दिल्ली हीटवेव: CM रेखा गुप्ता बोलीं — 13 जिलों में 2.65 लाख लोगों को राहत, जुलाई तक चलेगा अभियान
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 मई 2025 को कहा कि भीषण हीटवेव की चपेट में आई नई दिल्ली में सरकार बड़े पैमाने पर राहत अभियान चला रही है — 6 मई से 23 मई के बीच 13 जिलों में मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स के ज़रिए 2.65 लाख से अधिक लोगों तक सहायता पहुँचाई जा चुकी है। यह अभियान जुलाई 2025 तक जारी रहेगा और राजस्व विभाग की सीधी निगरानी में संचालित हो रहा है।
मुख्य राहत उपाय
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए 1,13,900 लीटर ठंडा पेयजल वितरित किया गया। इसके साथ ही 1 लाख से अधिक ORS पैकेट बाँटे गए। तेज धूप से बचाने के लिए 44,646 गमछे और 30,864 कैप भी नागरिकों को दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स के वाहनों की लोकेशन प्रतिदिन बदली जा रही है, ताकि अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और सबसे ज़रूरतमंद लोगों तक राहत सुनिश्चित हो सके।
कूलिंग जोन और लक्षित वर्ग
राजधानी के विभिन्न जिलों में विशेष कूलिंग जोन स्थापित किए गए हैं। सरकारी बयान के अनुसार, इन्हें खासतौर पर रिक्शा चालकों, निर्माण मज़दूरों, यात्रियों और खुले में काम करने वाले लोगों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहाँ लोग कुछ समय विश्राम कर गर्मी से राहत पा सकते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है और मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए हीटवेव की चेतावनी जारी की है।
सर्वाधिक प्रभावित ज़िले
अभियान के तहत उत्तर-पूर्वी, पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी और नई दिल्ली जिलों में सबसे अधिक लोगों तक सहायता पहुँचाई गई। ये वे क्षेत्र हैं जहाँ घनी आबादी और बाहरी श्रमिकों की बड़ी संख्या है।
मुख्यमंत्री का बयान
रेखा गुप्ता ने कहा, 'भीषण गर्मी के इस दौर में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ ज़मीन पर काम कर रही है ताकि किसी को भी गर्मी से परेशानी न हो। मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स और कूलिंग जोन जैसी पहलें सरकार की जनसेवा और मानवीय सोच को दर्शाती हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है। ज़रूरत के अनुसार राहत व्यवस्थाओं को और मज़बूत किया जाएगा।
आगे की योजना
गौरतलब है कि यह अभियान जुलाई 2025 तक चलाया जाएगा — यानी मानसून की दस्तक तक राहत तंत्र सक्रिय रहेगा। सरकार ने संकेत दिया है कि स्थिति की निरंतर समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन तैनात किए जाएँगे।