29 अक्टूबर 2026
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नागपुर स्नातक सीट पर BJP को हार: कांग्रेस ने फडणवीस की डिलीट पोस्ट को बनाया सियासी हथियार

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नागपुर स्नातक सीट पर BJP को हार: कांग्रेस ने फडणवीस की डिलीट पोस्ट को बनाया सियासी हथियार

सारांश

नागपुर — फडणवीस और गडकरी का गढ़ — में BJP को मिली हार ने महाराष्ट्र की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। 45 घंटे की मतगणना, 3,271 मतों का फ़र्क और फडणवीस की डिलीट पोस्ट — यह जीत कांग्रेस के लिए महज एक सीट नहीं, 2029 के लिए एक सियासी मुनादी बन गई है।

मुख्य बातें

अभिजीत वंजारी (कांग्रेस) ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में BJP के सुधाकर कोहाले को 3,271 मतों के अंतर से हराया।
वंजारी को 67,231 और कोहाले को 63,960 वोट मिले; मतगणना 45 घंटे से अधिक चली।
CM देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए पोस्ट की, लेकिन अंतिम परिणाम आते ही वह पोस्ट डिलीट कर दी।
कांग्रेस ने एक्स पर फडणवीस पर पलटवार करते हुए 2029 में 'राजनीतिक सत्ता ध्वस्त' करने की चेतावनी दी।
सांसद पवन खेड़ा ने PM मोदी को EVM के बजाय मतपत्रों से चुनाव कराने की सीधी चुनौती दी।
कांग्रेस ने 13 करोड़ कथित रूप से हटाए गए मतदाताओं की बहाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की माँग दोहराई।

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने 29 अक्टूबर 2026 को नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मिली जीत के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सुधाकर कोहाले को 3,271 मतों के अंतर से पराजित कर यह सीट बरकरार रखी — और यह जीत इसलिए और अधिक मायने रखती है क्योंकि नागपुर स्वयं मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दोनों का गढ़ माना जाता है।

मतगणना का घटनाक्रम

इस चुनाव की मतगणना 45 घंटे से अधिक चली, जो इसे एक कड़े मुकाबले की मिसाल बनाती है। अंतिम आँकड़ों में अभिजीत वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि BJP उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को 63,960 वोट प्राप्त हुए। नागपुर में BJP के लिए यह हार विशेष रूप से चुभने वाली है, क्योंकि फडणवीस और गडकरी दोनों ने यहाँ जमकर प्रचार किया था।

फडणवीस की डिलीट पोस्ट — विवाद की जड़

शुरुआती रुझानों के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों पर मतपत्रों से हुए चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाया था। इसी सुर में मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस को एक भी सीट न जीतने पर तंज कसते हुए पोस्ट कर दी। हालाँकि, जैसे ही नागपुर का अंतिम परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आया, फडणवीस ने वह पोस्ट तुरंत डिलीट कर दी।

गौरतलब है कि यह वही नागपुर है जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय भी है — जिससे BJP के लिए यह हार और भी प्रतीकात्मक हो जाती है।

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट कर फडणवीस पर निशाना साधा। पार्टी ने लिखा: 'पोस्ट डिलीट करके फडणवीस ने एक बार फिर सावरकर की विरासत को दोहराया है। अंतिम परिणाम घोषित होने से पहले ही बड़ा प्रहार करने का दिखावा करते हुए फडणवीस ने जल्दबाजी में पोस्ट कर दिया। हालाँकि, वही तीर उन पर ही उल्टा पड़ गया! अंततः उन्हें पोस्ट डिलीट करने के लिए मजबूर होना पड़ा।' पार्टी ने यह भी चेतावनी दी: 'फडणवीस जी, अभी से डर गए? यह तो बस एक ट्रेलर है! 2029 में महाराष्ट्र की जनता आपकी राजनीतिक सत्ता को इस तरह से ध्वस्त कर देगी कि आपको आज की पोस्ट याद आ जाएगी।'

पवन खेड़ा की ईवीएम पर सीधी चुनौती

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी को सीधे ललकारा। खेड़ा ने कहा कि अगर PM को पूरा भरोसा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) का चुनाव परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ता, तो शब्दों का खेल बंद कर आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव मतपत्रों के ज़रिये कराकर BJP की चुनावी ताकत साबित की जाए।

मतदाता सूची और चुनाव आयोग पर माँगें

कांग्रेस ने इस अवसर पर अपनी पुरानी माँगें भी एक बार फिर दोहराईं। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) कार्यक्रम पर रोक लगाने, कथित अनियमित प्रक्रियाओं के माध्यम से हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं को बहाल करने, और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की माँग को दोहराया। यह ऐसे समय में आया है जब EVM और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। आने वाले दिनों में BJP और कांग्रेस के बीच यह सियासी जंग और तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कांग्रेस का EVM पर पलटवार और 13 करोड़ मतदाताओं की बहाली की माँग संकेत देती है कि विपक्ष हर चुनावी नतीजे को अपनी व्यापक प्रक्रिया-विश्वसनीयता की लड़ाई से जोड़ने की रणनीति पर है — और नागपुर की यह जीत उसे ताज़ा ईंधन दे गई है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव 2026 का परिणाम क्या रहा?
कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने BJP के सुधाकर कोहाले को 3,271 मतों के अंतर से हराकर यह सीट जीती। वंजारी को 67,231 और कोहाले को 63,960 वोट मिले; मतगणना 45 घंटे से अधिक चली।
देवेंद्र फडणवीस ने अपनी पोस्ट क्यों डिलीट की?
शुरुआती रुझानों में कांग्रेस को पिछड़ता देख CM फडणवीस ने पार्टी पर तंज कसते हुए पोस्ट की थी। लेकिन जैसे ही नागपुर का अंतिम परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आया, उन्होंने वह पोस्ट तुरंत डिलीट कर दी, जिसे कांग्रेस ने सियासी हथियार बना लिया।
कांग्रेस ने फडणवीस को क्या चेतावनी दी?
कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह तो 'बस एक ट्रेलर है' और 2029 में महाराष्ट्र की जनता फडणवीस की राजनीतिक सत्ता को ध्वस्त कर देगी। पार्टी ने फडणवीस की डिलीट पोस्ट को 'सावरकर की विरासत दोहराने' से जोड़ा।
पवन खेड़ा ने PM मोदी को क्या चुनौती दी?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने माँग की कि अगर PM मोदी को EVM पर पूरा भरोसा है तो आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव मतपत्रों के ज़रिये कराए जाएँ और BJP की चुनावी ताकत साबित की जाए।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर क्या माँगें रखी हैं?
कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) कार्यक्रम पर रोक, कथित अनियमितताओं के ज़रिये हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं की बहाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की माँग दोहराई है।
राष्ट्र प्रेस
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