथित तौर पर संलिप्त भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ पदाधिकारियों की 'सद्बुद्धि' के लिए आयोजित किया गया था।
प्रमोद सिंह का तंज — 'पहले सद्बुद्धि जागनी चाहिए थी'
जदयू विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'उनको तो पहले सद्बुद्धि जागनी चाहिए थी। जो सब दिन सनातन को गाली दिए, हमारे प्रभु रामचंद्र को गाली दिए। आज जब वह सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं तो मैं स्वागत करता हूं कि सनातन का बढ़ावा दे रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक सनातन विचारधारा से दूरी बनाए रखी, उनका इस ओर लौटना एक सकारात्मक संकेत है।
राहुल गांधी और अयोध्या मंदिर पर सवाल
सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि जब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी, तब कांग्रेस नेतृत्व ने न्योता मिलने के बावजूद वहाँ जाने से इनकार कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 'कांग्रेस को मंदिर से ज़्यादा मस्जिद से प्रेम है।' यह टिप्पणी कांग्रेस के उस निर्णय पर केंद्रित थी, जिसमें पार्टी ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल न होने का विकल्प चुना था।
चढ़ावा चोरी विवाद और जाँच पर रुख
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों पर प्रमोद सिंह ने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो जाँच एजेंसियाँ अपना काम करेंगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके शासन में न तो किसी निर्दोष को फँसाया जाता है और न ही किसी दोषी को बचाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून के अनुसार कार्रवाई होती है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तनातनी बढ़ी हुई है। गौरतलब है कि कांग्रेस का यह धार्मिक आयोजन राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी पर अक्सर 'हिंदू विरोधी' होने का आरोप लगाया जाता रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।