23 जुलाई 2026
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दहिसर में पीयूष गोयल ने किया 'सुविधा केंद्र' का उद्घाटन, उत्तर मुंबई की झुग्गियों को मिलेगी स्वच्छता और पेयजल सुविधा

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दहिसर में पीयूष गोयल ने किया 'सुविधा केंद्र' का उद्घाटन, उत्तर मुंबई की झुग्गियों को मिलेगी स्वच्छता और पेयजल सुविधा

सारांश

मुंबई के दहिसर में देश का 25वाँ 'सुविधा केंद्र' खुला — शौचालय, लॉन्ड्री और ₹1/लीटर पेयजल के साथ। पीयूष गोयल ने कहा, अगले तीन वर्षों में 100 और केंद्र बनेंगे, जिनका संचालन स्थानीय महिलाएँ करेंगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 8 जून 2026 को दहिसर, मुंबई में 'सुविधा केंद्र' का उद्घाटन किया।
यह उत्तर मुंबई का पहला और देशभर में इस पहल का 25वाँ सुविधा केंद्र है।
केंद्र में आधुनिक शौचालय, लॉन्ड्री सुविधा और ₹1 प्रति लीटर की दर पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।
हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचएसबीसी, जेएसडब्ल्यू और BMC के सहयोग से केंद्र विकसित किया गया।
अगले तीन वर्षों में 100 और सुविधा केंद्र स्थापित करने की योजना; संचालन स्थानीय महिलाओं के हाथों में होगा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 8 जून 2026 को मुंबई के दहिसर क्षेत्र में एक नए 'सुविधा केंद्र' का उद्घाटन किया। यह केंद्र झुग्गी बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को आधुनिक शौचालय, लॉन्ड्री सुविधा और मात्र ₹1 प्रति लीटर की दर पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएगा। उत्तर मुंबई का यह पहला और इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत देश का 25वाँ सुविधा केंद्र है।

सुविधा केंद्र में क्या-क्या मिलेगा

गोयल ने उद्घाटन समारोह में बताया कि इन केंद्रों में आधुनिक शौचालयों के साथ-साथ लॉन्ड्री सेवा और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। जल पुनर्चक्रण तकनीक के उपयोग से जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'शौचालय केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की गरिमा और सम्मान से जुड़ा विषय है।'

किसके सहयोग से बने ये केंद्र

यह पहल हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचएसबीसी, जेएसडब्ल्यू और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के संयुक्त सहयोग से शुरू की गई है। गौरतलब है कि इस तरह के सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल को शहरी स्वच्छता अभियानों में तेज़ी से अपनाया जा रहा है, जहाँ सरकारी संसाधनों की सीमाओं को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) से पूरा किया जाता है।

महिलाओं को रोज़गार, अगले तीन वर्षों में 100 और केंद्र

गोयल ने जानकारी दी कि अगले तीन वर्षों में ऐसे 100 और सुविधा केंद्र स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों का संचालन स्थानीय महिलाओं की भागीदारी से होगा, जिससे उन्हें रोज़गार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिलेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी महिला रोज़गार दर को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

झुग्गी पुनर्विकास तक का सेतु

गोयल ने स्वीकार किया कि झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग परिस्थितियों और मजबूरियों के कारण वहाँ जीवन बिताते हैं। उन्होंने कहा कि स्लम पुनर्विकास योजनाओं के ज़रिए हर झुग्गीवासी को पक्का और सम्मानजनक घर दिलाना लक्ष्य है, लेकिन जब तक यह लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं होता, तब तक बेहतर बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना आवश्यक है।

आम जनता पर असर

मुंबई में लाखों लोग अनौपचारिक बस्तियों में रहते हैं, जहाँ स्वच्छता और पेयजल की पहुँच सीमित है। यह केंद्र उन परिवारों के लिए तत्काल राहत का स्रोत बन सकता है जो खुले में शौच या दूषित जल पर निर्भर हैं। केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल मुंबई को स्वच्छ, सुविधाजनक और समावेशी शहर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 25 केंद्रों की तुलना में मुंबई की करोड़ों की झुग्गी आबादी के पैमाने को देखते हुए यह अभी भी नगण्य है। असली परीक्षा यह होगी कि 100 नए केंद्रों का वादा समयबद्ध तरीके से पूरा हो और महिला संचालकों को न्यूनतम आय की गारंटी मिले। जब तक स्लम पुनर्विकास की मूल समस्या हल नहीं होती, ये केंद्र राहत तो दे सकते हैं, स्थायी समाधान नहीं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दहिसर का 'सुविधा केंद्र' क्या है?
यह मुंबई के दहिसर में 8 जून 2026 को उद्घाटित एक सामुदायिक सुविधा केंद्र है, जो झुग्गी बस्तियों के निवासियों को आधुनिक शौचालय, लॉन्ड्री और ₹1 प्रति लीटर की दर पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराता है। यह देश का 25वाँ और उत्तर मुंबई का पहला ऐसा केंद्र है।
सुविधा केंद्र का संचालन कौन करेगा?
इन केंद्रों का संचालन स्थानीय महिलाओं की भागीदारी से किया जाएगा, जिससे उन्हें रोज़गार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिलेंगे। हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचएसबीसी, जेएसडब्ल्यू और BMC इस पहल के भागीदार हैं।
आगे कितने सुविधा केंद्र बनाए जाएँगे?
पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि अगले तीन वर्षों में 100 और सुविधा केंद्र स्थापित करने की योजना है। ये केंद्र मुंबई के विभिन्न हिस्सों में विकसित किए जाएँगे।
क्या ये केंद्र झुग्गी पुनर्विकास का विकल्प हैं?
नहीं। गोयल ने स्पष्ट किया कि स्लम पुनर्विकास योजनाओं के ज़रिए हर झुग्गीवासी को पक्का घर दिलाना अंतिम लक्ष्य है। ये सुविधा केंद्र उस लक्ष्य के पूरा होने तक एक अंतरिम व्यवस्था के रूप में काम करेंगे।
इन केंद्रों में पेयजल इतना सस्ता कैसे मिलेगा?
जल पुनर्चक्रण और आधुनिक तकनीक के उपयोग से लागत कम रखी जाएगी, जिससे ₹1 प्रति लीटर की दर पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह व्यवस्था जल संरक्षण को भी बढ़ावा देती है।
राष्ट्र प्रेस
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