दीपक सिंगला को ₹155 करोड़ बैंक फ्रॉड में ईडी ने किया गिरफ्तार, 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दीपक सिंगला को ₹155 करोड़ बैंक फ्रॉड में ईडी ने किया गिरफ्तार, 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर

सारांश

ईडी ने AAP नेता दीपक सिंगला को ₹155 करोड़ के बैंक फ्रॉड में गिरफ्तार किया। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की। बचाव पक्ष ने दस साल पुराने लेन-देन पर देर से हुई गिरफ्तारी को मनमाना बताया, जबकि ईडी ने ₹195 करोड़ के घोटाले और शेल कंपनियों का हवाला दिया।

मुख्य बातें

ईडी ने 18 मई 2026 को AAP नेता दीपक सिंगला को ₹155 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की; मंगलवार दोपहर 2 बजे तक पंचकूला कोर्ट में पेशी का आदेश।
ईडी के अनुसार कुल घोटाले की राशि ₹195 करोड़ ; पैसा शेल कंपनियों के जरिए स्थानांतरित किया गया।
बचाव पक्ष ने कहा — सीबीआई एफआईआर मई 2018 में, ईडी ईसीआईआर मार्च 2019 में दर्ज; लेन-देन 2015-2016 के हैं।
कोर्ट ने केस डायरी न लाने पर ईडी पर नाराज़गी जताई।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार, 18 मई 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दीपक सिंगला को ₹155 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने ईडी की अर्जी पर 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर करते हुए मंगलवार दोपहर 2 बजे तक सिंगला को पंचकूला कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान ईडी और बचाव पक्ष के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई।

बचाव पक्ष की दलीलें

सिंगला के वकील ने गिरफ्तारी को मनमाना बताते हुए कोर्ट में कई आपत्तियाँ दर्ज कराईं। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीबीआई की एफआईआर मई 2018 में और ईडी की ईसीआईआर मार्च 2019 में दर्ज हुई थी। वकील के अनुसार, जिन लेन-देन का हवाला दिया जा रहा है, वे 2015-2016 के हैं — यानी करीब दस साल पुराने।

बचाव पक्ष ने सवाल उठाया कि इतने वर्षों बाद ऐसा कौन-सा नया साक्ष्य सामने आया जिसके आधार पर गिरफ्तारी की गई। वकील ने तर्क दिया कि यदि यह सामग्री पहले से रिकॉर्ड में थी, तो एजेंसी को चार्जशीट दाखिल करने से पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की सुनवाई पहले से पंचकूला कोर्ट में चल रही है और वहाँ गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

इसके अलावा, बचाव पक्ष ने ईडी पर कोर्ट को गुमराह करने और तलाशी को गैर-कानूनी तरीके से अंजाम देने का आरोप भी लगाया।

ईडी का पक्ष

ईडी ने कोर्ट में गिरफ्तारी को पूरी तरह वैध ठहराया। एजेंसी के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जाँच अभी बाकी है, जिसके लिए सिंगला की हिरासत आवश्यक है। ईडी ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान बिना हिसाब का नकद और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद कर जब्त किए गए हैं।

एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में कुल ₹195 करोड़ का घोटाला हुआ और रकम को शेल कंपनियों के जरिए ठिकाने लगाया गया। ईडी के अनुसार, मुख्य आरोपी के खाते से सिंगला के खाते में भी धनराशि स्थानांतरित की गई थी। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी चार्जशीट में जाँच जारी रहने का उल्लेख है।

केस डायरी पर कोर्ट की नाराज़गी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ईडी से केस डायरी प्रस्तुत करने को कहा। ईडी ने कहा कि यह ट्रांजिट रिमांड की सुनवाई है, इसलिए केस डायरी साथ नहीं लाई गई, हालाँकि उसे स्कैन कर दिखाया जा सकता है। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना केस डायरी देखे रिमांड देना संभव नहीं है। कोर्ट ने ईडी से ऐसा कोई पूर्व फैसला प्रस्तुत करने को भी कहा जिसमें केस डायरी के बिना रिमांड दिए जाने की मिसाल हो।

आगे क्या होगा

कोर्ट के आदेश के अनुसार, ईडी को दीपक सिंगला को मंगलवार दोपहर 2 बजे तक पंचकूला कोर्ट में पेश करना होगा, जहाँ इस मामले की मुख्य सुनवाई पहले से जारी है। यह मामला राजनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है, क्योंकि सिंगला आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं और ईडी की कार्रवाई का समय विपक्ष में बहस छेड़ सकता है। अगली सुनवाई में रिमांड की अवधि और जाँच की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सात साल बाद की यह कार्रवाई महज़ जाँच की ज़रूरत है या राजनीतिक संकेत, यह बहस स्वाभाविक है। ईडी का ₹195 करोड़ का आँकड़ा ₹155 करोड़ की मूल एफआईआर से अलग है — इस अंतर की पारदर्शी व्याख्या अभी तक सामने नहीं आई। केस डायरी के बिना ट्रांजिट रिमांड माँगना प्रक्रियागत लापरवाही है, जिसे कोर्ट ने भी रेखांकित किया। AAP पर ईडी की बढ़ती कार्रवाइयों के संदर्भ में यह मामला एजेंसी की जवाबदेही और विपक्षी नेताओं पर जाँच के समय को लेकर राष्ट्रीय बहस को और तीखा करेगा।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपक सिंगला को ईडी ने किस मामले में गिरफ्तार किया?
ईडी ने दीपक सिंगला को ₹155 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार इस मामले में कुल ₹195 करोड़ का घोटाला हुआ और पैसा शेल कंपनियों के जरिए स्थानांतरित किया गया।
ट्रांजिट रिमांड क्या होती है और इसे क्यों माँगा गया?
ट्रांजिट रिमांड वह अल्पकालिक हिरासत होती है जिसमें एक न्यायालय से दूसरे न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आरोपी को स्थानांतरित करने की अनुमति ली जाती है। चूँकि मामले की मुख्य सुनवाई पंचकूला कोर्ट में है, ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट से 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड माँगी।
बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी पर क्या आपत्तियाँ उठाईं?
सिंगला के वकील ने कहा कि लेन-देन 2015-2016 के हैं और सीबीआई एफआईआर 2018 में दर्ज हुई थी, इसलिए इतने वर्षों बाद गिरफ्तारी मनमानी है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों एजेंसियों की जाँच लगभग पूरी हो चुकी है और ऐसे में हिरासत की कोई ज़रूरत नहीं थी।
कोर्ट ने केस डायरी को लेकर ईडी पर नाराज़गी क्यों जताई?
ईडी ट्रांजिट रिमांड की सुनवाई में केस डायरी साथ नहीं लाई और कहा कि उसे स्कैन कर दिखाया जा सकता है। कोर्ट ने इसे अपर्याप्त बताते हुए कहा कि बिना केस डायरी देखे रिमांड देना संभव नहीं, और ईडी से ऐसी पूर्व मिसाल प्रस्तुत करने को कहा जहाँ बिना केस डायरी के रिमांड दी गई हो।
अब दीपक सिंगला को कहाँ और कब पेश किया जाएगा?
राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश के अनुसार ईडी को दीपक सिंगला को मंगलवार दोपहर 2 बजे तक पंचकूला कोर्ट में पेश करना होगा। पंचकूला कोर्ट में ही इस मामले की मुख्य सुनवाई पहले से चल रही है और वहाँ गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 5 घंटे पहले
  3. 6 घंटे पहले
  4. 6 घंटे पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 7 महीने पहले