आतिशी की विधानसभा से अनुपस्थिति पर दिल्ली भाजपा का हमला, AAP पर उठाए गंभीर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा ने शुक्रवार, 7 अगस्त को विधानसभा सत्र में विपक्ष की नेता आतिशी की अनुपस्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला। भाजपा का कहना है कि यह अनुपस्थिति संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति AAP की घोर असंवेदनशीलता को उजागर करती है।
मुख्य आरोप: बजट सत्र में भी रहीं अनुपस्थित
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आतिशी और पूर्व मंत्री गोपाल राय विधानसभा के बजट सत्र में भी नदारद रहे थे। उन्होंने कहा कि यह लगातार अनुपस्थिति दिल्ली के मुद्दों के प्रति AAP के रवैये की बानगी है।
कपूर के अनुसार, आतिशी दिल्ली के करदाताओं के पैसे से मिलने वाले विशेषाधिकारों का लाभ उठाते हुए गोवा में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का स्वागत करने में व्यस्त हैं, जबकि गोपाल राय महीनों से गुजरात में चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं।
भाजपा की व्यापक आलोचना: 'अराजक पार्टी' का आरोप
कपूर ने आगे कहा कि भाजपा लगातार यह कहती रही है कि AAP एक अराजक पार्टी है, जिसके नेता केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए निराधार आरोप लगाना और सदन में व्यवधान उत्पन्न करना जानते हैं। उनका कहना था कि जब AAP सत्ता में थी, तब भी उसने रचनात्मक बहस में रुचि नहीं दिखाई, और विपक्ष में आने के बाद भी यह रवैया नहीं बदला।
उन्होंने कहा कि AAP अधिकतर ऐसे मुद्दे उठाती है जो सदन में बहस का सामना नहीं कर सकते, इसलिए पार्टी के नेता सदन से दूर रहना पसंद करते हैं।
मंत्री सिरसा की अपील: सार्थक बहस में हिस्सा लें
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने AAP विधायकों से अपील की कि वे राजनीतिक नौटंकी और निराधार आरोपों से बाज़ आएँ और इसके बजाय विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा में भाग लें। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहाँ जनता की आकांक्षाओं, विकास और जवाबदेही से जुड़े मामलों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
दिल्ली लक्ष्मी योजना पर सियासी दावा
सिरसा ने यह भी कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के लागू होने के बाद से विपक्ष पूरी तरह घबरा गया है। उनके अनुसार, महिलाओं की गरिमा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई इस योजना को जनता का भारी समर्थन मिला है, जिससे विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई ठोस राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा का सत्र जारी है और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। AAP की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में विधानसभा की कार्यवाही में दोनों पक्षों के बीच यह राजनीतिक टकराव और तेज़ होने की संभावना है।