28 अगस्त 2026
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कर्नल सोफिया विवाद: कांग्रेस वेटरन्स विंग ने मंत्री विजय शाह को कैबिनेट से हटाने की मांग की

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कर्नल सोफिया विवाद: कांग्रेस वेटरन्स विंग ने मंत्री विजय शाह को कैबिनेट से हटाने की मांग की

सारांश

कांग्रेस वेटरन्स विंग ने MP मंत्री विजय शाह पर कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी कार्रवाई न होने और कैबिनेट द्वारा अभियोजन मंजूरी से इनकार के बाद आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

मुख्य बातें

कांग्रेस वेटरन्स विंग ने 27 अगस्त को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंत्री विजय शाह को कैबिनेट से तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।
विंग अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी पूरी भारतीय सेना का अपमान है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर का आदेश दिया था; सर्वोच्च न्यायालय ने भी जाँच के निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने कथित तौर पर अभियोजन की मंजूरी देने से इनकार कर मंत्री को राजनीतिक संरक्षण दिया।
वेटरन्स विंग ने समय पर कार्रवाई न होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के वयोवृद्ध प्रकोष्ठ (वेटरन्स विंग) ने 27 अगस्त को भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में की गई कथित विवादित टिप्पणी की कड़ी निंदा की। प्रकोष्ठ ने मंत्री को तत्काल कैबिनेट से बर्खास्त करने और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग केंद्र तथा राज्य दोनों सरकारों से की है।

मुख्य घटनाक्रम

विंग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि मंत्री की कथित टिप्पणी ने न केवल एक सेवारत सैन्य अधिकारी का अपमान किया, बल्कि पूरी भारतीय सेना और उसके जवानों की गरिमा को भी ठेस पहुँचाई। उन्होंने कहा, 'भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की है। किसी भी सेना अधिकारी या जवान के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी लाखों नागरिकों की भावनाओं और जवानों के बलिदान का अपमान है।'

श्रीवास्तव ने यह भी रेखांकित किया कि यह विवाद ऐसे समय में उठा जब पूरा देश 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना की वीरता की सराहना कर रहा था — जिससे इस टिप्पणी की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है।

न्यायिक कार्रवाई और फॉलो-अप की स्थिति

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी जाँच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वेटरन्स विंग के अनुसार, इन आदेशों के बावजूद अनुपालन असंतोषजनक रहा है, जिससे जनता में व्यापक निराशा है।

कैबिनेट के फैसले पर आक्रोश

आक्रोश तब और तेज हो गया जब मध्य प्रदेश कैबिनेट ने कथित तौर पर एक हालिया बैठक में विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन की मंजूरी देने से इनकार कर दिया और उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने का फैसला किया। वेटरन्स विंग ने इसे सशस्त्र बलों से जुड़े एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर 'गलत संदेश' करार दिया।

सरकार पर दबाव और आंदोलन की चेतावनी

प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया कि यदि समय पर निष्पक्ष जाँच और कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि सेना और उसके अधिकारियों का सम्मान हर हाल में राजनीति से ऊपर रहना चाहिए।

आगे क्या

मामला अब सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में है और अगली सुनवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं। वेटरन्स विंग की माँग और कैबिनेट के कथित रुख के बीच यह विवाद मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़े टकराव का रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सैन्य अधिकारियों के सम्मान की रक्षा असुविधाजनक। मध्य प्रदेश कैबिनेट का कथित रुख — अभियोजन से इनकार और राजनीतिक संरक्षण — हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भावना के सीधे विपरीत है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद जब सेना की लोकप्रियता चरम पर थी, तब इस टिप्पणी और उसके बाद की निष्क्रियता ने सत्तारूढ़ दल की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। न्यायपालिका की सक्रियता के बावजूद कार्यपालिका की उदासीनता संस्थागत जवाबदेही की परीक्षा है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विजय शाह की कथित टिप्पणी का मामला क्या है?
मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में एक कथित विवादित टिप्पणी की, जिसे सेना और उसके जवानों के सम्मान के विरुद्ध माना गया। इस टिप्पणी के बाद व्यापक आक्रोश फैला और न्यायिक हस्तक्षेप भी हुआ।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी जाँच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन वेटरन्स विंग के अनुसार अनुपालन अब तक असंतोषजनक रहा है।
कांग्रेस वेटरन्स विंग ने क्या मांगें रखी हैं?
कांग्रेस के वयोवृद्ध प्रकोष्ठ ने मंत्री विजय शाह को तत्काल कैबिनेट से बर्खास्त करने, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने की मांग केंद्र व राज्य दोनों सरकारों से की है। समय पर कार्रवाई न होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने अभियोजन मंजूरी क्यों नहीं दी?
कथित तौर पर मध्य प्रदेश कैबिनेट ने एक हालिया बैठक में विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन की मंजूरी देने से इनकार कर दिया और उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिया। सरकार की ओर से इस फैसले पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
यह विवाद 'ऑपरेशन सिंदूर' से कैसे जुड़ा है?
वेटरन्स विंग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब पूरा देश 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना की वीरता की सराहना कर रहा था, जिससे यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय हो जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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