कटक अग्निकांड: आईसीयू में आग से १० मरीजों की मौत, एक मां ने साझा किया दुःखद अनुभव
सारांश
Key Takeaways
- 10 लोगों की मौत: आग लगने से 10 मरीजों की जान चली गई।
- मां का दुःखद अनुभव: एक मां ने अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए संघर्ष किया।
- जांच के आदेश: मुख्यमंत्री ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
- राहत कार्य: अस्पताल के कर्मचारी और दमकलकर्मी तेजी से कार्यरत रहे।
- सुरक्षा उपायों की कमी: स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार की आवश्यकता।
कटक, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा आईसीयू में लगी आग के कारण १० लोगों की जान चली गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है। मृतकों के परिवार वाले गहरे दुःख में हैं।
एक महिला, जो अपनी बेटी के इलाज के लिए भर्ती थी, ने कहा, "मेरी बेटी आईसीयू में भर्ती थी और मैं बाहर बैठकर उसका इंतजार कर रही थी। तभी मैंने अपनी बहू को अंदर जाने के लिए कहा। अचानक, आईसीयू के भीतर से एक महिला ने हिंदी में चिल्लाया। मुझे समझ नहीं आया कि वह क्या कह रही थी। शुरुआत में सोचा कि शायद किसी को परेशानी हो रही है, लेकिन जल्दी ही मैंने देखा कि आईसीयू का कमरा धुएं से भर गया था।"
स्थानीय विधायक सौविक बिस्वाल ने कहा, "यह एक अत्यंत दुखद घटना है। ट्रॉमा आईसीयू में आग लगने से १० मरीजों की जान चली गई है। यह घटना सुबह २:४५ से ३ बजे के बीच हुई। अभी १३ मरीजों का इलाज चल रहा है। हमने कटक के कलेक्टर और एसीबी अधीक्षक से इस विषय पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।"
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के तुरंत बाद अस्पताल के कर्मचारियों और दमकलकर्मियों ने तेजी से राहत और बचाव कार्य किया। इस दौरान कम से कम ११ अस्पताल कर्मचारी भी झुलस गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों से अस्पताल में जाकर हालचाल जाना।
अग्निकांड में रमेश चंद्र परिडा, दासरू मुंडा, एमडी नयूम, गौरांग चंद्र बारिक, सेख अब्दुल सतर, मधुसूदन दलाई, कृष्ण चंद्र बिस्वाल, रविंद्र दास, चेरू परिडा और मेनका राउत के मारे जाने की पुष्टि प्रशासन द्वारा की गई है।