26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नल सोफिया कुरैशी अपमान मामला: जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखा पत्र, विजय शाह पर राजनीतिक संरक्षण का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नल सोफिया कुरैशी अपमान मामला: जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखा पत्र, विजय शाह पर राजनीतिक संरक्षण का आरोप

सारांश

कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर मंत्री विजय शाह पर कर्नल सोफिया कुरैशी अपमान मामले में राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया। सुप्रीम कोर्ट की SIT की अभियोजन माँग के बावजूद राज्य सरकार की चुप्पी ने संवैधानिक बहस छेड़ दी है।

मुख्य बातें

जीतू पटवारी ने 26 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर मंत्री विजय शाह पर राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया।
मंत्री विजय शाह पर कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप है, जिसे पटवारी ने भारतीय सेना का अपमान बताया।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT ने अभियोजन की स्वीकृति माँगी है, लेकिन कथित तौर पर मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक स्वीकृति नहीं दी।
पटवारी ने मुख्यमंत्री सहित पूरे मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त करने की माँग की।
राष्ट्रपति से संविधान की मर्यादा और सेना के सम्मान की रक्षा के लिए संवैधानिक दायित्व निभाने की अपील की गई।

कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 26 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह को भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के अपमान के मामले में राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। पटवारी ने राज्य सरकार पर अभियोजन की स्वीकृति रोककर न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया है।

पत्र में क्या कहा पटवारी ने

राष्ट्रपति को लिखे पत्र में जीतू पटवारी ने कहा कि मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से न केवल एक व्यक्ति का, बल्कि समूचे भारतीय सेना के सम्मान का अपमान किया। उन्होंने इसे मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का 'अत्यंत शर्मनाक अध्याय' करार दिया।

अभियोजन स्वीकृति पर विवाद

पटवारी ने पत्र में उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी (SIT) ने मंत्री विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन चलाने की स्वीकृति माँगी है। हालाँकि, सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक यह स्वीकृति नहीं दी है। पटवारी के अनुसार, यह निर्णय सत्ता द्वारा अपने राजनीतिक व्यक्ति को जवाबदेही से बचाने का प्रयास है।

संवैधानिक प्रश्न और मंत्रिमंडल बर्खास्तगी की माँग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने तर्क दिया कि सरकार का यह रुख एक गंभीर संवैधानिक प्रश्न उठाता है — 'क्या सत्ता में बैठे व्यक्ति कानून से ऊपर हैं?' उन्होंने माँग की कि यह मामला अब केवल मंत्री विजय शाह के आचरण तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल की संवैधानिक एवं नैतिक जवाबदेही का विषय बन चुका है। पटवारी ने राष्ट्रपति से अपील की कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त किया जाए।

राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील

पत्र में पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सेना एवं संविधान की सर्वोच्च संरक्षक बताते हुए कहा कि देश की जनता उनसे अपेक्षा करती है कि वे संविधान की मर्यादा, न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता और भारतीय सेना के सम्मान की रक्षा के लिए अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें। यह मामला अब विधायी और न्यायिक दोनों मोर्चों पर नई बहस को जन्म दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट की SIT की माँग के बावजूद राज्य सरकार अभियोजन स्वीकृति क्यों रोक रही है। अभियोजन स्वीकृति की यह शक्ति अक्सर राजनीतिक ढाल बन जाती है — और यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य सरकार पर अपने मंत्री को बचाने का आरोप लगा हो। सेना अधिकारी के अपमान का मामला जब संवैधानिक जवाबदेही की बहस में बदल जाए, तो यह संकेत है कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच तनाव की यह रेखा और गहरी होती जा रही है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नल सोफिया कुरैशी अपमान मामला क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह पर भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT जाँच कर रही है और अभियोजन की स्वीकृति माँगी गई है।
जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को पत्र क्यों लिखा?
कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार मंत्री विजय शाह को राजनीतिक संरक्षण दे रही है। उन्होंने राष्ट्रपति से संवैधानिक हस्तक्षेप की माँग की और मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने की अपील की।
SIT ने अभियोजन स्वीकृति क्यों माँगी है?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT इस मामले की जाँच कर रही है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से मंत्री विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन चलाने की स्वीकृति माँगी है। कथित तौर पर मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक यह स्वीकृति नहीं दी है।
क्या मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल पर कोई कार्रवाई हो सकती है?
पटवारी ने राष्ट्रपति से मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त करने की माँग की है। हालाँकि, यह निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया और राष्ट्रपति के विवेकाधिकार पर निर्भर करेगा।
इस मामले में कांग्रेस का रुख क्या है?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की मध्य प्रदेश इकाई ने इसे राज्य सरकार की संवैधानिक और नैतिक विफलता बताया है। पटवारी ने कहा कि यह मामला अब केवल एक मंत्री के आचरण का नहीं, बल्कि पूरी सत्ता की जवाबदेही का प्रश्न है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले