म्यूल अकाउंट्स पर AI से प्रहार: I4C और RBI इनोवेशन हब के बीच समझौता, साइबर धोखाधड़ी रोकने की नई ढाल
सारांश
मुख्य बातें
गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने 12 मई 2025 को रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से म्यूल अकाउंट्स की तेज़ी से पहचान कर उन्हें बंद करना है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस पहल की जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम नागरिकों को साइबर अपराध से बचाने के लिए अगली पीढ़ी की सुरक्षा ढाल के रूप में काम करेगा।
समझौते में क्या है खास
इस साझेदारी के तहत I4C के पास मौजूद संदिग्ध बैंक खातों की सूची का डेटा AI-आधारित फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम में डाला जाएगा। यह प्रणाली उन म्यूल अकाउंट्स को भी पकड़ने में सक्षम होगी जो अब तक पारंपरिक तरीकों से छिपे रहते थे। पहचान होते ही ऐसे खातों को तत्काल बंद करने की कार्रवाई की जा सकेगी।
म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते होते हैं जिनका उपयोग साइबर अपराधी धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए करते हैं। अक्सर ये खाते निर्दोष नागरिकों के नाम पर खोले जाते हैं या उन्हें लालच देकर उनके खाते किराए पर लिए जाते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह का बयान
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि मोदी सरकार साइबर सुरक्षित भारत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा,