दिल्ली नॉर्थ-वेस्ट पुलिस का 'ऑपरेशन राहत': 72 घंटे में 23 गिरफ्तार, ₹1.5 करोड़ के 390 चोरी के मोबाइल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस ने 4 से 6 अगस्त 2026 के बीच चलाए गए 'ऑपरेशन राहत' के तहत मात्र 72 घंटों में 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया और ₹1.5 करोड़ मूल्य के 390 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ यह अब तक का जिले का सबसे बड़ा एकल अभियान बताया जा रहा है, जिसमें करीब 150 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
अभियान का दायरा और बरामदगी
पुलिस के अनुसार, डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट आकांक्षा यादव की अगुवाई में चलाए गए इस ऑपरेशन में पुलिस स्टेशन स्टाफ और स्पेशल यूनिट्स की संयुक्त टीम ने डकैती, स्नैचिंग, चोरी और वाहन चोरी के गिरोहों को निशाना बनाया। गिरफ्तार 23 आरोपियों में सीसीएल (बाल अपराधियों से जुड़े), कुख्यात चोर, लुटेरे और स्नैचर शामिल हैं।
बरामदगी की सूची व्यापक है: 390 चोरी के मोबाइल फोन (अनुमानित मूल्य ₹1.5 करोड़), 66 चोरी के दोपहिया वाहन और कारें, 19 अवैध हथियार — जिनमें परिष्कृत हथियार और इलेक्ट्रिक पिस्टल भी शामिल हैं — तथा 21 चाकू। इसके अतिरिक्त, ₹62 लाख मूल्य की सोने और चाँदी की ज्वेलरी भी जब्त की गई।
चोरी के सोने से लोन लेने का नेटवर्क उजागर
डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि एक विशेष मामले में अकेले करीब ₹12 लाख की ज्वेलरी बरामद हुई। जाँच में सामने आया कि आरोपी चोरी का सोना गोल्ड फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर उस पर ऋण प्राप्त कर लेते थे। इस संगठित नेटवर्क से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह मामला इस लिहाज़ से उल्लेखनीय है क्योंकि यह स्ट्रीट क्राइम और वित्तीय धोखाधड़ी के बीच की कड़ी को उजागर करता है — एक ऐसा पहलू जो आमतौर पर इस तरह के अभियानों में सामने नहीं आता।
चोरी के मोबाइल के रिसीवर नेटवर्क पर कार्रवाई
पुलिस ने चोरी और छीने गए मोबाइल फोन के रिसीवर नेटवर्क पर भी शिकंजा कसा। जाँच में खुलासा हुआ कि आरोपी चोरी के फोन दिल्ली के एक डीलर मार्केट में बेचते थे, जहाँ से इन्हें तोड़कर स्पेयर पार्ट्स के रूप में आगे बेचा जाता था। पुलिस ने इस पूरे सप्लाई चेन से जुड़े रिसीवरों को भी गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि दिल्ली में चोरी के मोबाइल फोन का यह 'तोड़ो और बेचो' नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय रहा है, लेकिन इसके रिसीवरों तक पहुँचना अब तक चुनौतीपूर्ण रहा है।
पुलिस का दावा: अपराध में आई कमी
डीसीपी आकांक्षा यादव ने कहा कि 'ऑपरेशन राहत' का उद्देश्य सिर्फ आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि चोरी और लूट के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना था। उनके अनुसार, इस अभियान के बाद नॉर्थ-वेस्ट जिले में डकैती, स्नैचिंग और बैग स्नैचिंग जैसी घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
यह ऑपरेशन दिल्ली पुलिस के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है जिसमें जिला स्तर पर विशेष अभियानों के ज़रिये स्ट्रीट क्राइम पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले हफ्तों में बरामद मोबाइल फोन और वाहनों को उनके असली मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।