दिल्ली-एनसीआर में मानसूनी बारिश से गर्मी-उमस से राहत, IMD ने येलो अलर्ट जारी किया
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 3 जुलाई 2025 की सुबह मौसम का मिजाज अचानक पलट गया — दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ मानसूनी बारिश हुई, जिसने दिनों से जमी उमस और गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम का ताज़ा हाल
IMD के आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली में बुधवार को अधिकतम तापमान 33°C से 34.8°C के बीच दर्ज किया गया — जो पिछले कई दिनों की भीषण गर्मी की तुलना में उल्लेखनीय गिरावट है। विभाग का अनुमान है कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रहेगा। आसमान में बादल छाए रहेंगे, बीच-बीच में बारिश होगी और तेज हवाएँ भी चलती रहेंगी।
यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी के निवासी जून के अंत से लगातार उमस भरी गर्मी झेल रहे थे। IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में व्यापक बारिश की संभावना और बढ़ जाएगी।
उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश का अनुमान
उत्तराखंड में मानसून बुधवार तक पूरे राज्य में फैल गया। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून मंगलवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में दाखिल हुआ था। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें देहरादून सहित पाँच जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि संवेदनशील इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य दिक्कतें हो सकती हैं।
उत्तराखंड में बारिश के आँकड़े
मौसम केंद्र के आँकड़ों के अनुसार, बुधवार को देहरादून में 56 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जॉली ग्रांट में 52.5 मिमी, लक्सर में 49 मिमी, मसूरी में 43 मिमी, हल्द्वानी में 29.5 मिमी, रुद्रप्रयाग में 32.5 मिमी, पौड़ी गढ़वाल में 28.5 मिमी, कीर्तिनगर में 23.5 मिमी और खानपुर में 23 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। ये आँकड़े उत्तराखंड में मानसून की व्यापक और सक्रिय उपस्थिति को दर्शाते हैं।
आगे का मौसमी अनुमान
IMD के अनुसार, मौसमी सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है और इसके कई उत्तरी राज्यों के मौसम पर असर डालने की संभावना है। गौरतलब है कि इस वर्ष मानसून की प्रगति सामान्य से तेज रही है, जिससे उत्तर भारत में जल्द व्यापक राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तरी मैदानी इलाके में बारिश की गतिविधियाँ बढ़ने का अनुमान है।