दिल्ली में सेना तैनाती का झूठा दावा: भारतीय सेना के फैक्ट चेक ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना ने 20 जुलाई को एक आधिकारिक फैक्ट चेक जारी कर उन भ्रामक दावों को सिरे से खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के लिए सेना को तैनात किया गया है और उसने हथियारों का इस्तेमाल किया है। जाँच में यह स्पष्ट हुआ कि ये दावे पाकिस्तान से संचालित प्रोपेगेंडा हैंडलों द्वारा फैलाए जा रहे हैं।
क्या था झूठा दावा
सोशल मीडिया पर कुछ हैंडलों द्वारा यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि भारतीय सेना को नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध तैनात किया गया है, हथियारों का प्रयोग किया गया है और इसके परिणामस्वरूप कई लोगों की मौत व घायल होने की घटनाएँ हुई हैं। 'इंडियन आर्मी फैक्ट चेक' ने इन सभी दावों को भ्रामक और असत्य करार दिया।
रिपोर्टों के अनुसार, इन दावों को फैलाने के लिए नागरिक प्रदर्शनों के असंबंधित वीडियो, सेना की कथित तैनाती के मनगढ़ंत आरोप और हिंसक कार्रवाई के झूठे विवरण को एक साथ जोड़कर पेश किया गया। इसका उद्देश्य आम जनता में भय और भ्रम उत्पन्न करना तथा भारतीय सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना बताया गया है।
सेना का स्पष्टीकरण
फैक्ट चेक में स्पष्ट किया गया कि दिल्ली में प्रदर्शन की स्थिति को संभालने की संपूर्ण जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और अन्य निर्धारित कानून-व्यवस्था एजेंसियों की है। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान शामिल हैं। भारतीय सेना की दिल्ली में किसी भी प्रकार की तैनाती नहीं की गई है।
सेना ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जाँच करें और भ्रामक दावों से सतर्क रहें।
दिल्ली पुलिस की अपील
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने भी सभी प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की थी। पुलिस ने कहा था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से किए जाएँ और किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि से दूर रहा जाए।
दिल्ली पुलिस ने जनता को आगाह किया कि वे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल रही अफवाहों, गलत जानकारी या अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे प्रसारित करें। नागरिकों से अनुरोध किया गया कि वे केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
पाकिस्तान कनेक्शन और सूचना युद्ध
यह ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से भारत-विरोधी सूचना अभियान लगातार तेज होते देखे गए हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान से संचालित प्रोपेगेंडा नेटवर्क ने भारत की आंतरिक स्थिति को लेकर भ्रामक आख्यान गढ़ने की कोशिश की हो। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य आंतरिक असंतोष को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना और सुरक्षा बलों की विश्वसनीयता को कमज़ोर करना होता है।
भारतीय सेना की त्वरित फैक्ट चेक प्रतिक्रिया इस प्रकार के सूचना-युद्ध से निपटने की उसकी बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है। आगे भी ऐसे दावों पर नज़र रखी जाएगी और आधिकारिक खंडन जारी किए जाएँगे।