ऑपरेशन विश्वास: दिल्ली पुलिस ने 6 महीनों में 2,400 मोबाइल बरामद किए, कीमत ₹2.5 करोड़ से अधिक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत 1 अप्रैल से 30 जून 2025 की तिमाही में दक्षिण-पश्चिम जिले में 1,790 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस वर्ष के पहले छह महीनों में कुल 2,400 मोबाइल फोन नागरिकों को वापस लौटाए गए हैं, जिनकी अनुमानित कुल कीमत ₹2.5 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।
ऑपरेशन विश्वास: अभियान का ब्यौरा
दिल्ली पुलिस ने खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग, फील्ड वेरिफिकेशन और समन्वित जाँच का सहारा लिया। यह एक विशेष रिकवरी अभियान के रूप में संचालित किया गया, जिसमें थाना-स्तर की टीमों और एंटी-स्नैचिंग सेल ने मिलकर काम किया।
बरामद 1,900 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे जा चुके हैं। पूरे जिले के विभिन्न पुलिस स्टेशनों पर सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई।
बरामदगी के आँकड़े
कुल 2,400 मोबाइल फोन की बरामदगी में दो प्रमुख इकाइयों की भूमिका रही। एंटी-स्नैचिंग सेल ने 1,236 मोबाइल बरामद किए, जबकि पुलिस स्टेशन की टीमों ने 1,164 मोबाइल की वसूली की। इन सभी उपकरणों की संयुक्त अनुमानित कीमत ₹2.5 करोड़ से अधिक आँकी गई है।
ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई: अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दिल्ली पुलिस को 5 जुलाई को एक बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया और कुल 571.27 ग्राम स्मैक/हेरोइन बरामद की।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी फुरकान और तस्लीम उर्फ मुन्ना को पकड़ा गया। फुरकान के पास से 122.44 ग्राम संदिग्ध हेरोइन और तस्लीम के पास से 35.83 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की गई। इस सिंडिकेट में बरेली का एक सप्लायर भी शामिल बताया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस का कहना है कि ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। 'ऑपरेशन विश्वास' की सफलता को देखते हुए आने वाली तिमाहियों में भी इसी तरह के विशेष रिकवरी अभियान चलाने की योजना है, ताकि नागरिकों की चोरी-गई संपत्ति उन्हें वापस दिलाई जा सके।