दिल्ली एलजी टीएस संधू ने युवा योजनाकारों से कहा — सुनियोजित शहर ही तय करेंगे भारत का भविष्य
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को युवा नगर नियोजकों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केवल सुनियोजित शहर ही भारत का भविष्य निर्धारित कर सकते हैं। विश्व आवास दिवस, विश्व नगर दिवस और विश्व नगर नियोजन दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज के नियोजन निर्णय आने वाली पीढ़ियों के आर्थिक अवसरों, पर्यावरणीय परिस्थितियों और जीवन गुणवत्ता की नींव रखेंगे।
मुख्य संदेश: एकीकृत दृष्टिकोण अपनाएँ
उपराज्यपाल संधू ने कहा कि आवास, परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुँच को अलग-अलग मसलों के बजाय एक समग्र दृष्टि से देखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमृत काल के विज़न को रेखांकित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि शहरी नियोजन केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है — यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए अवसर गढ़ने का काम है।
उन्होंने कहा कि शहर आर्थिक गतिविधियों, शिक्षा, नवाचार और रोज़गार के केंद्र हैं, जो प्रतिभा, उद्यम और विचारों को एक छत के नीचे लाते हैं। साथ ही उन्होंने चेताया कि तीव्र शहरीकरण भूमि, आवास, परिवहन, जल संसाधनों और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे पर भारी दबाव भी डालता है।
शहरी नियोजन की भूमिका और चुनौतियाँ
संधू के अनुसार, शहरी नियोजन का मूल उद्देश्य विकास को गति देते हुए समुदायों और भावी पीढ़ियों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने माना कि भारत का शहरी रूपांतरण जहाँ एक ओर असीम अवसर लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर यह गंभीर संरचनात्मक चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करता है, जिन्हें योजनाकारों को अभी से संबोधित करना होगा।
गौरतलब है कि भारत 2030 तक दुनिया की सबसे तेज़ी से शहरीकृत होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने वाला है, और यह सम्मेलन उस पृष्ठभूमि में आयोजित हुआ है जब देश के कई महानगरों में अव्यवस्थित शहरीकरण की समस्याएँ सामने आ रही हैं।
दिल्ली पुलिस पब्लिक स्कूल में छात्रों को संदेश
इसी दिन उपराज्यपाल संधू ने दिल्ली पुलिस पब्लिक स्कूल, सफदरजंग एन्क्लेव में अभिनंदन समारोह में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अनुराग कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि छात्रों को याद दिलाया गया कि परीक्षा परिणाम उनकी समग्र क्षमता का पैमाना नहीं होते। उन्होंने स्वतंत्र सोच, जिज्ञासा, प्रौद्योगिकी के ज़िम्मेदार उपयोग और स्वयं की क्षमताओं को पहचानने पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी के 'बड़े सपने देखो' के आह्वान से प्रेरित होकर उन्होंने छात्रों से असफलताओं को स्वीकार करने, महत्वाकांक्षी लक्ष्यों का पीछा करने और चरित्र, अनुशासन व सामाजिक जिम्मेदारी बनाए रखने का अनुरोध किया।
दिल्ली ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस बिल 2026 की समीक्षा
इससे एक दिन पहले, गुरुवार को उपराज्यपाल ने दिल्ली में नागरिकों पर अनुपालन का बोझ कम करने और व्यापार में सरलता लाने के लिए चल रहे सुधारों के दूसरे चरण की समीक्षा की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' और 'ईज़ ऑफ लिविंग' के विज़न को आगे बढ़ाते हुए विनियमन सरलीकरण के दूसरे चरण की अध्यक्षता की।
उन्होंने दिल्ली ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस बिल, 2026 को शीघ्र पारित कराने पर जोर देते हुए कहा कि इसमें 'निषिद्ध होने तक अनुमति' का ढाँचा लागू किया जाएगा, जो लालफीताशाही को कम कर तेज़, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन सुनिश्चित करेगा।
आने वाले हफ्तों में इस विधेयक की प्रगति और नगर नियोजन नीति पर एलजी के रुख से स्पष्ट होगा कि दिल्ली का शहरी भविष्य किस दिशा में जाएगा।