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पाकिस्तान की तबाही की जड़ उसकी सेना और ISI: पूर्व DGP एसपी वैद

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पाकिस्तान की तबाही की जड़ उसकी सेना और ISI: पूर्व DGP एसपी वैद

सारांश

जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद का सीधा बयान — पाकिस्तान की तबाही की असली जड़ उसकी सेना और ISI है। पीओजेके में उभरे पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शनों को उन्होंने 75 साल के झूठे नैरेटिव के ध्वस्त होने की निशानी बताया।

मुख्य बातें

पूर्व DGP एसपी वैद ने कहा कि पाकिस्तान की बर्बादी की जड़ वहाँ की सेना और ISI है।
पीओजेके में पिछले करीब 20 वर्षों में 10 प्रधानमंत्री बदले गए; वहाँ महंगाई चरम पर है और बुनियादी सुविधाएँ नदारद हैं।
SIPRI रिपोर्ट के अनुसार भारत का सैन्य खर्च 92.1 अरब डॉलर तक पहुँचा, जो पाकिस्तान से कहीं अधिक है।
भारत अब 60 से 70 प्रतिशत रक्षा उपकरण स्वदेश में तैयार कर रहा है।
2014 से अब तक 30 से 40 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए; भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना।
वैद ने निचले स्तर की नौकरशाही में औपनिवेशिक मानसिकता और भ्रष्टाचार खत्म करने की अपील की।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एसपी वैद ने 9 जून 2025 को श्रीनगर में पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में उभरे पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शनों, भारत के बढ़ते रक्षा खर्च और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल पर अपने विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की दुर्दशा और बर्बादी की असली जड़ वहाँ की सेना और खुफिया एजेंसी ISI है।

पीओजेके में विरोध प्रदर्शन: पाकिस्तान का झूठा नैरेटिव बेनकाब

पूर्व DGP वैद ने कहा कि पाकिस्तान पिछले 75 वर्षों से कश्मीर को लेकर दुनिया के सामने झूठा नैरेटिव पेश करता रहा है। उनके अनुसार, पीओजेके के भीतर और ब्रिटेन स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर हो रहे प्रदर्शनों ने इस दावे की पोल खोल दी है।

उन्होंने कहा, "जिन लोगों को पहले भारत-विरोधी प्रदर्शनों के लिए इस्तेमाल किया जाता था, आज वही लोग पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।" वैद के अनुसार, पीओजेके के लोग कोई असाधारण माँग नहीं कर रहे — वे केवल अपने बुनियादी अधिकार चाहते हैं।

पीओजेके में जनता की स्थिति

वैद ने आरोप लगाया कि पीओजेके में महंगाई चरम पर है, आटे और अन्य जरूरी सामान की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने कहा कि वहाँ के लोगों को बेहतर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य मूलभूत सुविधाएँ नहीं मिली हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना ने वर्षों में हजारों लोगों को जबरन गायब किया और आम जनता को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता तक नहीं दी। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 20 वर्षों में पीओजेके में 10 प्रधानमंत्री बदले गए, जबकि भारत के जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकारों ने अपना कार्यकाल पूरा किया।

भारत का रक्षा खर्च और आत्मनिर्भरता

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए वैद ने बताया कि भारत का सैन्य खर्च 92.1 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है, जो पाकिस्तान से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों को देखते हुए रक्षा खर्च बढ़ाना अनिवार्य है।

उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि अब लगभग 60 से 70 प्रतिशत रक्षा उपकरण देश में ही तैयार किए जा रहे हैं, जिससे लागत में कमी आई है और भविष्य में और बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है।

ईरान-इजरायल तनाव पर राय

ईरान-इजरायल तनाव पर वैद ने कहा कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है, तो यह पूरी दुनिया के लिए राहत की बात होगी। उनके अनुसार, इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहेगा और वैश्विक महंगाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्धविराम संबंधी पहल सफल हो।

मोदी के 12 वर्ष और नौकरशाही सुधार की अपील

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर वैद ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरे स्थान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से मोदी सरकार के कार्यकाल में 30 से 40 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

हालाँकि, उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी अपील की कि निचले स्तर की नौकरशाही में अभी भी औपनिवेशिक मानसिकता और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं। उनके अनुसार, यदि इस व्यवस्था में और सुधार किया जाए, तो देश के विकास को नई गति मिल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान देने योग्य है कि वैद के कथन एक पक्षीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं और स्वतंत्र सत्यापन की आवश्यकता है, विशेषकर पीओजेके में 'हजारों लोगों के गायब होने' जैसे गंभीर आरोपों के संदर्भ में। SIPRI के रक्षा खर्च के आँकड़े सार्वजनिक रिकॉर्ड पर आधारित हैं, लेकिन 30-40 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा विभिन्न मापदंडों पर विवादित रहा है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन बयानों को संदर्भ से काटकर पेश करती है — असली सवाल यह है कि क्या भारत की नीति पीओजेके के लोगों की वैध माँगों को कूटनीतिक लाभ में बदल पाएगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसपी वैद ने पाकिस्तान की सेना और ISI के बारे में क्या कहा?
पूर्व DGP एसपी वैद ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों की समस्याओं और बर्बादी की असली जड़ वहाँ की सेना और खुफिया एजेंसी ISI है। उनके अनुसार, पाकिस्तान में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर है और सेना का दबदबा कायम है।
पीओजेके में पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
वैद के अनुसार, पीओजेके में महंगाई चरम पर है, बुनियादी सुविधाएँ जैसे अस्पताल और शिक्षण संस्थान नदारद हैं, और सेना ने हजारों लोगों को जबरन गायब किया है। ब्रिटेन स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर और पीओजेके के भीतर हो रहे प्रदर्शन इन्हीं माँगों को लेकर हैं।
SIPRI रिपोर्ट के अनुसार भारत का रक्षा खर्च कितना है?
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार भारत का सैन्य खर्च 92.1 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है। वैद ने कहा कि यह पाकिस्तान से कहीं अधिक है और पड़ोसी देशों की चुनौतियों को देखते हुए यह खर्च जरूरी है।
मोदी सरकार के 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर वैद ने क्या कहा?
वैद ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2014 से अब तक 30 से 40 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब 60 से 70 प्रतिशत रक्षा उपकरण स्वदेश में तैयार हो रहे हैं।
वैद ने नौकरशाही सुधार को लेकर क्या अपील की?
वैद ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि केंद्र स्तर पर सुधार के बावजूद निचले स्तर की नौकरशाही में औपनिवेशिक मानसिकता और भ्रष्टाचार अभी भी बनी हुई है। उनके अनुसार, इस व्यवस्था में सुधार से देश के विकास को नई गति मिल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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