दीपावली से पहले नोएडा में खाद्य विभाग की छापेमारी: 850 किलो मिठाई नष्ट, 7 नमूने जाँच को भेजे
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 3 नवंबर 2026 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की मिठाई निर्माण इकाइयों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें 850 किलो से अधिक मिठाई — 400 किलो रसगुल्ले और 450 किलो बूंदी — को प्रदूषित एवं मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट या सीज किया गया। अभियान के दौरान कुल सात खाद्य नमूने प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सैना की टीम ने गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-121, नोएडा स्थित गणेश स्वीट की निर्माणशाला की जाँच की और बूंदी के लड्डू का एक नमूना संग्रहित किया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने बिलासपुर, दनकौर, ग्रेटर नोएडा स्थित सुंदर सिंह की मिठाई निर्माणशाला पर छापा मारा। वहाँ छेना और रसगुल्ले के एक-एक नमूने लिए गए तथा निर्माणशाला में रखे करीब 100 किलो रसगुल्लों में मक्खी और मच्छर पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसी टीम ने बाद में बिशनपुर, सेक्टर-58, नोएडा स्थित सोनू मिठाई निर्माणशाला का निरीक्षण कर बूंदी के लड्डू का एक नमूना लिया।
सबसे गंभीर मामला: सम्यक मिठाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने सेक्टर-62, रसूलपुर नवादा, नोएडा स्थित सम्यक मिठाई वाले की निर्माणशाला में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियाँ पाईं। यहाँ रसगुल्ले, बूंदी के लड्डू और बूंदी के एक-एक नमूने लिए गए।
निरीक्षण के दौरान करीब 450 किलो बूंदी सीज की गई और करीब 300 किलो रसगुल्ले मक्खी-मच्छर लगे होने तथा प्रदूषित अवस्था में पाए जाने के कारण नष्ट कराए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सुधार होने तक संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है और सुधारात्मक कदम पूरे होने तक कारोबार पर रोक लगा दी गई है।
विभाग की प्रतिक्रिया और निर्देश
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि दीपावली के दौरान मिठाइयों की माँग बढ़ने के मद्देनज़र मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण पर रोक के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छापेमारी और जाँच की कार्रवाई देर रात तक जारी रहेगी।
मिश्रा ने सभी मिठाई निर्माताओं और खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केवल लाइसेंसधारी या पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही सामग्री खरीदें, प्रत्येक खरीद का बिल अनिवार्य रूप से लें, और निर्माण तिथि, बैच नंबर व अन्य ज़रूरी जानकारियाँ जाँचें।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब दीपावली पर मिठाइयों की माँग अपने चरम पर होती है और लाखों परिवार उपहार-स्वरूप मिठाई खरीदते व भेजते हैं। मिलावट और अस्वच्छ निर्माण से सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है, विशेषकर बच्चों और बुज़ुर्गों को।
गौरतलब है कि हर वर्ष त्योहारी सीज़न में ऐसे अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन कानूनी कार्रवाई की दर और प्रयोगशाला रिपोर्ट के परिणाम ही यह तय करते हैं कि निरोधक प्रभाव कितना टिकाऊ साबित होगा।
क्या होगा आगे
संग्रहित सात नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद संबंधित इकाइयों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार दीपावली तक मिठाई निर्माण इकाइयों और खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जाँच जारी रहेगी।