11 अगस्त 2026
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दिल्ली अक्षरधाम में आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन 2026: CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च किए 4 नए टूरिज्म सर्किट

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दिल्ली अक्षरधाम में आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन 2026: CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च किए 4 नए टूरिज्म सर्किट

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अक्षरधाम में 4 नए आध्यात्मिक टूरिज्म सर्किट लॉन्च किए — यह फरवरी 2026 में शुरू हुए 4 हेरिटेज सर्किट के बाद दूसरी बड़ी पहल है। सद्‌गुरु जग्गी वासुदेव की मौजूदगी और अगले दिन इन्फ्लुएंसर टूर से सरकार की डिजिटल-फर्स्ट पर्यटन रणनीति साफ़ दिखती है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 11 अगस्त 2026 को अक्षरधाम मंदिर परिसर में चार नए टूरिज्म सर्किट लॉन्च किए।
कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु सद्‌गुरु जग्गी वासुदेव ने भाग लिया और अक्षरधाम के दर्शन किए।
नए सर्किट प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और अब तक कम चर्चित ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ते हैं।
12 अगस्त को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स को इन रूट्स की सैर कराई जाएगी।
दिल्ली सरकार फरवरी 2026 में भी चार हेरिटेज-कल्चरल सर्किट लॉन्च कर चुकी है।
बीएपीएस संस्था के प्रमुख महंत स्वामी महाराज और कार्यवाहक संत मुनिवत्सल स्वामी की कार्यक्रम में अहम भूमिका रही।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 11 अगस्त 2026 को अक्षरधाम मंदिर परिसर में आयोजित 'आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सम्मेलन 2026' में चार नए टूरिज्म सर्किट लॉन्च किए। दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजधानी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करना है।

सम्मेलन में क्या हुआ

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे हुआ। इसमें आध्यात्मिक गुरु सद्‌गुरु जग्गी वासुदेव ने भाग लिया और अक्षरधाम मंदिर के दर्शन कर मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा की सराहना की। पर्यटन विभाग के विशेष अधिकारियों, गणमान्य पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भी इस अवसर पर उपस्थिति दर्ज कराई। सम्मेलन के दौरान अक्षरधाम परिसर में एक विशेष 'हेरिटेज वॉक' भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने दिल्ली की स्थापत्य और सांस्कृतिक धरोहर की बारीकियों को करीब से जाना।

नए टूरिज्म सर्किट की विशेषताएँ

पर्यटन विभाग द्वारा लॉन्च किए गए ये चार नए सर्किट राजधानी के प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों के साथ-साथ उन ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों को भी आपस में जोड़ते हैं जो अब तक पर्यटन के नक्शे पर कम चर्चित रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि पर्यटक एक ही यात्रा में दिल्ली की समृद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का समग्र अनुभव कर सकें।

गौरतलब है कि फरवरी 2026 में दिल्ली सरकार पहले ही 'दिल्ली की धरोहर', 'दिल्ली का दिल और विरासत', 'दिल्ली का रहस्य' और 'दिल्ली देखो दिल से' नाम से चार हेरिटेज-कल्चरल सर्किट शुरू कर चुकी है। यह नई पहल उसी शृंखला का विस्तार है।

सोशल मीडिया और डिजिटल प्रसार

12 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स को इन नए रूट्स की सैर कराई जाएगी, जिसके बाद वीडियो, रील्स और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी। यह कदम युवा और डिजिटल-सक्रिय पर्यटकों तक इन सर्किट की पहुँच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

अक्षरधाम और बीएपीएस की भूमिका

अक्षरधाम मंदिर को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा 'विश्व के सबसे बड़े व्यापक हिंदू मंदिर' के रूप में मान्यता प्राप्त है। बीएपीएस संस्था के आध्यात्मिक प्रमुख महंत स्वामी महाराज ने सभी के उत्कर्ष, सुस्वास्थ्य और नीतिमय जीवन के लिए प्रार्थना की। बीएपीएस ने दिल्ली के अक्षरधाम सहित विश्वभर में 1,800 से अधिक मंदिरों और आध्यात्मिक केंद्रों का निर्माण किया है। कार्यक्रम में अक्षरधाम के कार्यवाहक संत मुनिवत्सल स्वामी की भी अहम भूमिका रही।

आम जनता पर असर

सरकार का मानना है कि इन सर्किट के लोकप्रिय होने से स्थानीय गाइड, परिवहन संचालक, रेस्तरां, दुकानदार और अन्य छोटे कारोबारियों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ेंगे। साथ ही पर्यटक दिल्ली में अधिक समय व्यतीत करने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। आने वाले महीनों में इन सर्किट की लोकप्रियता और पर्यटक संख्या पर नज़र रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यानी महज़ छह महीनों में आठ सर्किट। असली सवाल यह है कि इन्फ्लुएंसर टूर और सोशल मीडिया रील्स से परे, इन सर्किट पर वास्तविक पर्यटक संख्या और स्थानीय आर्थिक लाभ को मापने का कोई ठोस ढाँचा है या नहीं। अक्षरधाम जैसे विश्व-प्रसिद्ध स्थल को केंद्र बनाना सांकेतिक रूप से शक्तिशाली है, लेकिन कम चर्चित स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की चुनौती ज़्यादा बड़ी है — और उसका जवाब अभी बाकी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सम्मेलन 2026 क्या है?
यह दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा 11 अगस्त 2026 को अक्षरधाम मंदिर परिसर में आयोजित एक सम्मेलन है, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चार नए आध्यात्मिक टूरिज्म सर्किट लॉन्च किए। इसका उद्देश्य दिल्ली की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
दिल्ली के नए टूरिज्म सर्किट में क्या शामिल है?
ये चार नए सर्किट दिल्ली के प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और उन ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ते हैं जो अब तक पर्यटन के नक्शे पर कम चर्चित रहे हैं। पर्यटन विभाग का लक्ष्य है कि पर्यटक एक ही यात्रा में दिल्ली की समग्र धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का अनुभव कर सकें।
सद्‌गुरु जग्गी वासुदेव इस कार्यक्रम में क्यों शामिल हुए?
सद्‌गुरु जग्गी वासुदेव ने आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सम्मेलन 2026 में विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया और अक्षरधाम मंदिर के दर्शन कर उसकी आध्यात्मिक गरिमा की सराहना की। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को व्यापक आध्यात्मिक महत्व प्रदान किया।
दिल्ली सरकार ने इससे पहले कौन से हेरिटेज सर्किट लॉन्च किए थे?
फरवरी 2026 में दिल्ली सरकार 'दिल्ली की धरोहर', 'दिल्ली का दिल और विरासत', 'दिल्ली का रहस्य' और 'दिल्ली देखो दिल से' नाम से चार हेरिटेज-कल्चरल सर्किट शुरू कर चुकी है। 11 अगस्त के चार नए सर्किट उसी पहल का विस्तार हैं।
इन टूरिज्म सर्किट से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
सरकार का मानना है कि इन सर्किट के लोकप्रिय होने से स्थानीय गाइड, परिवहन संचालक, रेस्तरां, दुकानदार और छोटे कारोबारियों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ेंगे। पर्यटकों के दिल्ली में अधिक समय रुकने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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