3 नवंबर 2026
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दीपावली से पहले नोएडा में खाद्य विभाग की छापेमारी: 850 किलो मिठाई नष्ट, 7 नमूने जाँच को भेजे

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दीपावली से पहले नोएडा में खाद्य विभाग की छापेमारी: 850 किलो मिठाई नष्ट, 7 नमूने जाँच को भेजे

सारांश

दीपावली से ठीक पहले गौतमबुद्धनगर के खाद्य विभाग ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी कार्रवाई की — 850 किलो मिठाई नष्ट, 7 नमूने जाँच को भेजे और एक प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू। त्योहारी सीज़न में खाद्य सुरक्षा की यह कसौटी करोड़ों उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ी है।

मुख्य बातें

3 नवंबर 2026 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की मिठाई इकाइयों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की छापेमारी।
प्रदूषित पाए जाने पर 400 किलो रसगुल्ले नष्ट और 450 किलो बूंदी सीज — कुल 850 किलो मिठाई प्रभावित।
कुल 7 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे गए।
सम्यक मिठाई वाले, सेक्टर-62 का लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू; कारोबार पर अस्थायी रोक।
सहायक आयुक्त सर्वेश मिश्रा ने कहा — दीपावली तक नियमित जाँच अभियान जारी रहेगा।
निर्माताओं को निर्देश: केवल लाइसेंसधारी आपूर्तिकर्ताओं से सामग्री खरीदें, बिल अनिवार्य रखें।

गौतमबुद्धनगर के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 3 नवंबर 2026 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की मिठाई निर्माण इकाइयों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें 850 किलो से अधिक मिठाई — 400 किलो रसगुल्ले और 450 किलो बूंदी — को प्रदूषित एवं मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट या सीज किया गया। अभियान के दौरान कुल सात खाद्य नमूने प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सैना की टीम ने गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-121, नोएडा स्थित गणेश स्वीट की निर्माणशाला की जाँच की और बूंदी के लड्डू का एक नमूना संग्रहित किया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने बिलासपुर, दनकौर, ग्रेटर नोएडा स्थित सुंदर सिंह की मिठाई निर्माणशाला पर छापा मारा। वहाँ छेना और रसगुल्ले के एक-एक नमूने लिए गए तथा निर्माणशाला में रखे करीब 100 किलो रसगुल्लों में मक्खी और मच्छर पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसी टीम ने बाद में बिशनपुर, सेक्टर-58, नोएडा स्थित सोनू मिठाई निर्माणशाला का निरीक्षण कर बूंदी के लड्डू का एक नमूना लिया।

सबसे गंभीर मामला: सम्यक मिठाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने सेक्टर-62, रसूलपुर नवादा, नोएडा स्थित सम्यक मिठाई वाले की निर्माणशाला में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियाँ पाईं। यहाँ रसगुल्ले, बूंदी के लड्डू और बूंदी के एक-एक नमूने लिए गए।

निरीक्षण के दौरान करीब 450 किलो बूंदी सीज की गई और करीब 300 किलो रसगुल्ले मक्खी-मच्छर लगे होने तथा प्रदूषित अवस्था में पाए जाने के कारण नष्ट कराए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सुधार होने तक संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है और सुधारात्मक कदम पूरे होने तक कारोबार पर रोक लगा दी गई है।

विभाग की प्रतिक्रिया और निर्देश

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि दीपावली के दौरान मिठाइयों की माँग बढ़ने के मद्देनज़र मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण पर रोक के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छापेमारी और जाँच की कार्रवाई देर रात तक जारी रहेगी।

मिश्रा ने सभी मिठाई निर्माताओं और खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केवल लाइसेंसधारी या पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही सामग्री खरीदें, प्रत्येक खरीद का बिल अनिवार्य रूप से लें, और निर्माण तिथि, बैच नंबर व अन्य ज़रूरी जानकारियाँ जाँचें।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब दीपावली पर मिठाइयों की माँग अपने चरम पर होती है और लाखों परिवार उपहार-स्वरूप मिठाई खरीदते व भेजते हैं। मिलावट और अस्वच्छ निर्माण से सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है, विशेषकर बच्चों और बुज़ुर्गों को।

गौरतलब है कि हर वर्ष त्योहारी सीज़न में ऐसे अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन कानूनी कार्रवाई की दर और प्रयोगशाला रिपोर्ट के परिणाम ही यह तय करते हैं कि निरोधक प्रभाव कितना टिकाऊ साबित होगा।

क्या होगा आगे

संग्रहित सात नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद संबंधित इकाइयों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार दीपावली तक मिठाई निर्माण इकाइयों और खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जाँच जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

संरचनात्मक नहीं। असली सवाल यह है कि जिन सात नमूनों की जाँच भेजी गई है, उनकी रिपोर्ट कब आएगी और क्या दोषी इकाइयों पर अभियोजन तक की नौबत आएगी — या जुर्माने और लाइसेंस निलंबन के बाद मामला ठंडा पड़ जाएगा। जब तक साल भर की निगरानी और सख्त अभियोजन न हो, त्योहारी छापेमारी उपभोक्ताओं को स्थायी सुरक्षा नहीं दे सकती।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर में दीपावली से पहले खाद्य विभाग ने क्या कार्रवाई की?
3 नवंबर 2026 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की मिठाई निर्माण इकाइयों पर छापेमारी करते हुए 850 किलो मिठाई नष्ट या सीज की और 7 नमूने प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे। एक प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
किन मिठाई इकाइयों पर छापेमारी हुई?
गणेश स्वीट (सेक्टर-121, नोएडा), सुंदर सिंह की मिठाई निर्माणशाला (बिलासपुर, दनकौर, ग्रेटर नोएडा), सोनू मिठाई निर्माणशाला (सेक्टर-58, नोएडा) और सम्यक मिठाई वाले (सेक्टर-62, नोएडा) पर कार्रवाई की गई। इनमें से सम्यक मिठाई वाले का लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू हुई।
मिठाइयाँ क्यों नष्ट की गईं?
निरीक्षण के दौरान रसगुल्लों और बूंदी में मक्खी-मच्छर पाए गए और ये प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाई गईं। अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण की पुष्टि होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर ही इन्हें नष्ट कराया।
जाँच के लिए भेजे गए नमूनों का क्या होगा?
सात नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दोषी पाई गई इकाइयों के विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई होगी। रिपोर्ट में मिलावट या मानक उल्लंघन साबित होने पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई संभव है।
मिठाई खरीदते समय उपभोक्ता क्या सावधानी बरतें?
सहायक आयुक्त सर्वेश मिश्रा के अनुसार उपभोक्ताओं को लाइसेंसधारी और पंजीकृत प्रतिष्ठानों से ही मिठाई खरीदनी चाहिए। निर्माण तिथि, बैच नंबर और पैकेजिंग की जाँच करें तथा बिल अवश्य लें।
राष्ट्र प्रेस
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