दिल्ली में रिटायर्ड फार्मासिस्ट से ₹1.76 करोड़ की प्रॉपर्टी ठगी, 50 हजार इनामी आरोपी सोनीपत से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की द्वारका जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने 13 सितंबर 2026 को एक बड़े प्रॉपर्टी फ्रॉड मामले में 50 हजार रुपए के इनामी आरोपी को सोनीपत, हरियाणा से गिरफ्तार किया। आरोप है कि गिरफ्तार आरोपी ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज (67 वर्ष), जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है, ने तिहाड़ जेल से रिटायर्ड एक वरिष्ठ नागरिक फार्मासिस्ट की ₹1.76 करोड़ की पेंशन और रिटायरमेंट की जमा पूंजी जाली दस्तावेजों के ज़रिए हड़प ली। आरोपी करीब एक साल से फरार चल रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
डीसीपी द्वारका कुशल पाल सिंह के अनुसार, यह कार्रवाई फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। शिकायतकर्ता तिहाड़ जेल में फार्मासिस्ट के पद से रिटायर हुए एक वरिष्ठ नागरिक हैं। आरोप के अनुसार, 2024-2025 के दौरान प्रॉपर्टी डीलर ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज और उसके साथियों ने उन्हें प्लॉट दिलाने का झाँसा देकर नकली कागजात दिखाए और कई प्लॉट की धोखाधड़ी से बिक्री कर ₹1.76 करोड़ ठग लिए।
यह रकम पीड़ित की पेंशन और रिटायरमेंट की सम्पूर्ण जमा पूंजी बताई जा रही है। इस मामले में थाना रणहोला में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया, जिसके बाद न्यायालय से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) हासिल किए गए।
इनाम की घोषणा और विशेष टीम
3 सितंबर 2026 को पुलिस ने इस मामले में वांछित पाँच आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके बाद AATS द्वारका को इनामी अपराधियों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इंस्पेक्टर मनीष यादव के नेतृत्व में एसआई जितेंद्र, हेड कांस्टेबल सोनू, मनोज और महिला हेड कांस्टेबल ममता की एक विशेष टीम गठित की गई। यह पूरा ऑपरेशन एसीपी ऑपरेशंस सुभाष मलिक की देखरेख में संचालित किया गया।
ऑपरेशन और गिरफ्तारी
टीम ने 7 दिनों तक तकनीकी और मैनुअल निगरानी की। तकनीकी जानकारी और फील्ड वेरिफिकेशन के ज़रिए आरोपी का सुराग जुटाया गया। अंततः आरोपी का पता सोनीपत, हरियाणा में लगाया गया और 13 सितंबर 2026 को उसे वहाँ से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज अपने पुरुष और महिला रिश्तेदारों व साथियों के साथ मिलकर काम करता था। उसका तरीका था — प्रॉपर्टी डील के बहाने जाली दस्तावेज तैयार करना और बुजुर्गों की पेंशन राशि को विशेष रूप से निशाना बनाना।
कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी को कलंदरा के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है और मामले की आगे की जाँच चल रही है।
आम जनता पर असर
यह मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और रिटायर्ड कर्मचारियों को प्रॉपर्टी फ्रॉड गिरोह विशेष रूप से निशाना बनाते हैं। गौरतलब है कि जाली दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट की धोखाधड़ी दिल्ली-एनसीआर में तेज़ी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों को किसी भी प्रॉपर्टी डील से पहले दस्तावेजों की स्वतंत्र कानूनी जाँच अनिवार्य रूप से करानी चाहिए। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ यह मामला और स्पष्ट होने की उम्मीद है।