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दिल्ली हीट वेव एक्शन प्लान 2026 की समीक्षा: 4.73 लाख लोगों को राहत, मोबाइल वैन और कूलिंग सेंटर बढ़ाने के निर्देश

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दिल्ली हीट वेव एक्शन प्लान 2026 की समीक्षा: 4.73 लाख लोगों को राहत, मोबाइल वैन और कूलिंग सेंटर बढ़ाने के निर्देश

सारांश

भीषण गर्मी के बीच दिल्ली सरकार ने हीट वेव एक्शन प्लान 2026 की समीक्षा की — मोबाइल राहत इकाइयाँ अब तक 4.73 लाख लोगों तक पहुँच चुकी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कूलिंग सेंटर बढ़ाने और सभी विभागों को एकजुट होकर काम करने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 9 जून 2026 को DDMA बैठक में हीट वेव एक्शन प्लान 2026 की समीक्षा की।
मोबाइल हीट राहत इकाइयों ने अब तक 4.73 लाख से अधिक लोगों को सेवाएँ प्रदान की हैं।
शहर के 500 बस स्टॉप पर सुबह से शाम तक मुफ़्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
जीटीबी अस्पताल , जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन , शालीमार चौक और कालकाजी में कूलिंग ज़ोन स्थापित।
रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, मज़दूरों और बेघर लोगों के लिए राहत उपायों का दायरा बढ़ाने के निर्देश।
सार्वजनिक पार्कों में वॉटर एटीएम स्थापित करने की योजना प्रक्रियाधीन।

राजधानी नई दिल्ली में भीषण गर्मी और हीट वेव के बढ़ते खतरे के मद्देनज़र उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 9 जून 2026 को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की उच्चस्तरीय बैठक में 'हीट वेव एक्शन प्लान 2026' की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री आशीष सूद और प्रवेश वर्मा के साथ-साथ संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अब तक 4.73 लाख से अधिक नागरिकों को मोबाइल हीट राहत इकाइयों के ज़रिए सेवाएँ मिल चुकी हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद पहली बार दिल्ली के सभी ज़िलों में समन्वित रूप से हीट वेव राहत योजना लागू की गई है। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अब तक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली की विशाल आबादी को देखते हुए राहत उपायों का दायरा और विस्तृत करना अनिवार्य है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मोबाइल राहत वैन और कूलिंग सेंटरों की संख्या ज़रूरत के अनुसार बढ़ाई जाए। खास तौर पर रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, दिहाड़ी मज़दूरों, बेघर लोगों और बाज़ारों में काम करने वालों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

मुख्यमंत्री के निर्देश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कूलिंग सेंटरों पर कर्मचारियों की शिफ्ट बदलते समय विशेष सावधानी बरती जाए ताकि जनसेवा बाधित न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी पानी के मटके, कूलर और जल-पात्र समय-समय पर भरे जाते रहें, जिससे नागरिकों को कभी भी खाली जल सुविधाओं का सामना न करना पड़े।

उपराज्यपाल ने अंतर-विभागीय तालमेल पर ज़ोर देते हुए कहा कि नागरिकों को इससे कोई मतलब नहीं होता कि कौन-सा विभाग किस क्षेत्र के लिए जवाबदेह है — उन्हें केवल तत्काल राहत चाहिए। सभी एजेंसियों को एक टीम की तरह काम करने का निर्देश दिया गया।

राहत उपायों का विवरण

मोबाइल हीट राहत इकाइयों के माध्यम से लाखों लीटर पेयजल, बड़ी संख्या में ओआरएस पैकेट, सूती गमछे और सुरक्षात्मक टोपियाँ वितरित की गई हैं। जीटीबी अस्पताल, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन, शालीमार चौक और कालकाजी क्षेत्र जैसे प्रमुख स्थानों पर स्थापित कूलिंग ज़ोन में हज़ारों लोगों को राहत मिली है।

परिवहन व्यवस्था के तहत शहर के 500 बस स्टॉप पर सुबह से शाम तक मुफ़्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डों पर भी पानी और ओआरएस की व्यवस्था की गई है। दिल्ली जल बोर्ड ने पानी की कमी वाले इलाकों में बड़ी संख्या में टैंकर तैनात किए हैं।

स्वास्थ्य एवं श्रमिक सुरक्षा

स्वास्थ्य विभाग ने प्रमुख अस्पतालों में हीट वेव प्रभावित मरीज़ों के लिए विशेष वार्ड स्थापित किए हैं, जहाँ कूलिंग सुविधाओं के साथ त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं और अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।

आगे की योजना

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के कई खेल परिसरों में वॉटर कूलर और आरओ सिस्टम लगाए गए हैं। सार्वजनिक पार्कों में वॉटर एटीएम स्थापित करने की योजना पर भी काम जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और हीट वेव की चेतावनियाँ जारी हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी विभाग मिलकर राजधानी में गर्मी के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए अनवरत कार्यरत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

निर्देश जारी होते हैं, पर बेघर और अनौपचारिक मज़दूर अब भी सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। जब तक राहत वितरण का स्वतंत्र सत्यापन नहीं होगा और हीट-संबंधित मौतों का पारदर्शी डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, तब तक ये घोषणाएँ प्रशासनिक खानापूर्ति की तरह दिखती रहेंगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हीट वेव एक्शन प्लान 2026 क्या है?
यह दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) द्वारा भीषण गर्मी से नागरिकों को बचाने के लिए तैयार की गई समन्वित योजना है, जिसमें मोबाइल राहत वैन, कूलिंग सेंटर, मुफ़्त पेयजल और चिकित्सा सुविधाएँ शामिल हैं। इस बार पहली बार दिल्ली के सभी ज़िलों में एक साथ यह योजना लागू की गई है।
दिल्ली में अब तक कितने लोगों को हीट वेव राहत मिली है?
DDMA की समीक्षा बैठक में बताया गया कि मोबाइल हीट राहत इकाइयों ने अब तक 4.73 लाख से अधिक लोगों को सेवाएँ प्रदान की हैं। इनके ज़रिए लाखों लीटर पेयजल, ओआरएस पैकेट, सूती गमछे और सुरक्षात्मक टोपियाँ वितरित की गई हैं।
दिल्ली में कूलिंग सेंटर कहाँ-कहाँ बनाए गए हैं?
जीटीबी अस्पताल, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन, शालीमार चौक और कालकाजी क्षेत्र सहित कई प्रमुख स्थानों पर कूलिंग ज़ोन स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा DDA के खेल परिसरों में वॉटर कूलर और आरओ सिस्टम भी लगाए गए हैं।
हीट वेव से सबसे अधिक प्रभावित लोगों के लिए क्या विशेष उपाय किए गए हैं?
रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, दिहाड़ी मज़दूरों, बेघर लोगों और बाज़ारों में काम करने वालों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं और नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है।
दिल्ली में यात्रियों के लिए गर्मी से राहत की क्या व्यवस्था है?
शहर के 500 बस स्टॉप पर सुबह से शाम तक मुफ़्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डों पर पानी और ओआरएस की व्यवस्था की गई है, और दिल्ली जल बोर्ड ने पानी की कमी वाले इलाकों में टैंकर तैनात किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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